Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Dinesh Rana v. Sare Saamag Realty Private Limited
Complaint No. NCR145/11/65709/2020
- Decision date
- 2026-06-08
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 / 63 सपठित नियम-24 24-शिकायत WAT—NCR I45/I/65709/2020 दिनेश राणा बनाम सारे सामग रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 08.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री भव्या राणा उपस्थित हुई। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गय। शिकातयकर्ता द्वारा बताया गया कि उसको विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। gerd शकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 30.03.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. प्रस्तुत प्रकरण में वर्तमान समय में दी गयी धनराशि के रिफण्ड का अनुतोष निरस्त किया जाता है। 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 34.2.2022 तक ओ.सी /सी.सी. सहित फ्लैटस् का कब्जा दें और ta ero शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। यदि दिनांक 34.2.2022 फ्लैट का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता दिनांक 34.42.2022 के पश्चात् आवेदन कर जमा धनराशि वापस दिलाए जाने हेतु आवेदन कर सकता है। 3. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि सारणी Go सं०-2 के शिकायतकर्ता (अर्पण) के प्रकरण में वह प्रीई.एम.आई की धनराशि का भुगतान अनुबन्धानुसार ओ.सी / सी. सी सहित कब्जा ऑफर किये जाने की अवधि तक धनराशि का भुगतान शिकायतकर्ता को करना सुनिश्चित करें। हे —
4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20I6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 30.03.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 07.04. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.03.2022 के क्रम संख्या 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 20I6 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 30.03.2022 के क्रम संख्या 2 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र-रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 08.06.2026 के लिए संदर्भित की जाती है। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए।
अन्तर्गत .धारा-38 /40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश gel विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित re हो Ss निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 02.09.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण