Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Om Parkash Gambhir v. Agarwal Associates (Promoters) Limited
Complaint No. NCR145/11/124848/2024
- Decision date
- 2026-09-03
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
Source: UP RERA order
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर सुनवाई पीठ-2 कार्यवाही अन्तर्गत est 26-शिकायत WA—NCR 45//24848/2024 ओम प्रकाश गंभीर एवं श्रीमती अर्चना गंभीर बनाम अग्रवाल एसोसिएट्स (प्रमोटर्स) लिमिटेड दिनांक —03 /09 / 2026 आदेश-पत्र शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं एवं विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अरूण कुमार रॉय उपस्थित हुए। विपक्षी कम्पनी के अधिवक्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि प्रश्नगत शिकायत के सम्बन्ध में पक्षकारों के मध्य विधिपूर्ण अन्तिम समझौता हो गया है और अपने कथन के समर्थनउभयपक्षों के मध्य हस्ताक्षरित एवं निष्पादित रु400 /- के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर नोटराइज्ड समझौतानामा, दिनांकित 49.08.2026 की प्रति रेरा पोर्टल के कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड की गयी है। sad समझौतानामा के अवलोकन से यह विदित है कि veri के मध्य प्रश्नगत प्रकरण के सम्बन्ध में समझौता हो गया है। वर्णित स्थिति में प्रश्नगत प्रकरण को vad समझौतानामा के आधार पर अग्रिम कार्यवाही हेतु जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है तदनुसार wert शिकायत खारिज किये जाने योग्य है आदेश ५3 अतः समझौतानामा दिनांकित 49.08.2026 के आधार पर प्रश्नगत प्रकरण में धारा-34 के अन्तर्गत शिकायत निस्तारित करते हुए कार्यवाही समाप्त की जाती है। उपर्युक्त वर्णित समझौतानामा दिनांकित 49.08.2026 इस आदेश का अंश रहेगा। यदि विवादित सम्पत्ति के विषय में पूर्व में किसी न्यायालय या न््यायाधिकरण द्वारा कोई आदेश पारित किया गया यह आदेश स्वतः निष्प्रभावी होगा। है, तो
यदि विपक्षी द्वारा उपर्युक्त पक्षकारों के मध्य निष्पादित व हस्ताक्षरित समझौतानामा में वर्णित शर्तों का पूर्णतः अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा अधिनियम, 2046 की धारा-38, 40 एवं 63 के अन्तर्गत उपर्युक्त समझौतानामा के आलोक में पारित इस आदेश के क्रियान्वयन हेतु पुनः प्रार्थना-पत्र दायर करने के लिए स्वतंत्र होगा। यदि प्रमोटर द्वारा जमा धनराशि वापस करने अथवा कब्जा प्रदान करने में विलम्ब किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में आवंटी धनराशि वसूल होने अथवा कब्जा प्राप्त होने की तिथि तक विलम्ब अवधि के लिए रेरा अधिनियम एवं रेरा नियमावली के अन्तर्गत अनुमन्य ब्याज पाने का अधिकारी होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाए। तदनुसार पत्रावली दाखिल दफ्तर हो। Digitally signed HARISH © byHarisH TRIPATHI TRIPATHI vate: 2026.09.05 2:37:04 +05'30' हरीश त्रिपाठी (न्यायनिर्णायक अधिकारी / प्रत्यायोजित अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण