Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Shiv Prasad Dubey Renu Dubey v. Prateek Realtors India Private Limited
Complaint No. NCR145/11/102190/2022
- Decision date
- 2026-03-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 22-शिकायत PAT—NCR I45//0290/2022 शिव प्रसाद दुबे एवं रेनू दुबे बनाम प्रतीक Raced इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | yeaa शिकायत में माननीय पीठ-03 (पूर्व पीठ-02) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 04.04.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता से अवशेष देय धनराशि प्राप्त करके, शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट का कब्जा अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 जून, 2024 तक ओ.सी /सी. सी सहित देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2... विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.04.2024 से ओ.सी/ सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु. 62,33,874/— पर धरटा,२+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा।
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि Way होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। See 4. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 04.04.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 02.42. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.04.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है।
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 20:6 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 07.04.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार कब्जा व यूनिट की रजिस्ट्री कराये जाने की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 09.03.2026 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, SUR को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 04.04.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि wo 42,33,874/— पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 09.03.2026 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ--03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता यदि चाहे, तो विपक्षी द्वारा दाखिल जवाब के विरुद्ध अपनी आपत्ति एक माह के अन्दर दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु 04.08.2026 को पेश हो। Sn ae आर. th Rees (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण