Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Renu Dahiya v. Uppal Chadha Hi-Tech Developers Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/10/62878/2020
- Decision date
- 2026-08-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 // 63 सपठित नियम-24 24-शिकायत BA:—NCR |45/0/62878/2020 रेनू दहिया बनाम उप्पल चड्ढा हाई-टेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो armpit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री निखिल कुमार उपस्थित हए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता sf afta कुमार उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गयाँ*एवुं पत्रावली का अवलोकैन्न किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय We-00 द्वारा«नियमोनुसारूसुनवाई «के उपरान्त दिनांक 25.05.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये Tat 4. विपक्षी को आदेशित किया 'जाता है*कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर शीघ्रातिशीघ्र कब्जा तक ओ.सी/सी.सी. सहित देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक i8.42.20i6 से ओ.सी/सी.सी प्राप्त किये जाने की तिथि तथा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक, शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में McLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को ae दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. यदि दिनांक 30.:02022 तक कब्जा न मिले तो शिकायतकर्ता कब्जे हेतु रेरा में क्रियान्वयन हेतु आवेदन दे सकता है। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 25.05.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. ds—o7 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 29.06.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 25-05-2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 34-07-2026 8 पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की गणना कराकर निम्नानुसार कार्यवाही करें:- (क) यदि मा. अपीलीय अधिकरण से उप॑र्युक्त अप्रील संख्या: 284 /2023 के क्रम में रेरा प्राधिकरण के सम्बन्धित खातें*में कोई धनराशि प्राप्त हुई है, तो उसे तत्काल प्रार्थी / शिकायतकर्ता के खाते में स्थानांतरित wee gr धारा-3 के अन्तर्गत पारित आदेश के प्रस्तर-02 के अनुसार विपक्षीःद्बारा देय/विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि में घटाते हुए, अवशेष धनराशि की वसूली हेतु, नियमानुसार वसूली प्रमाण-पत्र जारी करायें। (ख) यदि मा. अपीलीय अधिकरण से उपर्युक्त अपील संख्या: 28 / 2023 के क्रम में रेरा प्राधिकरण के सम्बन्धित खाते में कोई धनराशि प्राप्त नहीं हुई है, तो ऐसी स्थिति में पीठ द्वारा ast के अन्तर्गत पारित आदेश के प्रस्तर-02 के अनुसार विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की समस्त धनराशि की वसूली हेतु, नियमानुसार वसूली प्रमाण-पत्र जारी करायें। तदोपरान्त पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि मा. sari अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 25-05-2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। अन्तर्गत धारा-38 /40,//63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. ve (पूर्व 4% tre—ory) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.06.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी की ओर से अपना जवाब डाक के माध्यम से रेरा कार्यालय में दाखिल किया गया है, जो पत्रावली पर उपलब्ध है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह जवाब की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करें। शिकायतकर्ता, विपक्षी को 04 माह के अन्दर आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान करना सुनिश्चित करें। यदि विपक्षी के जवाब के विरूद्ध कोई आपत्ति दाखिल करनी है, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.09.2026 को पेश हो। =n '&€& 9-५ आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण