Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
P.S.Mittal v. MR Proview Realtech Private Limited
Complaint No. NCR145/09/99480/2022
- Decision date
- 2026-03-12
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 ,/ 40 ,//63 सपठित नियम-24 24-शिकायत BEA—NCR 45/09/99480/2022 पी.एस. मित्तल बनाम एमआर प्रोव्यू रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 42.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मयंक उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री चेष्ठा भारद्वाज उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही examen विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रशनमत शिकायत में माननीय पीठ-04 (पूर्व पीठ-03) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 4.03.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन @ अन्दर शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट को आवंटन पत्र/विक्रय अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर पूर्णता/अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त कर शिकायतकर्ता से नियमानुसार अपेक्षित erg शुल्क प्राप्त कर उसके पक्ष में रजिस्ट्री कराकर कब्जा देना सुनिश्चित करें। 2. विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को 02-02-2046 से कब्जा प्रस्ताव पत्र प्रेषित किये जाने की तिथि तक की विलम्ब अवधि के लिए MCLRH% की दर से ब्याज देय होगा। 3. alfas—t9 महामारी को अनिवार्य बाध्यता मानते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक
25.09.2020 तक रोक अवधि (Moratorium Period) के लिए किसी भी पक्षकार द्वारा कोई ब्याज देय नहीं होगा। 4 ब्याज की धनराशि यूनिट के विक्रय मूल्य में समायोजित की जाएगी, समायोजन के पश्चात यदि कोई धनराशि शेष बचती है तो वह शिकायतकर्ता को वापस की जाएगी। —_ 5... शिकातयकर्ता पर यदि कोई धनराशि बकाया है तो शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को भुगतान किया जाएगा। शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई धनराशि विलम्ब से जमा की गई है तो रेरा अधिनियम की धारा-2 (»») के स्पष्टीकरण (i) के अनुसार विपक्षी भी शिकायतकर्ता से MCLRH% की दर से ब्याज पाने का अधिकारी होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि वह रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने पक्ष में पारित आदेश का क्रियान्वयन करा सके | 7. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 44.03.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया war) उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 40.42. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 44.03.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है।
उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 44.03.2024 G क्रम संख्या 4 के अनुसार कब्जा व यूनिट की रजिस्ट्री कराये जाने की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 42.03.2026 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र.रेरा को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 44.03.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 42.03.2026 से पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40 / 63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 40.42.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया eal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा ZS,
करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 44.06.2026 को पेश हो। — Ob ek आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण