Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Praveen Kumar Singh Sengar v. Lakshya Realinfra Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/09/2036/2019
- Decision date
- 2026-05-20
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 सपठित नियम-24 49-शिकायत PAW—NCR45/09/2036/209 प्रवीण कुमार सिंह सेंगर बनाम लक्ष्य रियलइंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 20.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अमित उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 20.02.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:-- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को पूर्व में तय दरों पर अपनी परियोजना के किसी अन्य टावर, जोकि पूर्ण कर ली गयी हो में, उनकी सहमति से समकक्ष इकाई का वैकल्पिक यूनिट का दिनांक 34.03.2020 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा दें अन्यथा शिकायतकर्ता की मूल आवंटित यूनिट को पूर्ण कराकर दिनांक 30.06. 2020 तक ओ. सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 30.04.2046 से दिनांक 30.04.20i6 तक 5 रूपये प्रतिवर्ग we प्रतिमाह की दर से व 0.05.20I6 से ओ. सी, सी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। SK 3, विपक्षी उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओसी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करे। 4... यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (800) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। 5... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 30.06.2020 तक कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिनांक 30.06.2020 के पश्चात् 60 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि MCLR# प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें| इस आदेश का Gest उठ्प्र० भूनसम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, ooi6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 20.02.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 28.05. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है fer ऐसी स्थिति में विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि शिकायतकर्ता से कब्जा दिये जाने की तिथि तक कोई मांग न की जाए एवं शिकायतकर्ता को विलम्बित अवधि का ब्याज अदा किया जाये। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.02.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया कि उसको कब्जा नहीं मिला है और न ही रजिस्ट्री हुई है। विपक्षी का यह कथन है कि शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध करा दिया गया है, केवल रजिस्ट्री होना शेष है, लेकिन विपक्षी द्वारा ऐसा कोई प्रमाण दाखिल नहीं किया गया है। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुगालन में एक माह के अन्दर शिकायतकर्ता को यूनिट कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें तथा कब्जा-पत्र एवं =“
रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने की स्थिति में शिकायतकर्ता आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दाखिल करें कि वह किस Mode से माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का निष्पादन कराना चाहता है, ताकि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 08.07.2026 को पेश हो। — —— --- आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण