Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Prem Narain Vijay v. Saya Homes Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/08/97918/2022
- Decision date
- 2026-05-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 48-शिकायत PAE—NCR45/08/979 8/2022 प्रेम नारायण विजय बनाम साया होम्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 48.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री अंजलि सिंह उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित-एवं पंजीकृत कराया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना में बुक की गई यूनिट का कब्जा प्राप्त न होने तथा यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा कब्जे एवं रजिस्ट्री हेतु अपनी शिकायत योजित की गई, प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-03 (पूर्व पीठ-02) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट को पित करते हुए अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 अप्रैल तक ओ.सी,/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय KT Yow प्राप्त नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2 विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 34.0.202 (पजेशन लेटर) के उपरांत से ओ. सी /सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु. 85,00,000 / पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। — 3. fauett को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा॥रना प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि RT लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 26.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,763 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 25.03. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.02.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 20:6 के नियम 24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 26.02 2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, GIR के समक्ष सुनवाई हेतु दिनाक 05.06.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, wu, पीठ द्वारा दिनांक 26.02.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 05.06.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि ys ty, 3. é eae) /प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत ors, दिनांकित 26.02.2024 का समयबद्ध रूप aay ८८.2, नहीं जा में ae की अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी CY, में रेश अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-3 द्वारा पारित आदेश दिनांक 25.03.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई।. ge
इस पीठ द्वारा विपक्षी को बार-बार आदेशित किये जाने के बावजूद भी ओ.सी JOR. सहित शिकायतकर्ता को कब्जा प्रस्ताव-पत्र नहीं भेजा गया है और न ही शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया। आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.02.2024 के अनुपालन में यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। विपक्षी को दिनांक os. 08.2025 को यह निर्देशित किया गया था कि:- “मामले की परिस्थितियों को देखते यह स्पष्ट आदेश पारित किया गया था कि नियम-24 की कार्यवाही लम्बित रहने के दौरान विपक्षी शिकायतकर्ता की यूनिट के सम्बन्ध में यथास्थिति बनाये रखें और किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित /हस्तांतरित न करें और न ही किसी तृतीय पक्ष का हित सर्जित we” लेकिन Vad आदेश के पश्चात भी विपक्षी द्वारा अपने जवाब में यह कहा गया कि शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट किसी तृतीय पक्ष को हस्तांतरित/आवंटित कर दी गई है और तृतीय पक्ष के नाम शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री भी कराई जा चुकी है। अत: ऐसी स्थिति में आदेश दिनांक 26.02.2024 में शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट को पुनर्स्थापित करते हुए ओ:सी:# सी.सी:-सहित कब्जा देने का आदेश पारित किया गया, लेकिन उसके पश्चात भी विपक्षी का यह कहना है कि शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री किसी तृतीय पक्ष के नाम की जा चुकी है। ऐसी स्थिति में माननीय रेरा पीठ-03 (पूर्व पीठ-02) द्वारा दिनांक 26.02.2024 का अनुपालन न होने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड /पेनल्टी अधिरोपित किया जाना आवश्यक होगा।
माननीय रेरा पीठ-03 द्वारा दिनांक 25.03.2025 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि:- ८: “यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं ay धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 26.02.2024 का समयबद्ध रूप से सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। ” अतः माननीय रेरा पीठ-03 द्वारा दिनांक 25.03.2025 के अनुसार प्रश्नगत पत्रावली धारा-63 के अन्तर्गत विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु वापस की जाती है। सम्बन्धित पीठ विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने तथा शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट पुनर्स्थापित कराने के उपरान्त यदि सम्बन्धित पीठ णः्.- पत्रावली इस पीठ को पुनः संदर्भित करती है, तो इस पीठ द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का विधिक कब्जा दिलाये जाने एवं रजिस्ट्री कराये जाने तथा माननीय रेरा पीठ द्वारा ee BRTRA आदेश दिनांक 26.02.2024 का अनुपालन कराने हेतु इस पीठ द्वारा अग्रिम कार्यवाही ey Cn की'जायेगी | = 8) आदेश रेरा पोर्टल पर अपलोड किया जाये। अतः प्रश्नगत पत्रावली सम्बन्धित पीठ पीठ के आदेश के निर्देशानुसार वापस की ae “= SS SYS (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण