Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nitin Kumar Som and Puspalata v. Shouryapuram-STPL B-111, SEC-5, NOIDA-201301 ASCENT
Complaint No. NCR145/08/79300/2021
- Decision date
- 2026-06-12
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 34-शिकायत BAT:—NCR 45/08/79300/202 नितिन कुमार सोम एवं पुष्पलता बनाम शौर्यपुरम-एसटीपीएल आदेश-पत्र दिनांक: 42.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मनीष अरोड़ा उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया war) yea शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 20.05.2022 को निम्नतत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. अतः: प्रतिवादी को आदेशित किया जाता है कि परिवादी की इकाई का अधिपत्य सक्षम स्तर से अधिपत्य प्रमाण-पत्र (0.2)/ सम्पूर्णता प्रमाण-पत्र (2.2) प्राप्त कर 45 दिन में प्रदान करते हुये परिवादी से बकाया धनराशि पुरानी दर से प्राप्त कर एवं नियमानुसार विधिक धनराशि प्राप्त कर लेने के पश्चात् विकय विलेख करवा कर अधिपत्य प्रदान करना सुनिश्चित करें तथा विलम्ब की अवधि के लिए स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया द्वारा निर्धारित MCLRH% सामान्य वार्षिक ब्याज की दर से केता-विकेता अनुबन्ध-पत्र में अधिपत्य दिये जाने की प्रस्तावित तिथि से उक्त परियोजना के ओ०्सी०/सी०्सी० की तिथि तक भुगतान करना सुनिश्चित ot) ब्याज की यह धनराशि अन्तिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। विलम्ब ब्याज की धनराशि भुगतान की धनराशि से अधिक होने की दशा में परिवादी को नियमानुसार वापस की जाये। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर परिवादी को वापस की जायेगी।
2. फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। बा 3. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20I6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 20.05.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 02.04. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः उपयुक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम 24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 42.06.2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 20.05.2022 के प्रस्तर-04 के अनुसार दिनांक 34.05.2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी » प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत oet—3t, दिनांक 23.42.2024 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित xr पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त मा. पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 02.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को pea की गई | पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को is दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। a शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 07.09.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण