Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Prateek Garg v. Ansal Housing Limited
Complaint No. NCR145/07/1533/2019
- Decision date
- 2026-09-03
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /“63 सपठित नियम-24 4—fSrerad संख्या:--700२]45/07/533/209 प्रतीक गर्ग बनाम अंसल हाउसिंग लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 03.09.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से प्रतिनिधि सी.ए. योगेश गोयल उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया .गया। विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.08.20i9 का अनुपालन नहीं किया गया है और विपक्षी को उक्त परियोजना/यूनिट का ओ.सी./सी.सी. भी प्राप्त नहीं है। इस कारण इस पीठ द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा नहीं दिलाया जा सका और रजिस्ट्री नहीं कराई जा सकी और प्रश्नगत पत्रावली दिनांक 09.02.2026 को सम्बन्धित पीठ को विपक्षी के विरुद्ध कार्यवाही हेतु वापस भेजी गई और ओ.सी. /सी.सी. के सम्बन्ध में कार्यवाही के लिए कहा गया, लेकिन सम्बन्धित पीठ द्वारा कोई कार्यवाही इस सम्बन्ध में नहीं की गई और पत्रावली पुनः इस पीठ को यह कहते हुए संदर्भित कर दी कि नियम-24 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन कराया जाये। आज सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के प्रतिनिधि श्री सी.ए. योगेश गोयल द्वारा यह कहा गया कि प्रश्नगत पत्रावली फुटबॉल बनी हुई है, कभी इस पीठ को भेजी जा रही है और कभी उस पीठ को भेजी जा रही है।
इस पीठ द्वारा दिनांक 09.02.2026 को विस्तृत आदेश नियम-24 एवं आदेश-2॥ सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए रेरा प्राधिकरण द्वारा पारित कार्यालय आदेश पत्रांक संख्या-3839 / यूपी.रेरा / प्रशा. // 2025--2026 दिनांक 28.08.2025 के अनुसार सम्बन्धित पीठ को भेजी गयी थी। सम्बन्धित पीठ द्वारा कोई कार्यवाही न करते हुए, यहाँ तक कि विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी भी अधिरोपित SA नहीं की गई और विपक्षी की उपस्थिति भी सुनिश्चित नहीं की गई और प्रश्नगत पत्रावली पुनः इस पीठ को भेज दी गयी। ह आज सुनवाई के दौरान क्योंकि विपक्षी अनुपस्थित है। विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.08.20i9 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ता को यदि इस पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 09.02.2026 या सम्बन्धित पीठ द्वारा पारित किसी भी आदेश से कोई शिकायत है, तो उसके लिए वह नियमानुसार माननीय उ.प्र. भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण या मा. उच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही करने हेतु स्वतंत्र है।
सम्बन्धित पीठ द्वारा पारित अपने आदेश दिनांक 25.05.2026 में इस पीठ को यह निर्देशित किया गया है कि प्रस्तुत प्रकरण में आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए आदेश का अनुपालन कराया जाये, जबकि इस पीठ द्वारा अपने दिनांक 09.02.2026 को स्पष्ट रूप से seers किया गया था कि ओ.सी. 2सी.सी. विपक्षी के पास नहीं है। अतः ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को वैधानिक कब्जा नहीं दिलाया जा सकता है। यह भी उल्लेखनीय है कि रेरा प्राधिकरण द्वारा आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत विपक्षी / कम्पनी के डायरेक्टर की गिरफ्तारी हेतु और उसे सिविल कारागार में निरुद्ध कराकर आदेश का निष्पादन कराने हेतु कोई अधिकारी / कर्मचारी / अमीन / बेलिफ नियुक्त नहीं किया गया है, जिसे कि सिविल गिरफ्तारी हेतु अधिपत्र जारी किया जा सके और न ही इस सम्बन्ध में कोई एस.ओ. पी / कार्यालय आदेश रेरा प्राधिकरण की है। अतः शिकायतकर्ता यदि चाहे, तो स्पष्ट रूप से आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र शपथ-पत्र के साथ एक माह के अन्दर रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में प्रस्तुत करें कि वह किस Mode से आदेश का निष्पादन कराना चाहता है, ताकि प्रश्नगत प्रकरण में आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जा सके और प्रार्थना-पत्र की प्रति विपक्षी को भी ई-मेल के माध्यम से प्रेषित करना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 02.44.2026 को पेश हो। = _ आर. पी. सिह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण