Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sanjeev Kumar Teotia v. Project Category-Un-Register Uppal Chadha Hi-Tech Developers Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/07/1432/2019
- Decision date
- 2026-05-20
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 24-शिकायत BM—NCRI45/07/432/209 संजीव कुमार तेवतिया बनाम उप्पल चड्ढा हाई-टेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 20.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉनन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अमित उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 28.44.2049 को tad आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता को ओ.सी/ सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें एंव देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। 2. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह दिनांक 22.0.205 से दिनांक 30.04. 20i6 तक 5/— रुपये प्रति वर्ग फूट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 07.05.20:6 से ओ.सी. /सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर निमयानुसार वापस की जायेगी।
3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। ब्याज की दर MCLRH प्रतिशत होनी चाहिए। — 4. इस आदेश का उल्लघंन उठप्र० भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 28.4.20:9 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 25.08. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह आदेश व अनुबन्ध के कम में विपक्षी द्वारा की गयी गणना की एक बार पुनः गणना करा लें। तत्पश्चात् पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 28.44.2049 के अनुसार विलम्बित अवधि के अवशेष ब्याज (यदि कोई हो) का वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित Hy | तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित आदेश दिनांक 06.02.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.08.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण