Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Abhinav Garg v. Rise Projects Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/06/96102/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddh Nagar Hearing Bench - Adjudicating Officer Proceedings under Sections 38, 40 and 63 read with Rule 24 49 - Complaint WSIT - NCR 45/06/96 02/2022 Abhinav Garg v. Rise Projects Private Limited ORDER SHEET Date: 40.40.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was presented. When called, learned advocate Shri Atul Kumar appeared for the complainant. Learned advocate Shri Puneet Jain appeared for the opposite party. Both parties were heard and the file was perused. The complainant stated that the opposite party has not yet given possession of the unit, and has neither executed nor registered the conveyance deed. In the complaint, after hearing as per the rules, the Hon'ble Bench-04 passed the following orders on 26.42.2022: 4. The opposite party is directed to complete all facilities of the complainants' units as per the allotment letter/agreement, ensure possession with OC/CC by 30.06.2023, and get the registry executed as per rules on receipt of the payable stamp duty [?].
2. The opposite party shall ensure payment to the complainant of interest at MCLR+H [?] per cent on the amount deposited by the complainant himself, from 04.03.2020 until the date OC/CC or the offer of possession is made. This interest amount shall be adjusted against the final payment amount. If the interest amount exceeds the amount due, it shall be returned to the complainant. Having regard to the force majeure period, interest shall not be calculated for the delay in the project from 25.03.2020 to 25.09.2020. Also, if the complainant has any overdue amounts (Over Dues), interest for this period shall not be payable on them. In the cases of the other complainants, calculation shall be made in accordance with the allotment letter/agreement, in line with the above. 3. The opposite party is further directed that, under Section 2 (ali) of the Real Estate (Regulation and Development) Act, 2046, if after RERA came into force a promoter takes any interest rate from an allottee for default, the same rate of interest shall also be paid to the allottee when the promoter defaults. Therefore, on delayed payment, the complainant shall also pay interest at the rate of MCLR+H [?] per cent. If any amount has been taken from the allottee for delay at a higher rate after RERA came into force, the interest for the delayed period shall also be calculated at the same rate.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 /63 सपठित नियम-24 49-शिकायत WSIT—NCR 45/06/96 02/2022 अभिनव गर्ग बनाम राइज प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड . आदेश-पत्र दिनांक: 40.40.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रांवली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। gemma शिकायत में माननीय पीठ-04 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.42.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण की यूनिट्स समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2023 तक ai. सी.//सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय KPT Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.03.2020 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर MCLR+H प्रतिशत ब्याज अंदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु व्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र /अनुबन्ध फे अचुरूप उपरोफ़ायुरार गणगा की जायेगी। 4 “th 3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2 (ali) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित aah हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। 5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अत्त्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेगें | विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 26.42.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्था-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-2 (पूर्व पीठ-4) द्वारा दिनांक 22.07.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 40-40-2025 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रश्नगत प्रकरण में पारित आदेश दिनांक 26.42.2022 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 30-09-2025 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें | यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत oei-3t, दिनांक 26.:2.2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न करायें जाने के करण मा. पीठ-2 (पूर्व पीौठ-4) द्वारा पारित आदेश दिनांक 22.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ को प्रथम बार पेश हुई। ~y विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया eal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 26.42. 2025 को पेश हो | आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण