Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Bhupender Singh Negi v. Saya Homes Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/06/95833/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2024-05-20
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। आदेश अन्तर्गत धारा-34, पीठ-2 पूर्व (पीठ-4) उपस्थिति :- श्री टी० वेंकटेश, सदस्य शिकायत संख्या:- NCRI45/06/95833/2022 भूपेन्द्र सिंह नेगी बनाम साया होम्स प्राइवेट लिमिटेड प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरुद्ध विलम्बित अवधि के ब्याज सहित यूनिट का कब्जा दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है।
संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना Saya Gold Avenue (Phase 2) में यूनिट संख्या- $6-2, FLAT NO 903 बुक करायी गयी थी। यूनिट का कुल मूल्य 89,04,260,/- रुपये था, जिसके सापेक्ष उनके द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 84,59,056 //- रुपये का भुगतान विपक्षी को किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी की परियोजना विलम्बित है, परन्तु विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यह सूचित किया गया है कि उनके द्वारा जनवरी 2022 में प्रश्नगत परियोजना के सापेक्ष पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा चुका है। शिकायतकर्ता की प्रश्नगत यूनिट का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है, जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को विभिन्न तिथियों पर ई-मेल प्रेषित किये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा wera यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण कर शिकायतकर्ता को कब्जा हेतु प्रस्ताव पत्र प्रेषित नहीं किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि परियोजना में विलम्ब हेतु माननीय न्यायनिर्णायक पीठ के समक्ष क्षतिपूर्ति दिलाये जाने हेतु शिकायत योजित की गयी थी, जिसकी शिकायत Gear &07/४टार45/0/67780/202। थी। जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण अधिनियम की धारा-34 के अन्तर्गत विपक्षी के विरुद्ध यह शिकायत कब्जा दिलाये जाने हेतु दर्ज करायी गयी है। शिकायतकर्ता की ओर से अपने कथन के समर्थन में मांग पत्र की प्रति, अनुबन्ध पत्र दिनांकित 42.02.208 की प्रति, जमा धनराशि की wie, आदि अभिलेखों की छायाप्रतियाँ दाखिल की गयी हैं।
विपक्षी द्वारा प्रतिवाद पत्र दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत परियोजना Saya Gold Avenue (Phase 2) में टावर संख्या- SG-2 में फ्लैट संख्या- 903 बुक करायी गयी थी, जिसके सापेक्ष यूनिट का कुल मूल्य 8,9i,242/- रुपये था, जिसके सापेक्ष उनके द्वारा 75,52,729 /- ol व On रुपये का भुगतान विपक्षी को किया गया। विपक्षी का यह भी कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 04.04.2024 को न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष योजित की गयी थी, जिसकी शिकायत संख्या- ADI/NCRI45/0I/67780/202 योजित की गयी थी, जिसमें आदेश दिनांक 20.05.2024 के अनुसार शिकायतकर्ता को विलम्बित कब्जे के रूप में क्षतिपूर्ति परियोजना से सम्बंधित ओ.सी /सी.सी प्राप्त किये जाने तक दी गयी है, जिसके कम में रेरा प्राधिकरण द्वारा दिनांक 22.04.2022 को 44,04,442//-रूपये की धनराशि प्राधिकरण द्वारा जारी वसूली प्रमाण के स्वरूप विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त परियोजना में विलम्ब होने के मुख्य कारण एन.जी.टी द्वारा पारित आदेश तथा कोविड-49 महामारी के कारण परियोजना विलम्बित हुई। उपरोक्त कथन के आधार शिकायतकर्ता की प्रश्नगतत शिकायत को खारिज किये जाने का अनुरोध किया गया है। उभयपक्ष के तर्कों को सुना गया व पत्रावली का अवलोकन किया गया, जिसके आधार पर निम्नलिखित वाद बिन्दु विचरित किये जाते हैं :- 4. क्या शिकायतकर्ता को प्रश्नगत यूनिट का कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाये? यदि हाँ तो ब्याज की दर क्या होगी ? निस्तारण बिन्दु We
बिन्दु Wear इस आशय से विचरित किया गया है कि क्या शिकायतकर्ता को प्रश्नगत यूनिट का कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाये ? यदि हाँ तो ब्याज की दर क्या होगी ? शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि विपक्षी की परियोजना विलम्बित है, परन्तु विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यह सूचित किया गया है कि उनके द्वारा जनवरी 2022 में प्रश्नगत परियोजना के सापेक्ष पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया जा चुका है। शिकायतकर्ता की प्रश्नगत यूनिट का निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है, जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को विभिन्न तिथियों पर ई-मेल प्रेषित किये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा प्रश्नगत यूनिट का निर्माण कार्य पूर्ण कर शिकायतकर्ता को कब्जा हेतु प्रस्ताव पत्र प्रेषित नहीं किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि परियोजना में विलम्ब हेतु माननीय न््यायनिर्णायक पीठ के समक्ष क्षतिपूर्ति दिलाये जाने हेतु शिकायत योजित की गयी थी, जिसकी शिकायत संख्या- ADI/NCR45/0/67780/202 थी। अतः शिकायतकर्ता द्वारा कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। इस पर विपक्षी द्वारा जवाब दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रश्नगत परियोजना Saya Gold Avenue (Phase 2) में टावर संख्या- $6-2 में फ्लैट संख्या- 903 बुक करायी गयी थी, जिसके सापेक्ष यूनिट का Oe
कुल मूल्य 8,9,242,//- रुपये था, जिसके सापेक्ष उनके द्वारा 75,52,729 /- रुपये का भुगतान विपक्षी को किया गया। विपक्षी का यह भी कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 04.04.2024 को न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष योजित की गयी थी, जिसकी शिकायत संख्या- ADJ/NCR45/0/67780/2024 योजित की गयी थी, जिसमें आदेश दिनांक 20.05.2024 के अनुसार शिकायतकर्ता को विलम्बित कब्जे के रूप में क्षतिपूर्ति परियोजना से सम्बंधित ओ.सी /सी.सी प्राप्त किये जाने तक दी गयी है, जिसके कम में रेरा प्राधिकरण द्वारा दिनांक 22.04.2022 को 44,04,442//-रूपये की धनराशि प्राधिकरण द्वारा जारी वसूली प्रमाण के स्वरूप विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को भुगतान किया जा चुका है| उपरोक्त कथन के आधार शिकायतकर्ता की wera शिकायत को खारिज किये जाने का अनुरोध किया गया है प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा wed यूनिट के सम्बन्ध में एक अन्य शिकायत (शिकायत संख्या)-- ADI/NCR45/0(/67780/202i “भूपेन्द्र सिंह नेगी बनाम साया होम्स प्रा.लि.” न्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष योजित की थी, जिसमें न्यायनिर्णायक अधिकारी द्वारा दिनांक 20.05.2024 को निम्न आदेश पारित किये गये / शिकायतकर्ता , विपक्षी से दिनांक 07.042079 से at सी, सीसी के साथ कब्जा ऑफर पत्र जारी होने के दिनांक तक अदा की TH कुल धनराशि 8459056,“-रूपये में से (ate कोड धनराशि err को रुप में ली गयी हो तो उसे घटाकर अवशेष FRR) पर स्टेट बैंक ऑफ sea की ब्याज MCLR+ की ate की दर पर ग्रतिकर wa om, क्योंकि ओसी,सीसी के साथ कब्जा ऑफ़र पत्र जारी की तिथि अनिश्चित & इसलिए इस आदेश के दिनाक तक का ग्रतिकर विपक्षी 45 दिन में अदा करेया/ ”
उपरोक्त से यह स्पष्ट है कि न्यायनिर्णायक अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता को विलम्बित अवधि के सम्बन्ध में ब्याज/क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है, जिसके कम में प्राधिकरण द्वारा दिनांक 22.0:.2022 को शिकायतकर्ता के पक्ष में कब्जे में हुए विलम्ब के लिए t4,0i,2:2/—-wd धनराशि का वसूली प्रमाण पत्र भी जारी किया जा चुका है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा wera शिकायत में भी विलम्बित अवधि के सम्बन्ध में ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। वर्णित स्थिति में विलम्बित अवधि के सम्बन्ध में पुनः कोई आदेश पारित किया जाना न्यायोचित न होगा। प्रश्नगत प्रकरण में पत्रावली पर ऐसा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यह विदित हो सके कि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को प्रश्नगत यूनिट का भौतिक कब्जा दिया जा चुका हो। ऐसे में उचित होगा कि विपक्षी, शिकायतकर्ता के पक्ष में रजिस्ट्री निष्पादित कराते हुए wed यूनिट का भौतिक कब्जा शीघ्र उपलब्ध करायें। qaqa बिन्दु संख्या-4 निस्तारित किया जाता है। जहाँ तक शिकायतकर्ता द्वारा मानसिक उत्पीड़न व कष्ट कष्ट तथा वाद व्यय हेतु क्षतिपूर्ति दिलाये जाने का प्रश्न है, तो रेश अधिनियम की धारा-74 के अनुसार धारा-42,4,48 व १9 में क्षतिपूर्ति के आधार दिये गये है, जिनमें मानसिक उत्पीड़न व कष्ट तथा वाद व्यय सम्मिलित नहीं है। अतः क्षतिपूर्ति निर्धारण हेतु प्रकरणों को एडज्यूडिकेटिंग ऑफिसर को सन्दर्भित करने का कोई औचित्य नहीं है। उपरोक्त बिन्दु का निस्तारण करते हुए निम्न आदेश पारित किये जाते है। आदेश L. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.08.2024 तक aint.
JOM, सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ता से ca KT शुल्क (यदि कोई अवशेष हो) प्राप्त कर नियमानुसार, रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता के पक्ष में 2. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। 3. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा Wat | ८2, ble {du टी० वेंकटेश (सदस्य) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण