Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Shailendra Singh v. Mahaluxmi Realtech Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/05/74349/2021
- Decision date
- 2026-05-26
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 9-शिकायत WAN—NCR 45/05/74349/202
शैलेद्र सिंह बनाम महालक्ष्मी रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 26.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री कैलाश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा अपना अतिरिक्त जवाब दाखिल किया गया है, जिसमें शिकायतकर्ता पर बकाया धनराशि दर्शाई गई है, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके द्वारा विपक्षी को समस्त धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04. 2022 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है और न ही शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जा रहा है और न ही रजिस्ट्री कराई जा रही है। विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन न करने के कारण विपक्षी के विरुद्ध धारा-63 के अन्तर्गत पेनल्टी /अर्थदण्ड अधिरोपित करने हेतु दिनांक 27.0. 2025 को प्राधिकरण को लिखा गया और आदेश की प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की गई, उसके बावजूद भी विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 27.04. 2022 का अनुपालन नहीं किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र दिनांकित 05.04.2026 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत इस आशय का दाखिल किया गया है कि यूनिट at am कर, Relax नियुक्त कर और विपक्षी के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर यूनिट का कब्जा दिलाया जाये। अतः ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध कराये जाने हेतु एवं आदेश दिनांकित 27.04.2022 का अनुपालन कराये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के बन्द.
अन्तर्गत कार्यवाही करने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है। शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल उक्त प्रार्थना-पत्र स्वीकार किया जाता है। अतः ऐसी स्थिति में नियम-24 में दी गई व्यवस्था के अनुसार और नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध कराये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए तथा कार्यालय आदेश संख्या-3839 / यू.पी. रेरा / प्रशा./ 2025-26 दिनांक 28.08.2025 के अनुसार परियोजना-५8507 Ultimo 4 यूनिट संख्या-800-5-0705 को इस न्यायालय द्वारा कुर्क किया जाता है तथा कार्यालय आदेश संख्या-42482 / यू पी.रेरा / प्रशा. / 2024-25 दिनांक 24.08.2024 के अनुसार श्री रजत शर्मा, अवर अभियन्ता को रिसीवर नियुक्त किया जाता है। अतः श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को निर्देशित किया जाता है कि वह यूनिट को ae कर न्यायालय के कब्जे में लेकर अपनी आख्या एक माह के अन्दर इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए स्वयं इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जा सके और यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सके एवं आदेश दिनांक 27.04.2022 का अनुपालन कराया जा सके। श्री रजत शर्मा, sax अभियंता को यह भी निर्देशित किया जाता है कि वह जहाँ तक संभव हो यूनिट की कुर्की शिकायतकर्ता एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधि / अधिवक्ता तथा विपक्षी के प्रतिनिधि / अधिवक्ता की उपस्थिति में पूर्ण करेंगे और उभयपक्ष एवं उनके प्रतिनिधि को पहले से ही इस सम्बन्ध में अवर अभियंता द्वारा सूचित किया जाये।
जहाँ तक विपक्षी के डायरेक्ट का गिरफ्तार किये जाने का प्रश्न है, तो इस सम्बन्ध में शिकायतकर्ता विपक्षी के डायरेक्टर का नाम एवं पता शपथ-पत्र के साथ दाखिल करें और साथ-ही-साथ में स्पष्ट रूप से प्रार्थना-पत्र दाखिल करें कि कितने दिनों तक विपक्षी के डायरेक्टर को सिविल कारागर में शिकायतकर्ता निरुद्ध कराना चाहता है, ताकि प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही की जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 43.08.2026 को पेश हो। नतच्् आर. पी. सिंह (्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण