Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Moona Yasmin v. Prateek Realtors India Private Limited
Complaint No. NCR145/05/119468/2024
- Decision date
- 2026-08-19
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 सपठित नियम-24 43—-frprad संख्या:-7८7]45/05/9468/2024 मूना यास्मीन बनाम प्रतीक Raced इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 9.08.2026 | शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अमित सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री इन्द्रेश सिंह उपस्थित हुए। उमयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति बकाया देयों के सम्बन्ध में दाखिल की गई है। विपक्षी की ओर से अपने जवाब में बताया गया कि दिनांक 04.03.2024 को बकाया देयों की मांग शिकायतकर्ता से की गई, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा आवंटित यूनिट की बेसिक कीमत, जो बकाया थी, उसका विपक्षी को भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता की ओर से यह कथन किया गया कि वह होल्डिंग चार्ज, विलम्ब ब्याज तथा मेन्टेनेन्स की धनराशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। जहाँ तक होल्डिंग चार्ज का प्रश्न है, तो क्योकि शिकायतकर्ता द्वारा आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का भुगतान समय से नहीं किया गया है, जबकि विपक्षी द्वारा यूनिट को तैयार कर des किये हुए है।
अतः ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा विनियमन एवं विकास (विक्रय / tect के लिए करार) नियमावली, 2048 के प्रस्तर-7.3 के प्रावधानों के अन्तर्गत विपक्षी, शिकायतकर्ता से 2 रुपये वर्गफुट/ प्रतिमाह कारपेट एरिया की दर से होल्डिंग चार्ज प्राप्त करने का अधिकारी होगा, उससे अधिक नहीं । अतः विपक्षी, शिकायतकर्ता से कब्जा प्रस्ताव-पत्र की तिथि से 2 रुपये वर्गफुट / प्रतिमाह कारपेट एरिया की दर से होल्डिंग चार्ज प्राप्त करने का अधिकारी होगा। जहाँ तक मेन््टेनेन्स का प्रश्न है, तो विपक्षी द्वारा यूनिट का रख-रखाव भी किया जा रहा है, क्योंकि शिकायतकर्ता द्वारा आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि का ee भुगतान समय से नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में बी.बी.ए के अनुसार मेन््टेनेन्स भी शिकायतकर्ता से विपक्षी पाने का अधिकारी होगा। जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो धारा-34 के अन्तर्गत माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेशानुसार कब्जा प्रस्ताव-पत्र की तिथि से विपक्षी, शिकायतकर्ता से विलम्ब ब्याज की धनराशि प्राप्त करने का अधिकारी होगा। जहाँ तक जी.एस.टी का प्रश्न है, तो उ.प्र. शासन द्वारा निर्गत दर पर देय जी.एस. टी की धनराशि भी विपक्षी, शिकायतकर्ता से पाने का अधिकारी होगा।
शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह उपरोकतानुसार आवंटित यूनिट के मद में बकाया धनराशि तथा बी.बी.ए की शर्तों के अनुसार कब्जे के समय दिये जाने वाले अन्य चार्जेज़ की धनराशि का भुगतान 4 माह के अन्दर विपक्षी को करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें तथा कब्जा-पत्र एवं रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें| पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 43.40.2026 को पेश हो। ee आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण