Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mr & Mrs Archana Kumar v. Uppal Chadha Hi-Tech Developers Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/040583/2019
- Decision date
- 2019-11-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Bench 1 Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-04ए श्री राजीव कुमार, अध्यक्ष कम सं0 शिकायत io | शिकायतकर्तागण् + | 820786007 | गुंजन श्रीवास्तव | 2 | एन.सी.आर444 / 040583 / 209 अर्चना कमार [3 _| Waalleneras 705 /4463 /209 aaa si बनाम उप्पल चढढा हाई-टेक डेवलपर्स प्राईवेट लिमिटेड शिकायतकर्ता गुंजन श्रीवास्तव के साथ 2 अन्य शिकायतकर्तागण विपक्षी के विरूद्ध वाद योजित किया गया है। यह तीनों शिकायतों के तथ्य समान है और एक समान साक्ष्य हैं। यह तीनों शिकायतें एटा, Sec-7, Plots @ सम्बंधित है। अतः एक ही निर्णय से इनका निस्तारण किया जा रहा है। शिकायत to 8204846004 गुंजन श्रीवास्तव अग्रणी वाद रहेगा। प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध अतिरिक्त मांगो को सही किये जाने एवं अनुचित aint को हटाये जाने और कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना UCHDPL Sec-7, Plots 4 प्लॉट 0-7 /366 बुक किया गया, जिसके लिए शिकायतकर्ता द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 22,85,952/— रूपये का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि परियोजना 3 वर्ष से अधिक विलम्ब है। विपक्षी द्वारा प्लॉट की कीमत से 40 प्रतिशत अधिक की धनराशि same के चार्ज़ के नाम पर ली जा रही है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध अतिरिक्त मांगो को सही किये जाने एवं अनुचित मांगो को हटाये जाने और कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने हेतु अनुरोध किया गया है। * 2
शिकायतकर्ता की ओर से अपने कथन के समर्थन में प्लॉट आवंटी अरेन्जमेन्ट, ऑफर ऑफ एलॉटमेन्ट, पत्रों, ale, आवेदन फार्म आदि. की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं। विपक्षी द्वारा प्रतिवादपत्र दाखिल करते हुए कहा गया है कि शिकायतकर्ता को उनकी नामित परियोजना वेवसिटी के सेक्टर-7 में प्लॉट संख्या-366 आवंटित गयी, परन्तु बाद में ले-आऊट में परिवर्तन होने के कारण सेक्टर-7 में ही प्लॉट संख्या-99( ऑफर किया गया था। परियोजना किसानों द्वारा किये गये धरना प्रर्दशन के कारण विलम्बित हुई। रेरा में दी गयी परियोजना की पूर्णता तिथि के अनुसार विकास कार्य प्रगति पर है। प्रश्नगत परियोजना की पूर्णता तिथि 32.05.2020 दी गयी है। उभयपक्ष को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया। पक्षकारों के अभिवचनों के आधार पर निम्नलिखित वाद बिन्दु विचरित किये गये:- 4 “प्लॉट. एलॉटी ware” दिनांक — 47.07.202 के अनुसार किस-किस मद में धनराशि बिल्डर द्वारा मांगी जा सकती है ? 2... परिभाषा के अनुसार क्या “इन्टरनल डवलपमेन्ट” शिकायतकर्ता के प्लॉट के tide तक सीमित होगा अथवा क्या “एक्सटरनल व पेरिफरल डवलपमेन्ट” सिटी लेवल पर ही परिभाषित होगी ? 3. क्या विपक्षी द्वारा विभिन्न मदों में मांग की गयी चार्जज उचित है ? 4... क्या रेरा से पूर्व के अनुबन्ध रेरा के दायरे में नहीं आते ? 5. war force majeure events होने के कारण विपक्षी की परियोजना विलंबित हुई? यदि हां तो प्रभाव? 6. क्या शिकायतकर्ता को कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाये ? निस्तारण बिन्दु Wea 4... किये गये “प्लॉट एलॉटी एरेन्जमेन्ट” दिनांक 7.07.2072 के अनुसार किस-किस मद में धनराशि बिल्डर द्वारा मांगी जा सकती है ? है
प्रकरण में उठायें गये बिन्दुओं का परीक्षण करने के कम में प्लॉट एलॉटीज़ अरेन््जमेन्ट में विभिन्न मदों में धनराशि लिए जाने के प्राविधानों, एक्सटरनल व इन्टरनल STATS चार्जेज के सम्बन्ध में दोनों पक्षों की स्थिति व “इन्टरप्रटेशन”, चार्जेज का ब्रेकअप आदि के सम्बन्ध में दोनों पक्षों के दावे एवं न््यायोचित धनराशि अथवा सिद्धान्त की विवेचना अपेक्षित है। प्लॉट आवंटी अरेन्जमेन्ट दिनांक 74.07.20I2 के अनुसार विभिन्न प्रस्तरों में परियोजना एवं उसके नियम एवं शर्तों का उल्लेख किया गया, जो कि निम्नवत है:- (c)The Developer is developing Hi-Tech Townshiip located on NH-24 near the town Ghaziabad in Uttar Pradesh. by the name of "WAVE CITY". comprising of various, 'PLOT's of different sizes, Row __ Houses/Flats, Bungalows, High-rise Apartments. schools/Eductional Institutions, Hospitals/Health — Centres, Corporate Parks, Commercial and Retail Centres, Hotels/Clubs and Leisure Areas etc. apart from all such areas that would be required for the development of a modern township on the Scheduled Property ("Said Project") in accordance with sanctioned plans and approvals and as envisaged for a Hi-Tech Township Scheme of the Government .
उपरोक्त अनुबन्ध के प्रस्तर के अनुसार विकासकर्ता एक हाई-टेक टाऊनशिप "WAVE CITy" नामक परियोजना का विकास कर रहा है, जो कि गाजियाबाद में स्थित और इसमें विभिन्न क्षेत्रफल के प्लॉट, भवन / फ्लैट, बंगला, अपार्टमेन्ट, स्कूल, शिक्षण wer, अस्पताल/स्वाथ्य केन्द्र, ote पार्क, व्यावसयिक एवं Bear Ge, होटल आदि विभिनन क्षेत्रों में विकास कर एक उच्च टाऊनशिप स्वीकृत प्लॉन एवं deg के आधार पर बनायी जायेगी। 7. CONSIDERATION FOR SALE OF 'PLOT' AND RIGHTS THERETO .l SALE PRICE (b) The agreed price for the 'PLOT' is Rs. 29882 6....eccccscsereeesees payable by the ALLOTTEE(S) in the mode and manner detailed in.............. 9) (०) ALLOTTEE(S) shall strictly follow the payment plan and pay the requisite amount by way of upfront or other payment plan opted by him/her/them. ALLOTTEE(S) for such purpose should be guided by written notices of change of earlier mandate issued by DEVELOPER from time to time. DEVELOPER will record the details of all payments received by it from ALLOTTEE(S) in its records/system as well as in DEVELOPER's copy of this Arrangement. ALLOTTEE(s) is required to keep DEVELOPER'S acknowledgement receipts ॥ safe custody for future references.
(d) That the cost of electric, sewer and water connection is not included in the aforesaid price of the 'PLOT' and shall be payable by the ALLOTTEE(s) in addition to price of ‘PLOT’. Further, the ALLOTTEE(S) shall pay on demand to the DEVELOPER the amount to be determined at the time of providing electric, sewer and water connection and any other connection of a service which the DEVELOPER may provide from the main lane along the serving the 'PLOT'. (Emphasis added) उपरोक्तानुसार प्लॉट की विकय धनराशि पर दी गयी सहमति और अधिकारों के बारे में बताया गया जो कि यह है कि प्लॉट की कुल सहमत कीमत 20,88,2i6/— रूपये थी और उक्त के प्रस्तर-(०) में यह उल्लेख किया गया है कि उक्त प्लॉट की कीमत में बिजली, सीवर और पानी आदि कनेक्शन की धनराशि सम्मिलित नहीं है और यह विकासकर्ता की मांग पर कनेक्शन देते समय निर्धारित धनराशि देय होगी। .2 PREFERENTIAL LOCATION The ALLOTTEE(S) agrees to pay the preferential location charges @ Rs 0 per sq. yard (approx Rs 0/- per sq.meter) ........ उक्तानुसार wes स्थल के लिए शून्य रूपये प्रति मीटर की दर निर्धारित की गयी है, जो कि उक्त प्लॉट की कीमत 29,88,26 /— रूपये में सम्मिलित है। इससे यह स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता द्वारा प्रेफरड़ लोकेशन के सम्बन्ध में कोई अतिरिक्त धनराशि देय नहीं होगी। इस विषय में विवाद नहीं है। ०५ C .3 INTERNAL DEVELOPMENT
That the above price of the residential 'PLOT' covers development of internal services such as laying of roads, development of parks and landscapes, laying of water lines, laying of sewer lines, laying of internal electrical lines, laying of storm water drain lines and erection of electrical sub-station and to develop necessary civic services essential for a convenient living.(Emphasis added) vt से यह we है कि अंदरूनी विकास कार्य (INTERNAL DEVELOPMENT) के WOT vat प्लॉट की धनराशि (29,88,2I6 //-रूपये) में विकास की अंदरूनी सुविधायें जैसे कि रोड का निर्माण करना, wet के विकास, पानी को data करने हेतु लाईन बिछाया जाना, Wax लाईन, बिजली के अन्दरूनी लाईन्स, वाटर ड्रेन लाईन और बिजली सब-स्टेशन एवं मूल भूत सुविधायें जो कि सुविधाजनक जीवन यापन करने के लिए आवश्यक विकास कार्य कराये जाने हेतु सुविधायें उक्त धनराशि में समाविष्ट एवं सम्मिलित है। अनुबन्ध के WR 4.4 में कन्वर्जन चार्ज के सम्बन्ध में यह बताया गया कि विकसित प्लॉट जो कि सरकारी संस्थाओं द्वारा आवंटित किए जाते हैं वह समान्यत: लीज ses के आधार पर हैं और उन प्रकरणों में सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण करके हाई-टेक टाऊनशिप नीति के अन्तर्गत करके विकासकर्ता कम्पनी को लीज़ पर देती है। यदि आवंटी उस भूमि पर लीज aes अधिकार को फी-होल्ड में परिवर्तित कराते हैं, तो परिवर्तन शुल्क सरकार को देय होगा।
विकासकर्ता द्वारा बताया गया है कि उनके द्वारा क्योंकि भूमि किसानों से सीधे मार्केट दर पर ली गयी है व भूमि स्टाम्प डयूठी, पंजीयन शुल्क एवं अन्य चार्ज के उपरान्त ही ली गयी है, ऐसे में विकासकर्ता विकय धनराशि की 42 प्रतिशत की कन्वर्जन चार्ज आवंटी से मांग कर सकता है और प्लॉट का कब्जा उपरोक्त निर्धारित शुल्क प्राप्त किये जाने के बाद दिया जायेगा। इस विषय में कोई विवाद नहीं है। .6 PERIPHERAL/ INFRASTRUCTURAL DEVELOPMENT CHARGES The ALLOTTEE(S) agrees to pay Peripheral/Infrastructural development charges@ Rs 06.6/-per Sq meter (Rs 850/- per Sq Yd). which are not included in the aforementioned sale price . Further, ALLOTTEE(S) specifically agrees and understands that in case of any increase in Peripheral/ Infrastructural Peripheral/ Infrastructural development charges or levy of any other charges Sy charges or levy of any other charges b the Government or other Statutory Authority(ies) in Government or other Statutory Authority(ies in future, the same shall be paid on pro-rata basis by the ALLOTTEE(S). Allottee(s) herein also agrees to pay the proportionate External Electrification charges including but not limited to lying of cables, security deposits and /or any ancillary cost/charges for making the provision for transmission of electricity the provision for transmission of electrici from the main station to sub station. sub station. These charges shall be paid by the Allottee(s) to the Developer on demand.(Emphasis added)
उक्तानुसार आवंटी द्वारा यह सहमति दी गयी है कि पेरिफेरल / अवस्थापना विकास कार्यों के acter (yen) t0I66 रूपये प्रति वर्ग मीटर (850 प्रति वर्ग गज) उपरोक्त विकय धनराशि (29,88,246 #-रूपये) में सम्मिलित नहीं है और विशेष रूप से यह MONI एवं समझा जाता हैकि (क) यह कि पेरिफेरल / अवस्थापना के चार्जेज़ बढ़ने या (ख) सरकार अथवा अन्य किसी वैधानिक प्राधिकरण द्वारा भविष्य में अतिरिक्त acta लिये जाने पर वह प्रो-रेटा / अनुपातिक दर पर आवंटियों द्वारा देय होगा। आवंटी द्वारा यह भी सहमति दी गयी है कि अनुपातिक तौर पर बाहरी बिजली कार्य (External Electrification charges) जिसमें बिजली के संचालन हेतु मेन स्टेशन से सब-स्टेशन में उपयोग किये जाने वाले dace, सिक्योरिटी डिपोजिट आदि की धनराशि सम्मिलित है देय होगी, और यह ato विकासकर्ता की मांग पर देय होगी। .\ ऐसे में यह स्पष्ट है कि पेरिफेरल /अवस्थापना विकास हेतु 4046.6 रूपये प्रति वर्ग मीटर (850 प्रति वर्ग गज) आवंटियों द्वारा देय होगी, जो कि उक्त विकय धनराशि में सम्मिलित नहीं है और यदि इन चार्जेज़ में अथवा सरकार या किसी वैद्यानिक प्राधिकरण द्वारा अतिरिक्त धनराशि की मांग की जाती है, तो अनुपातिक दरों पर देय होगी। .7 OTHER CHARGES AS PER HI-TECH TOWNSHIP POLICY
The terms and conditions contained in the MOU entered between the DEVELOPER and the Government of UP and other terms and conditions of Hi-Tech Township Scheme will be applicable on the 'PLOT' of land allotted to the ALLOTTEE(S) and it will be the responsibility of the DEVELOPER to develop this Hi- Tech Township and to hand over the developed land to the ALLOTTEE(S). However, in case of any charges which are chargeable as per the Hi-Tech Township Policy (if any) in the future for infrastructure or any other purpose, if any, then the same shall be proportionately charged to the ALLOTTEE(S) at the rates as may be decided by the Government. The ALLOTTEE(S) shall pay directly, or if paid by the DEVELOPER. then reimburse the DEVELOPER on demand the Government tates, taxes or cesses, taxes or cesses, taxes of all and any kind by whatever name called, levy of proportionate development charges with regard to, but not limited to state/national highvays, transport, irrigation facilities and power facilities, electricity facilities/requirement, electricity distribution network/system, metro cess etc., whether levied or leviable now or in future on the 'PLOT' forming a part of the overall development or the built up residential Complex/s and/or the Project(s) constructed within the "Wave City" and/or the said 'PLOT' in isolation, as the case may be, as assessable/applicable from the date of application of the ALLOTTEE(S) and the same shall be borne and paid by the ALLOTTEE(S). (Emphasis added)
% उपरोक्तानुसार यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार और विपक्षी के मध्य हुए एम.ओ. यू एवं हाई-टेक टाऊनशिप स्कीम के नियम एवं शर्तें जो कि आवंटी को आवंटित प्लॉट पर उक्त के अधीन नियमों के अनुसार विकसित की जायेगी। यदि हाई-टेक टाऊनशिप पॉलिसी के अनुसार भविष्य में आधारभूत ढाँचे अथवा अन्य प्रयोजनो के चार्जेज लगाये जाते हैं, तो आवंटियों द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित दर पर अनुपातिक रूप से देय होगा। इस सम्बन्ध में विपक्षी द्वारा कोई ऐसे अतिरिक्त एवं अन्य चार्जेज का विवरण नहीं प्रस्तुत किया गया है, जिससे कि विदित हो कि सरकार द्वारा कोई इस प्राविधान के अधीन कोई चार्जेज निर्धारित किये गये हों और वह धनराशि विकासकर्ता द्वारा अभी तक भुगतान की गयी हो। अतः इस सम्बन्ध में विपक्षी अभी कोई अतिरिक्त धनराशि पाने का अधिकारी नहीं है। यदि विपक्षी भविष्य में इस मद कोई अन्य चार्ज सरकार या प्राधिकरण को देता है, तो प्रेंफ ऑफ dace व प्रो-रेटा शेयर बताकर केता से प्राप्त कर सकते हैं। .9 PAYMENT OF TAXES, CESSES BY THE PLOT OWNER
That the stamp duty and the registretion fee incurred in the registration process which is to be paid to the revenue authorities is to be borne by the ALLOTTEE(S) shall be liable to pay from the date of his/her application the house tax, water tax and sewerage tax and other such taxes or any other future tax or any other fees, cess or taxes of all any kind by whatever name called, levy of proportionate development charges as and when levied by the Local Authority/Body under the then prevailling law and rules of the land, when such maintenance services will be transferred to the Local Authority/Body. These taxes, fees, cesses etc., shall be paid by the ALLOTTEE(S) irrespective of the fact whether the maintenance is carried out by the DEVELOPER or its nominees or any other body or association of all or the ALLOTTEE(S) whether levied retrospective or prospective. उपरोक्तानुसार टैक्सेज़, सेस के बारे में यह उल्लेख किया गया है कि स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क जो कि पंजीकरण की प्रकिया में राजस्व विभाग / प्राधिकरण को दी जायेगी। वह आवंटियों द्वारा विधि के अनुसार वहन है किया जायेगा। इसी कम में आवंटियों द्वारा आवेदन की तिथि से गृहकर, पानीकर, सीवेज कर एवं अन्य tate जो कि स्थनीय निकाय द्वारा लागू विधि के अनुसार देय होगा वह आवंटियों द्वारा अनुपातिक दर पर दिया जायेगा। इस विषय में भी कोई विवाद नहीं उठाया गया है। 4 Maintenance Charges
a. The ALLOTTEE(S) gives its consent to enter into a separate Maintenance Agreement with the DEVELOPER or its nominated maintenance agency as and when demanded by the DEVELOPER or its nominated agency and the ALLOTTEE(S) agrees to abide by all the terms and conditions as laid down in the said Maintenance Agreement. b. That the ALLOTTEE(S) of the ‘Plot’ unconditionally agrees and undertakes to pay necessary charges, from the date when possession is offered to him/her/them, as determined by the DEVELOPER or its nominated Maintenance Agency towards maintenance of water supply, electricity, parks, open spaces, roads, cleaning and sweeping, street lights, sewr, storm drain etc. and for maintaining various value added services until the services are handed over to the respective government agency(ies) local body. The ALLOTTEE(S) shall deposit with the DEVELOPER a sum as decided by the DEVELOPER by way of interest free security to ensure timely payment of maintenance charges. The said amount shall be payable by the ALLOTTEE(S) and will be paid at the time when possession is offered or sale deed is executed, whichever is earlier. However the maintenance charges shall become payable from the date of offer of possession.
c. In terms of Hi-Tech Township Policy of Uttar Pradesh Government, the Installation of Solid Waste Management Plant [SWMP], Sewer Treatment Plant (STP) and 220 KVA power plants and destribution systems and other mechanical plants and machinery related to external services are being built and maintained by the DEVELOPER or its nominated 9 १0 agency. The ALLOTTEE(s) hereby agrees to pay the upkeep/running maintenance charges for these services and also if at some point of time these installations require replacement, the cost of the same will be proportionately paid by the ALLOTTEE(s) along with other allottees/ occupants with in the WAVE HITECH CITY township. उपरोक्तानुसार मेटेनेन्स शुल्क के बारे में यह कहा गया है कि आवंटी, विकासकर्ता या उसके नामित मेटेनेन्स एजेन्सी से एक अलग मेटेनेन्स अनुबन्ध निष्पादित करेगें और नियम एवं शर्तों का पालन करेगें। आवंटी प्रोसेशन ऑफर करते समय से ही मेटेनेन्स WAT को पानी सप्लाई, बिजली, पार्क आदि के रखरखाव कार्य हेतु भुगतान करेगा, जब तक वह किसी सरकारी निकाय अथवा स्थनीय निकाय को मेटेनेन्स हस्तांतरित न कर दें। इसी के अतिरिक्त हाई-टेक टाऊनशिप पॉलिसी के अधीन सौलिड वेस्ट मेनेजमेन्ट प्लॉन्ट, सीवर dete प्लॉन्ट 220 के.वी.ए पावर स्टेशन है के निर्माण व रखरखाव का उत्तरदायित्व बिल्डर को दिया गया है। उसके भी रखरखाव कार्य हेतु aa हाई-टेक सिटी टाऊनशिप में निवास कर रहे आवंटियों द्वारा अनुपातिक दर पर देय होगी तथा यदि कभी उनके रिप्लेसमेन्ट की आवश्यकता हुई तो प्रो-रेटा शेयर आवंटियो द्वारा देय होगा। इस विषय में भी कोई विवाद नहीं उठाया गया है।
i0. RIGHTS OF DEVELOPER TO RECOVER INCREASED AMOUNT OF COMPENSATION AND /OR CHARGES LEVIED BY THE GOVERNMENT. 0.] The DEVELOPER has acquired land directly from the farmers by paying the mardet price. However there might be certain pleces and parcel of land which may not have been bought by the DEVELOPER. In terms of the policy of the Government for the development of Hi- Tech Township, such piece or parcel of land falling with the approved Detailed Project Report and the sancitioned Detalled Layout Plan is to be acquired by the Government for the DEVELOPER and to be handed over to the DEVELOPER for the development of Hi- Tech Township. Allottee(s) however specifically understands and agrees that in case such land is not acquired for any reason whatsoevr either by negotiations or by State Government as stated above, DEVELOPER Cc 44 shall not be held liable on any account. DEVELOPER as such makes no commitment in respect of acquiring such land and ALLOTTEE(S) being fully aware has applied for alotment of the freehold Plot. उक्त प्रस्तर के सम्बन्ध में यह स्पष्ट किया गया है कि यह सम्भव है कि कुछ भूमि राज्य सरकार द्वारा Acquire की जाये तथा क्षतिपूर्ति के बढ़े हुए दर और अन्य चार्ज जो कि सरकार द्वारा लिये जायेगें, तो वे विकासकर्ता द्वारा अनुपातिक रूप से आवंटियों से प्राप्त किया जायेगा। डी.पी.आर के अनुसार अधिकृत यदि कोई भूमि किसी कारण वश Acquire नहीं की जा सके, तो उसके लिए विकासकर्ता जिम्मेदार नहीं होगा। Taga बिन्दु संख्या-4 Peake किया जाता है। निस्तारण बिन्दु संख्या-2
2 परिभाषा के अनुसार क्या “इन्टरनल डवलपमेन्ट” शिकायतकर्ता के प्लॉट के vide तक सीमित होगा अथवा “एक्सटरनल / इन्फास्ट्रक्चरल व पेरिफरल डवलपमेन्ट” सिटी लेवल पर ही परिभाषित होगी ? इस सम्बन्ध में प्राधिकरण द्वारा शिकायत संख्या-6204842444, एम.एल. गुप्ता बनाम मैसर्स उप्पल ager डेवलपर्स प्राएलि0 में विस्तृत रूप से स्पष्टीकरण सहित निर्णीत किया गया है, जिसमें कि इन्टरनल डवलपमेन्ट और एक्सटरनल STAGE के मध्य अन्तर स्पष्ट किया गया है। अंदरूनी विकास कार्य की विपक्षी की परिभाषा, शिकायतकर्ता का जहाँ प्लॉट है उसी पॉकेट तक सीमित है, किन्तु न तो प्लॉट आवंटी state में (पी.ए.ए), न हाई--टेक पॉलिसी में, न उन सब परिभाषा सम्बन्धी उद्धरणों में जो विपक्षी द्वारा दिये गये है, व न ही रेरा अधिनियम में, कहीं भी “पॉकेट परिभाषित नहीं है एवं wea यह एक “ऑफटर oie” है जो विपक्षी द्वारा अपने अंतिम उत्तर में “इन्वेन्ट” किया है| स्वयं विपक्षी द्वारा उद्धरत की गयी परिभाषाओं में दो ही स्तर पर विकास परिभाषित है-- “बाहय व पेरिफेरल“ तथा “आन्तरिक विकास कार्य |” विकसित प्लॉट की परिभाषा स्पष्टयता पी.ए.ए में दी गयी है तथा वहाँ सभी सिविक एमेनिटीज़ दी जानी हैं ये उसके मूल प्लॉट की कीमत में सम्मिलित है। राज्य सरकार द्वारा हाई-टेक सिटी का लाईसेन्स दिया गया व उन्हीं सुविधाओं पर विचार कर शिकायतकर्ता द्वारा प्लॉट कय किया गया। यदि रेरा आ जाने के बाद विपक्षी द्वारा फेज़वार विकास के सम्बन्ध में परियोजना के अलग-अलग भागों को पंजीकृत भी कराया गया हो, तो वह हाई-टेक सिटी के बाहय एवं आन्तरिक विकास की परिभाषाओं को प्रभावित 2
नहीं करती। स्वयं विपक्षी का यह कहना है कि क्लब सिटी लेवल फेसिलिटी है तथा प्रत्येक सेक्टर (या पॉकेट) में नहीं दी जा सकती, इस बात की स्वीकारोक्ति है कि सेक्टर या पॉकेट को यूनिट मानकर बाह्य व आन्तरिक विकास परिभाषित नहीं किया जा सकता। अतः यह स्पष्ट है कि विपक्षी का यह दावा अनुचित है कि पॉकेट या सेक्टर के बाहर का विकास, अवस्थापना,/बाहूय विकास मद् में सम्मिलित है। अतः अवस्थापना / पेरिफेरल विकास में वही मद सम्मिलित होगें, जो सिटी के आन्तरिक विकास मदों के अलावा होगें। स्पष्टयता यदि वेवसिटी की बाउन्ड्री को जोड़ने की बाहय,पेरिफरल सड़क बनायी जाती है, मेन पावर स्टेशन से सिटी लेवल सब-स्टेशन तक पावर ager आदि पर व्यय किया जाता है, तो वह पेरिफेरल / अवस्थापना मद में होगा। यहाँ यह भी विचारणीय है कि अन्य राज्यों कि व्यवस्था में सामान्यतः सिटी लेवल डवलपमेन्ट के बाहर मेन सब-स्टेशन, सीवर Here, वाटर सप्लाई आदि की व्यवस्था लोकल अथॉरिटीज़ करती है एवं उसके लिए चार्जेज लेते है। वर्तमान पी.ए.ए के vereis में भी यह प्राविधान है तथा यदि उक्त प्रस्तरानुसार कोई धनराशि शासन या किसी एजेन्सी को बाद में दी जाती है, तो प्रूफ ऑफ Ware व शिकायतकर्ता का प्रो-रेटा शेयर उसके द्वारा देय होगा। तदनुसार बिन्दु संख्या-2 Prenat किया जाता है। निस्तारण बिन्दु संख्या-3 बिन्दु सं) 3 इस आशय का विचरित किया गया है कि क्या विपक्षी द्वारा विभिन्न मदों में मांग की गयी चार्जेज उचित हैं? यह बिन्दु विपक्षी के अभिकथनों पर विचरित किया गया है, जिसे साबित करने का भार विपक्षी पर है। विपक्षी द्वारा अपने प्रतिवाद पत्र में चार्ज के सम्बन्ध में कोई कथन नहीं किया गया है।
इस सम्बन्ध में भी प्राधिकरण द्वारा शिकायत WeAT-62082447, एम. vase बनाम मैसर्स उप्पल चढ्ढा डेवलपर्स प्राणलि0 में विस्तृत रूप से स्पष्टीकरण सहित निर्णीत किया गया है, जो कि निम्नवत् रूप में है। Gis के प्रस्तर 4.3 के अनुसार आन्तरिक विकास कार्यों की परिभाषा में अन्दरूनी लाईन्स तथा सब-स्टेशन सम्मिलित हैं। यह सब-स्टेशन स्थानीय अर्थात् सिटी लेवल के आन्तरिक सब-स्टेशन हैं, किन्तु “एक्सटरनल इलैक्ट्रिफिकेशन” से सम्बन्धित सब-स्टेशन नहीं है। वर्तमान लोड की स्थिति > 43
देखते हुए व यह देखते हुए कि हाई-टेक टाऊनशिप के भविष्य के सम्बन्ध में प्रकरण अभी शासन स्तर पर विचाराधीन है व कई वर्ष अनुबन्ध के बाद बीत चुके हैं। वर्तमान समय में उचित होगा यदि 2207० के केवल एक सब-स्टेशन व मेन सब-स्टेशन से सिटी लेवल सब-स्टेशन की ट्राममिशन लाईन व सिक्यूरिटी डिपोजिट का व्यय प्रोरेटा धनराशि शिकायतकर्ता से ली जाये व इस धनराशि की पृथक एकाउक्टिंग की जाये ताकि यदि इस मद में कोई धनराशि शेष रहती है, तो प्रो-रेटा आधार पर वापिस की जा सके। इलैक्ट्रिसिटी मीटर कनेक्शन aig, गैस कनेक्शन ate, सीवर एवं wht वाटर कनेक्शन चार्जेज, वाटर कनेक्शन चार्जेज, डाटा एवं वॉइस कनेक्शन चार्जेज के सम्बन्ध में स्पष्ट किया जाता है कि ये कनेक्शन लेते समय वास्तविक व्यय पर आधारित होगी व उक्त धनराशि किसी सक्षम प्राधिकरण या विभाग द्वारा लिये जाने पर उसका साक्ष्य आवंटियों को उपलब्ध कराने के उपरान्त यह धनराशि देय होगी और इसका एडमिन चार्जेज़,/सुपरविजन चार्ज माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा Re याचिका संख्या-940 ,/“ 2047 में एन.बी.सी.सी के लिए निर्धारित की गयी 8 प्रतिशत की दर से अधिक नहीं होगा। साथ ही प्रत्येक कनेक्शन का एस्टिमेट अलॉटी को उपलब्ध कराया जायेगा। मेटेनेन्स के सम्बन्ध में विपक्षी को स्पष्ट किया जाता है कि शिकायतकर्ता द्वारा ली गयी मेटेनेन्स चार्ज कब्जा ऑफर की तिथि से लागू होगी। 300 वर्ग मीटर से छोटे प्लॉटस् के वाटर हारवेस्टिंग War के सम्बन्ध में होने वाले व्यय व केता के प्रो-रेटा शेयर की सूचना उपलब्ध कराते हुए यह धनराशि ली जायेगी व सुपरविज़न /एडमिनिस्ट्रेडिव चार्जेज 8 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।
कनवेन्स डीड रजिस्ट्रेशन खर्च की धनराशि विधि के अनुरूप स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्रेशन शुल्क के अनुसार देय होगा। क्लब क्योंकि सिटी लेवल फेसिलिटी है। अतः उसकी कैपिटल वैल्यू का भुगतान शिकायतकर्ता करेगें व “सबस्किपशन” क्लब प्रारम्भ होने की तिथि से लागू होगा। विपक्षी द्वारा किये जा रहे समस्त मांगों का निस्तारण उपरोक्तानुसार किया जाता है। इस सम्बन्ध में विपक्षी संशोधित मांग पत्र जारी करेगें। तद्नुसार बिन्दु संख्या-3 निस्तारित किया जाता है। निस्तारण बिन्दु संख्या-4 है 44 बिन्दु सं? 4 इस आशय का विरचित किया गया है कि क्या रेरा से पूर्व के अनुबन्ध रेरा के दायरे में नहीं आते? यह बिन्दु विपक्षी के अभिकथनों पर विरचित किया गया है, जिसे साबित करने का भार विपक्षी पर है। इस सम्बंध में मुम्बई उच्च न्यायालय द्वारा fe याचिका संख्या- 2737 /20:7 नीलकमल रियलटर्स सबअर्बन प्राणलि0 एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में दिया गया आब्जर्वेशन महत्वपूर्ण है। जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है कि-: The provisions of RERA, however, do not rewrite the clause of completion or handing over possession in agreement for sale. Section 4(2)(I)(C) enables the promoter to give fresh time line independent of the time period stipulated in the agreements for sale entered into between him and the allottees so that he is not visited with penal consequences laid down under RERA. In other words, by giving opportunity to the promoter to prescribe fresh time fine under Section 4(2)(I)(C) he is not absolved of the liability under the agreement for sale.
उपरोक्त विधि व्यवस्था से यह स्पष्ट है कि रेरा के प्राविधान के अनुसार अनुबन्ध में दिये गये पूर्णता एवं कब्जे देने के प्रस्तर का पुनर्लेखन नहीं किया जा सकता। धारा 4(2)0)(सी) के अन्तर्गत प्रोमोटर एक नई समय सीमा दे सकता है, जो कि अनुबन्ध पर निर्भर नहीं होगा किन्तु vad समय सीमा रेरा में दिये गये “पीनल कन्सीक्वेसिज़” से बचा सकता है किन्तु उससे वह aged में दिये गये उत्तरदायित्वों से मुक्त नहीं होगा। इससे अवधारित किया जा सकता है कि प्रोमोटर अनुबन्ध में दिये गये कब्जे की तिथि के लिए उत्तरदायित्व है एवं विलम्ब की गणना अनुबन्ध की तिथि के अनुसार की जायेगी वैसे भी ऑनगोईंग परियोजना रेरा की परिधि में आते है। TATA बिन्दु संख्या 4 निस्तारित किया जाता है। निस्तारण बिन्दु to 5 बिन्दु vio 5 इस आशय का विचरित किया गया है कि क्या वास्तव में परियोजना फोर्स मैज्योर इवेन्टस होने कारण विलम्बित हुई? यह बिन्दु विपक्षी के अभिकथनों पर विचरित किया गया है, जिसे साबित करने का भार विपक्षी पर है। as 45 22. FORCE MAJEURE
l. ALLOTTEE agrees that the Allotment of the PLOT’ is subject to force majeure clause which inter-alia include delay on account of non-availability of steel, cement or any other materials for developing the area and implementation of the Scheme, or water supply or electric power or slow down strike or due to a dispute with the construction agency employed by the DEVELOPER, civil commotion or by reason of war, or enemy action or earthquake or any act of God, delay in certain decisions/clearances from statutory body(ies), or if non-delivery of possession is as a result of any notice, order, rules or notification of the Government and /or any other public or Compatant Authority or for any other reason(s) beyond the control of the DEVELOPER and for any of the aforesaid evet, the DEVELOPER shall be entitled to a reasonable corresponding extension of the time of delivery of possession of the said 'Plot' on account of force majeure circumatances and in such eventually the ALLOTTEE(S) will not claim any amount of money by way of refund/damages/compansation/interest, etc. from the DEVELOPER. In case fo DEVELOPER abandoning the scheme for any reason beyond its control then the DEVELOPER'S liability shall be limitd to the refund of the amount paid by the ALLOTTEE(S) as per the terms of Allotment Letter. It is further categorically understood by the Applicant(s) that the Developer as a result of any contingency including force majeure reserves its right to alter, add or vary the terms and conditions of the of the allotment or if the circumstances beyond Developer's control so warrant, the Developer may suspend the scheme for such priod as it may consider expedient and no compensation of any nature whatsoever can be claimed by the Applicant for the period of delay/suspension of scheme.
उपरोकक्तानुसार फोर्स मैज्योर के सम्बन्ध में यह बताया गया है कि यदि वितम्ब, जैसे कि विकास हेतु समान उपलब्ध न होना, पानी और बिजली की सुविधायें उपलब्ध न होना, निर्माण एजेन्सी एवं विकासकर्ता के मध्य विवाद होना, आदेश > १6 सरकार की अधिसूचना, दंगा, भूकम्प, के कारण परियोजना में विकास नहीं किया जाता है, तो यह विकासकर्ता का दायित्व होगा कि आवंटन पत्र के नियम के अनुसार आवंटियों को पैसा लौटा दिया जायेगा। फोर्स मैज्योर कारको की वजह से आवंटन के नियम एवं शर्तों में परिवर्तन किया जा सकता है और यदि vad फोर्स मैज्योर विकासकर्ता के नियंत्रण से परे पस्थितियों के कारण स्कीम को निरस्त कर सकता है, जिसके लिए कोई क्षतिपूर्ति देय नहीं होगी। विपक्षी की ओर से कथन किया गया है कि कुछ अप्रत्याशित घटनाओं (force majeure events) (जैसे दंगा, आंदोलन, हडताल, औद्योगिक विवाद, परियाजना पर सेवाओं एवं आपूर्ति का बाधित होना, सरकार का नीति परिवर्तन, न्यायिक wr आदेश, निर्णय व डिकी से कार्य बाधित होना, अनुज्ञप्ति व संस्तुतियों में होने वाला विलंब आदि) के कारण परियोजना विलंबित हुई, साथ ही यह भी कहा गया कि परियोजना किसानों के उग्र weer, राष्ट्रीय हरित अधिकरण, नोट बंदी, के कारण परियोजना प्रभावित हुई। विपक्षी की ओर से न तो यह कथन किया गया कि किन फोर्स मैज्योर की बाबत उसकी परियोजना विलंबित हुई और न ही फोर्स मैज्योर की बाबत कोई साक्ष्य पत्रावली पर दाखिल किया गया है, जिससे की विदित हो कि नामित परियोजना की भूमि पर कार्य बाधित था |
इस सम्बंध में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-940 /20:7 विकम चटर्जी एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य के निर्णय के पृष्ठ संख्या-234 एवं प्रस्तर 440 में फोर्स मैज्योर को निम्नवत् परिभाषित किया है:- Force majeure shall mean a case of war, flood, drought, fire, cyclone, earthquake or any other calamity caused by nature. arr फोर्स मैज्योर के परिभाषा से यह स्पष्ट है कि फोर्स मैज्योर वह स्थिति है, जिसमें की युद्ध, बाढ़, सूखा, आग, तूफान, भूकम्प या अन्य प्रकृतिक आपदा आई हो, प्रश्नगत प्रकरण में ऐसी कोई परिस्थिति उत्पन्न नहीं हुई और विपक्षी ऐसी दशा में वह इस तर्क का लाभ पाने का अधिकारी नहीं है। तद्नुसार बिन्दु vio 5 निस्तारित किया जाता है। निस्तारण बिन्दु सं0-6 \\ निस्तारण बिन्दु सं0-6 47 शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में प्लॉट आवंटी अरेन्जमेन्ट अनुबन्ध दिनांक 44.07.2042 की प्रति दाखिल की गयी है, जिसमें निर्माण एवं कब्जे के प्रस्तर 3. में कब्जे हेतु सूचना दिये जाने के 3 वर्ष में दिये जाने का उल्लेख है। प्रश्नगत प्रकरण में कब्जे हेतु सूचना अभी तक नहीं दी गयी है। ऐसे में यह कहना उचित नहीं होगा कि विपक्षी स्वेच्छानुसार शिकायतकर्ता को कब्जा देगें और कब्जे की तिथि अंतहीन होगी। इस सम्बंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के सिविल अपील संख्या 3533--3534 / 207 मैसर्स फार्च्यून इन्फास्ट्रक्चर्स एवं अन्य बनाम ट्रेवर डेलिमा एवं अन्य के प्रस्तर 45 में स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है कि-:
5.Moreover, a person cannot be made to wait indefinitely for the possession of the flats allotted to them and they are entitled to seek the refund of the amount paid by them, along with compensation. Although we are aware of the fact that when there was no delivery period stipulated in the agreement, a reasonable time has to be taken into consideration. In the facts and circumstances of this case, a time period of 3 years would have been reasonable for completion of the contract i.e., the possession was required to be given by last quarter of 204. Further there is no dispute as to the fact that until now there is no redevelopment of the property. Hence, in view of the above discussion, which draw us to an irresistible conclusion that there is deficiency of service on the part of the appellants and accordingly the issue is answered. उपरोक्त माननीय उच्चतम न्यायालय के आर्ब्जेवेशन एवं विधि व्यवस्था के अनुसार फ्लैट के कब्जे हेतु किसी व्यक्ति को अनिश्चित समय तक प्रतीक्षा नहीं करा सकता, जहाँ अनुबन्ध में कब्जे की तिथि नहीं दी गयी है वहाँ तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए 3 वर्ष का समयावधि इस कार्य को पूर्ण कराये जाने हेतु उचित समय माना है। प्रस्तुत प्रकरण में प्लॉट आवंटी अरेन्जमेन्ट अनुबन्ध में निष्पादन की तिथि 44.07.2042 को की गई है। तथ्यों एवं परिस्थितियों को 8
देखते हुए 4 वर्ष में शिकायतकर्ता को प्लॉट का कब्जा दिया जाना उचित समयावधि था। ऐसे में शिकायतकर्ता अपने प्लॉट का कब्जा दिनांक 4.07.206 तक प्राप्त करने का अधिकारी था, परन्तु विपक्षी द्वारा निर्धारित समयावधि में कब्जा नहीं दिया गया। विपक्षी की यह परियोजना हाई-टेक टाऊनशिप पॉलिसी के अन्तर्गत वेवसिटी के नाम से है और परियोजना अत्याधिक पुरानी है। जहाँ तक परियोजना के कब्जे में हो रहे विलम्ब के लिए ब्याज / RIT दिलाये जाने का प्रश्न है, तो शिकायतकर्ता को उपरोकतानुसार दिनांक 2.07. rte से ओ.सी /सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। इस सम्बंध में उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र उच्च न्यायालय के नीलकमल रियलटर्स सबअर्बन प्रा.लि. आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया की याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है किः-
Section 8(4)(b) lays down that if the promoter fails to complete or is unable to give possession of an aprtment due to discontinuance of his business as a developer on account of suspension or revocation of the registration under the Act or for any other reason, he is liable on demand to the allottees, in case the allottee wishes to withdraw from the project, without prejudice in this behalf including compensation. If the allottee does not intent to withdraw from the project he shall be paid by the promoter interest for every month's delay till handing over of the possession,. The requirement to pay interest is not a penalty as the payment of interest is compensatory in nature in the light of the delay suffered by the allottee who has paid for his apartmerit but has not received possession of it. The obligation imposed on the promoter to pay interest till such time as the apartment is handed over to him is not unreasonable. अतः उपरोक्त निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट है कि उ0प्र0 रेरा के प्राविधानों के अन्तर्गत प्रमोटर व dar के बीच किये गये अनुबंध के अनुरूप विलम्ब तथा ने 9 धनराशि पर ब्याज देय होगा, क्योंकि प्रमोटर्स द्वारा उक्त धनराशि का उपभोग किया गया है।
जहां तक देय ब्याज दर का प्रश्न है, राज्य सरकार द्वारा भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 20r6 के अधीन दिनांक 47.40.2048 को भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) (विकय,/पटटा के लिए करार) नियमावली 208 अधिसूचित की गयी हैं। इसमें संलग्नक के रूप में दिये गये विकय,/ पटटा विलेख के प्रारूप के wer 9 में प्रमोटर्स के डिफाल्ट प्रकरण (Events of default) परिभाषित है, जिसमें प्रस्तर 9 (7) में प्रमोटर के डिफाल्टर होने की स्थिति में आवंटी हेतु प्राविधानित है fe The Allottee shall have the option of terminating the Agreement in which case the Promoter shall be liable to refund the entire money paid by the Allottee under any head whatsoever towards the purchase of the apartment, along with interest at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +% unless provided otherwise under the Rules. within forty-five days of receiving the termination notice: यही दर आवंटियों के द्वारा डिफॉल्ट की स्थिति में भी प्रस्तर oii) F निर्धारित है। उक्त प्राविधान को दृष्टिगत रखते हुए आवंटी को McLR+ प्रतिशत की ब्याज दर पर विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। तद्नुसार बिन्दु संख्या-6 Pena किया जाता है। उपरोक्त बिन्दुओं का निस्तारण करते हुए निम्न आदेश पारित किये जाते है। आदेश 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि दिनांक 30.05.2020 तक शिकायतकर्तागण को ओ.सी/सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें एंव देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह दिनांक 42.07.2046 से ओ. सी./ सी.सी. सहित कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जाने तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+I प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की ds 20 धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर निमयानुसार वापस की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में उपरोक्तानुसार अनुबन्ध के अनुरूप विलम्ब की गणना की जायेगी। विपक्षी द्वारा अनुबन्धानुसार यदि कोई धनराशि भविष्य में शासन या किसी स्टेच्यूटरी एजेन्सी को दी जाती है, तो प्रूफ ऑफ पेमेन्ट व शिकायतकर्तागण का प्रो-रेटा शेयर उसके द्वारा देय होगा। पेरीफेरल / इन्फास्ट्रक्वरल डवलपमेन्ट चार्ज 4045 रूपये प्रति वर्ग गज़ के अनुसार गणना की जायेगी। प्रीमियम चार्ज अनुबन्ध के we 4.4 में दी गयी है, जो कि 42 प्रतिशत विकय धनराशि की होगी और उसी के अनुसार देय होगी।
प्रस्तर 44 अनुसार बिजली वाटर /सीवर आदि के मेन लाईन से कनेक्शन देते समय निर्धारित किये गये चार्जेज का भुगतान शिकायतकर्तागण करेगें। इस विषय में शिकायतकर्तागण को कनेक्शन देते समय विशिष्ट (Specific) Estimate के साथ धनराशि विपक्षी मांग सकते हैं तथा शिकायतकर्तागण उसके सापेक्ष कार्य पूरा होने के बाद ages . अकाउन्टस्ू मांग सकते है। इन हाउस सुपरविजन / एडिमिनिस्ट्रेडिव चार्जज की धनराशि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एन.बी.सी.सी को Re याचिका संख्या-940 /“ 2047 बिकम चटर्जी एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में agra करायी है (अर्थात् 8 प्रतिशत) उससे अधिक धनराशि नहीं लेगें। यदि भविष्य में अन्य 220KVA या अधिक के सब-स्टेशन बनाने की आवश्यकता होती है, तो उसकी प्रो-रेटा धनराशि शिकायतकर्तागण से प्राप्त करने का अधिकार विपक्षी को होगा तथा यह प्रस्तर-4.7 में भी प्राविधानित है। इसकी भी पूर्ववत पृथक अकाउटिंग होगी व इन हाऊस एडमिन्सिट्रेटिव या सुपर विजन चार्जेज 8 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगें। वाटर हारवेस्टिंग के सम्बन्ध में होने वाले व्यय के सम्बन्ध में यह स्पष्ट किया जाता है कि केता के प्रो-रेटा शेयर की सूचना उपलब्ध कराते हुए यह धनराशि ली जायेगी। ¥ 24 8. क्लब का एस्टिमेट व प्रो-रेटा शेयर बताते हुए धनराशि मांगी जा सकती है। क्लब की रिकरिंग चार्जेज़, क्लब प्रारम्भ होने या प्लॉट का कब्जा ऑफर होने, जो भी बाद में हो, तभी से प्रारम्भ होगा। 9. विपक्षी उपरोकतानुसार संशोधित मांग पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। 0. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी।
. 0 इस आदेश का उल्लघंन उ0प्र/भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक (47४ /2049 (राजीव कुमार) (अध्यक्ष) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण