Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rajkumar Phugat v. Mahaluxmi Realtech Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/04/93331/2022
- Decision date
- 2026-05-26
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 // 63 सपठित नियम-24 40—frepreacdt PAT—NCR 45/04/9333 /2022 राजकुमार फौगाट बनाम महालक्ष्मी रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 26.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉनन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश gel पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री कैलाश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता का यह कहना है कि उसके द्वारा विपक्षी को समस्त धनराशि का भुगतान किया जा चुका है और विपक्षी द्वारा जो गणना शीट दाखिल की गई है वह गलत है। विपक्षी द्वारा अपनी गणना शीट में आवंटित यूनिट के मद में बेसिक धनराशि veess/— और विलम्ब ब्याज ¥.50,335/— तथा होल्डिंग चार्ज %.2,43,74i/- बकाया दर्शाई गई हैं, जो किसी भी दशा में उचित नहीं है। क्योंकि शिकायतकर्ता द्वारा समय से धनराशि का भुगतान किया गया है, इसलिए शिकायतकर्ता विलम्ब ब्याज की धनराशि अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। जहाँ तक होल्डिंग चार्ज का प्रश्न है, तो विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है। अतः ऐसी स्थिति में विपक्षी द्वारा स्वयं शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2048 के नियम-9.2 के अनुसार विपक्षी को शिकायतकर्ता कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है।
जहाँ तक जी.एस.टी की धनराशि का प्रश्न है, तो विपक्षी द्वारा यदि जी.एस.टी की धनराशि का भुगतान किया गया है, तो उसका विवरण/रसीद उपलब्ध करा दे, ताकि शिकायतकर्ता द्वारा जी.एस.टी की धनराशि का भुगतान किया जा सके। बन शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह विपक्षी को आवंटित यूनिट के मद में बकाया बेसिक धनराशि रु.8,७658,/- का भुगतान is दिनों के अन्दर करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता विपक्षी के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यदि विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्रार्थना-पत्र दाखिल करें कि वह किस Mode से माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का निष्पादन कराना चाहता है, ताकि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 43.08.2026 को पेश हो । (यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण