Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Jitin Kumar v. Mahaluxmi Realtech Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/04/74205/2021
- Decision date
- 2026-04-27
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 // 40/63 सपठित नियम-24 8-शिकायत WAT:—NCR 45/04/74205/202] जितिन कुमार बनाम महालक्ष्मी रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 27.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री. कैलाश पाण्डेय उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। विपक्षी द्वारा अपनी गणना शीट में शिकायतकर्ता की ओर बकाया धनराशि दर्शाई गई है। शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति में बताया गया कि उसके द्वारा विपक्षी को समस्त धनराशि का भुगतान समयानुसार किया गया है, इसलिए विपक्षी कोई होल्डिंग चार्ज, विलम्ब ब्याज पाने का अधिकारी नहीं है।
शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यतः यह आपत्ति की गई है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन समय से नहीं किया गया है, जिस कारण वह होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। विपक्षी द्वारा समय से कब्जा न देने के कारण शिकायतकर्ता ने माननीय रेरा पीठ-04ए में oat के अन्तर्गत अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें माननीय रेरा पीठ-0ए द्वारा दिनांक 25.05.2022 को आदेश पारित किया गया कि शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराये, जिसके अनुपालन में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। व. अतः ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय //पद्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई Aer चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। क्योंकि शिकायतकर्ता को अभी तक यूनिट का कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता पिछला कोई मेन््टेनेन्स विपक्षी को अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो माननीय रेरा पीठ-0॥ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 25.05.2022 के अनुसार यदि शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि अदा करने में विलम्ब किया गया है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता, विपक्षी को विलम्ब ब्याज अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा।
क्योंकि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को समस्त धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। अतः विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें तथा कब्जा-पत्र एवं रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। आदेश का अनुपालन न करने पर शिकायतकर्ता सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश-24 के अधीन स्पष्ट रूप से प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करें, ताकि यूनिट को कार्क कर, रिसीवर नियुक्त कर इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जा सके और रजिस्ट्री करायी जा सके। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 09.06.2026 को पेश हो | me eae आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण