Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ombeer Singh v. Shouryapuram-STPL B-111, SEC-5, NOIDA-201301 Shouryapuram
Complaint No. NCR145/04/73089/2021
- Decision date
- 2026-05-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 47—fSrprad PA:—NCR45/04/73089/202 ओमबीर सिंह बनाम शौर्यपुरम-एसटीपीएल आदेश-पत्र दिनांक: 44.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता सुश्री निकिता उपस्थित हुई। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावलीं का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय. .पीठ-03. द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 8.04.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी परिवादी से बकाया धनराशि प्राप्त करके, परिवादी को आवंटित इकाई का अधिपत्य aan सी.सी के साथ जून 2022 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी विलम्बित अवधि / delayed period के सम्बंध में 04.07.2009 से दिनांक 30.04.206 तक Allotment Letter 4 अंकित ब्याज देय होगा। उसके पश्चात् दिनांक 07. 05.20i6 से ओ.सीसी. सी प्राप्त होने या ऑफर ऑफ पोजेशन जो ब्याज बाद में हो की तिथि तक MCLRH% की दर से प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान किया जाएगा। यह धनराशि अंतिम देय धनराशि में समायोजित की जाएगी तथा अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान की जाएगी।
(ग) परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। परिवादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम की धारा 2 (ay) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। प्र (a) कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुये लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 24.03.2020 से दिनांक 30.09. 2020 तक परियोजना में हुये विलम्ब के लिए प्रतिवादी द्वारा देय ब्याज की गणना व परिपरिवादी की ओर से समय से भुगतान न किये जाने के सम्बंध में विलम्ब ब्याज की गणना उक्त अवधि में नहीं की जाएगी। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 48.04.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,//40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 40.02. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 20I6 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 8.04.2022 के क्रम संख्या क के अनुसार कब्जा की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 44.05. 2026 के लिए संदर्भित की जाती है।
afta, outer को निर्देशित किया जांता है कि पीठ द्वारा दिनांक 48.04.2022 को ois, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या ख के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 4.05.2026 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 40.02. 2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश ge विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,//सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट अधिपत्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शा शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 3.07.2026 को पेश हो। — lop — आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण