Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Amit Bagaria v. Rise Projects Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/04/1087/2019
- Decision date
- 2026-05-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 // 40 ,/63 सपठित नियम-24 45-शिकायत WEAT—NCRI45/04/087/209 अमित बागरिया बनाम राइज प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 44.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मानेन्द्र सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा दाखिल जवाब के सम्बन्ध में एवं रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या दिनांक 20.06.2025 के विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति की गई है। विपक्षी द्वारा अपनी आपत्ति गणना शीट दिनांकित 22.09.2025 में आवंटित यूनिट की बेसिक कीमत में 5,59,474,//-रुपये बकाया दर्शाये गये हैं तथा विलम्ब ब्याज रू. 4,97,005//-, होल्डिंग चार्ज रु.42,480,/-, जी.एस.टी रु.55,460.9,/-, मेन््टेनेन्स रु. 65,790.9/— वसूली प्रमाण-पत्र में अदा की गई अतिरिक्त धनराशि रु.3,88,846 /-, कब्जे के समय के शुल्क रु.4,20,605/- एवं अन्य चार्जेज़ सहित कुल धनराशि रु.47,08,744. 08,/-दर्शाई गई है, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा आपत्ति की गई है। उभयपक्षों के मध्य मुख्य रूप से होल्डिंग चार्ज तथा विलम्ब ब्याज के सम्बन्ध में विवाद है।
जहाँ तक होल्डिंग चार्ज का प्रश्न है, तो शिकायतकर्ता द्वारा उसे आवंटित यूनिट का निर्धारित समयावधि के अन्दर कब्जा प्राप्त न होने के कारण उसके द्वारा अपनी शिकायत योजित की गई, जिसमें माननीय रेरा पीठ द्वारा दिनांक 25.08.2020 को कब्जा का आदेश पारित किया गया, उसके बावजूद भी विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और विपक्षी के पास ओ.सी./सी.सी. भी प्राप्त नहीं है। अतः ऐसी स्थिति में विपक्षी द्वारा स्वयं शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2048 के नियम-9.2 के अनुसार विपक्षी को शिकायतकर्ता कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। — जहाँ तक मेन्टेनेन्स का प्रश्न है, तो शिकायतकर्ता बी.बी.ए के अनुसार विपक्षी को 4 वर्ष का wale aa कब्जे के समय देने के लिए उत्तरादायी है। जहाँ तक अन्य चार्जेज़ का प्रश्न है, तो शिकायतकर्ता बी.बी.ए के अनुसार विपक्षी को नियमानुसार अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। लेकिन जहाँ तक वसूली प्रमाण-पत्र की धनराशि में अधिक धनराशि का विपक्षी द्वारा अदा करने का प्रश्न है, तो विपक्षी इस सम्बन्ध में श्रीमान सचिव, रेरा के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। उक्त बिन्दु इस न्यायालय के समक्ष निर्धार्णीय नहीं है। अतः शिकायतकर्ता यह धनराशि विपक्षी को अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है। जहाँ तक जी.एस.टी का प्रश्न है, तो यदि जी.एस.टी विपक्षी द्वारा अदा किया गया है, तो विपक्षी उसकी रसीद दाखिल करें, तद्पश्चात ही शिकायतकर्ता जी.एस.टी की धनराशि अदा करने के लिए भी उत्तरदायी होगा। तदनुसार उभयपक्षों की आपत्तियाँ निस्तारित की जाती हैं।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह उपरोकतानुसार 45 दिनों के अन्दर मांग-पत्र शिकायतकर्ता को प्रेषित करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता, विपक्षी को बकाया धनराशि का भुगतान करें। विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्निम सुनवाई हेतु दिनांक 20.07. 2026 को पेश हो। आर. पी. oie ag ७००७ (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण