Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Deepak Jyoti v. Project Category-Un-Register Ansal Landmark Townships Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/04/0873/2019
- Decision date
- 2026-05-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 42-शिकायत BAT—NCR 45/04/0873/209 दीपक ज्योति बनाम अंसल लैंडमार्क टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 45.05.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश Bs | पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | yea शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 46.:2.20:9 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैंः- 4. प्रतिवादी को आदेशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत परियोजना में समस्त निर्माण कार्य पूर्ण करते हुए शिकायतकर्ता की सहमति से यूनिट संख्या- C006 अथवा किसी समकक्ष इकाई पर पूर्व में बुक की गयी यूनिट के रेट पर कब्जा आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 4 माह के अन्त तक प्राप्त कराना सुनश्चित करे। 2. साथ ही शिकायतकर्ता व प्रमोटर के बीच हुये seed Builder Buyer Agreement (BBA) के अनुसार विलम्बित अवधि / delayed period के सम्बंध में दिनांक 30.04.2046 तक छ98«& में उल्लिखित दण्ड,” penalty के अनुसार तथा दिनांक 07.05.20:6 (Real Estate Regulation & Development- Act 2046 के लागू होने की तिथि) से MCLR+ L% की दर से प्रमोटर द्वारा दण्ड AT occupation certificate /C.C WT होने की तिथि तक अदा किया जाएगा। व्याज की इस धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित की जाएगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार वापस की जायेगी। 3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2(४०)0) के अन्तर्गत
ब्याज को परिभाषित किया गया है कि यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से व्याज प्रमोटर द्वारा डिफाल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा और यदि शिकायतकर्ता द्वारा कोई धनराशि का भुगतान करना क्यो शेष है तो उस विलम्बित अवधि का व्याज प्रतिवादी प्राप्त करने का अधिकारी है, परन्तु ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। 4... शिकायतकर्ता को प्रतिपूर्ति (compensation) WT करने का अधिकार नहीं होगा। प्रतिवादी प्रमोटर द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने पर शिकायतकर्ता / आवंटी को यह अधिकार होगा कि Go yo. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन करा सके इस आदेश का Goo उठप्र० भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 46.42.2049 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 04.08. 202 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- विपक्षी को निर्देशित किया जाता है वह शिकायतकर्ता की यूनिट को पूर्ण कराकर कब्जा दें और पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश के अनुसार शिकायतकर्ता को विलम्ब हेतु ब्याज अदा करें।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / AM. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 47.08.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण