Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rita Rani v. Uppal Chadha Hi-Tech Developers Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/03/90938/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-27
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Gemini 3.8 Flash, Antigravity), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddha Nagar | Hearing Bench - Adjudicating Officer, ॥ Proceedings under Section-38 / 40/63 read with Rule-24 24--Complaint PEAT—NCR 45/03/90938/2022 Reeta Rani versus Uppal Chadha Hi--Tech Developers Private Limited Order-Sheet Date: 27.40.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was taken up. On call, complainant herself appeared in person. Learned advocate Mr. Puneet Jain appeared on behalf of the respondent. Both parties were heard and the file was perused. It was informed by the complainant that possession of the unit has not yet been given by the respondent nor has transfer deed been executed and registered. In the said complaint, after hearing as per rules, the Hon'ble Bench-04-A passed the following order on 04.08.2022:- 4. The respondent is directed to ensure completing all amenities of the flats of all complainants in the above table as per the agreement and ensure giving possession along with O.C. / C.C. by 30.09.2022 and after receiving payable stamp duty, get registry executed as per rules.
2. The respondent shall ensure payment of interest at MCLRH percent as delay interest on the amount deposited by the complainant for the period from 07.04.2020 till the date of obtaining O.C. / C.C. or date of offer of possession (27.42.2024), whichever is later, to the complainant (Anita Tyagi). This interest amount shall be adjusted against the amount payable in the final payment. If the interest amount is more than the payable amount, it shall be refunded to the complainant. Considering the force majeure period, interest shall not be calculated for delay caused in the project from 25.03.2020 to 25.0:9-2020. Also, if there are any over dues (Over Dues) of the complainant during this period, interest for this period shall not be payable on them either. In the cases of other complainants (Akash Goyal and Gunit Singh), calculation of delay interest shall be done as above in accordance with the agreement and in the case of complainant (Reeta Rani), no interest shall be calculated for delay.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, ॥ कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 24--शिकायत PEAT—NCR 45/03/90938/2022 रीता रानी बनाम उप्पल चड्ढा हाई--टेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 27.40.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई।. पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए | ह उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। yea शिकायत में माननीय पीठ-0ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 04.08.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह उपरोक्त सारणी के समस्त शिकायतकर्तागण के wey की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.09.2022 तक ओ.सी /सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता (अनीता त्यागी) को दिनांक 07.04.2020 से ओ.सी/सी. सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि (27.42.2024), जो भी बाद में हो तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत ब्याज की धनराशि अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.0:9-2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज da न होगा। अन्य Prescot (आकाश गोयल एवं गुनीत सिंह) के प्रकरण में “जज न विलम्ब ब्याज की. गणना अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार की जायेगी और शिकायतकर्ता (रीता रानी) के प्रकरण में विलम्ब हेतु किसी ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की पारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से व्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः aed भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा॥रता प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देयं होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई बनराशि RT लागू होने के बाद आवटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4. विपक्षी को .यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को फ्लैटस् का कब्जा देते समय सभी चार्जेज अनुबन्ध के अनुरूप प्राप्त करने के अधिकारी होगें। 5... शिकायतकर्ता (गुनीत सिंह) के प्रकरण में विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह त्रिपक्षीय अनुबन्ध / एम.ओ.यू. के अनुसार प्री-ई-एम.आई. का भुगतान करें तथा यदि पूर्व में किसी किश्त का भुगतान नहीं किया गया है अथवा विपक्षी का विधिक उत्तरदायित्व होने के बाद भी शिकायतकर्ता द्वारा वित्तीय संस्था को किया गया हो, तो उसका समायोजन अंतिम देय धनराशि में करना सुनिश्चित करें। 6. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व व्याज की प्रत्येक गागले में गणना की जायेगी। 7... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 8. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण a यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करां सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 04.08.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व A As—07¥) द्वारा दिनांक 42.09.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः-
अतः उपर्युक्त समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों के आलोक में यह स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा अभी तक पीठ द्वारा पारित आदेश, दिनांक 0:-08—2022 का कोई अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया है। चूंकि प्रकरण में पीठ द्वारा ones के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 04-08-2022 के प्रस्तर-02 के अंतिम पैरा के अनुसार प्रार्थी / शिकायतकर्ता के प्रकरण में विलम्ब हेतु किसी ब्याज की गणना नहीं की जायेगी, सम्बन्धी आदेश पारित किया गया ST TNTSCSCSCQS 3 << है। अतः ऐसी स्थिति में प्रश्नगत प्रकरण में विलम्ब ब्याज की वसूली हेतु कोई आदेश पारित किया जाना सम्भव नहीं है। रेरा नियमावली, 206 के नियम 24 में प्राधिकरण के आदेशों एवं निर्देशों को क्रियान्वित करने की रीति दी हुई है। अतः: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं wred परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 04-08-2022 के- प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत फ्लैट के भौतिक कब्जे एवं रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी . के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनाक 27-0-2025 को संदर्भित की जाती है। यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी » प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांक 04--08-2022 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी .प्रकरण को रेरा अधिनियम at धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ--04ए) द्वारा पारित आदेश दिनांक 42.09.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया cal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 4 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता को यद्दि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 23.04.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण