Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Dr.Jai Singh v. Uppal Chadha Hi-Tech Developers Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/03/71457/2021
- Decision date
- 2026-06-18
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 ,//63 सपठित नियम-24 24-शिकायत WA—NCR 45/03/7457/202] डॉ. जय सिंह बनाम उप्पल चड्ढा हाई-टेक डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 48.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री असित उपस्थित हुए। उभयपक्षो को रेरा अधिकृत सी.ए आख्या पर सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा दाखिल आख्या दिनांक 30.0.2025 के विरुद्ध विपक्षी द्वारा आपत्ति दाखिल की गई है, जिसके विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा अपनी प्रति आपत्ति दाखिल की गई है। रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या दिनांक 30.0.2025 के अनुसार आवंटित यूनिट की बेसिक कीमत &.2,87,23/—, पी.एल.सी. &54,679/—, अन्य चार्जेज रु.4,47,560 /— तथा आई.एफ.एम.एम. रु.53,025 //- एवं एडवांस मेन््टेनेन्स चार्ज शामिल कर कुल रु.5,45,747.33,//- शिकायतकर्ता की ओर बकाया दर्शाये गये हैं, जो शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को अदा करने है। जबकि विपक्षी का यह कथन है कि होल्डिंग चार्ज एवं विलम्ब ब्याज की गणना रेरा अधिकृत सी.ए द्वारा नहीं की गई है। शिकायतकर्ता की और से यह कहा गया कि कोई होल्डिंग चार्ज एवं विलम्ब ब्याज अदा करने के लिए वह उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि विपक्षी द्वारा स्वयं न तो समय से यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है।
अतः क्योंकि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को समय से यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है, ऐसी स्थिति में उ.प्र... भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय पट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है और न ही विलम्ब ब्याज पाने का अधिकारी है। क्योंकि शिकायतकर्ता को अभी तक यूनिट का कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता पिछला कोई मेन््टेनेन्स विपक्षी को अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। SL ऐसी स्थिति में विपक्षी द्वारा रेश अधिकृत सी.ए की var आख्या के विरुद्ध दाखिल आपत्तियाँ निरस्त की जाती हैं। शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह रेरा अधिकृत सी.ए की vat आख्या के अनुसार विपक्षी को 2 माह के अन्दर बकाया धनराशि का भुगतान करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। यह स्पष्ट किया जाता है कि स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्री शुल्क, रजिस्ट्री के समय होने वाले व्यय शिकायतकर्ता को स्वयं वहन करने होंगे। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 44.09.2026 को पेश हो। = Rig आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण