Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Karun Kumar and Neetu Kumari v. Mahaluxmi Buildtech Consortium Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/03/54123/2023
- Decision date
- 2026-08-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 सपठित नियम-24 24-शिकायत GIT—NCR45/03/5423/2023 करुण कुमार एवं नीतू कुमारी बनाम महालक्ष्मी बिल्डटेक कंसोर्टियम प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अरुण सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। प्रश्नगत शकायत में माननीय te—-o7 (पूर्व में पीठ-0ए) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 08.02.2025 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट को समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र /बी.बी.ए. के अनुसार पूर्ण कराते हुए, ओ.सी.,//सी.सी. सहित werd यूनिट का भौतिक कब्जा देना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ता से देय weg शुल्क प्राप्त कर, शिकायतकर्ता के पक्ष में नियमानुसार रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को विपक्षी से दिनांक 33-42-2024 से 68 दिन (निस्तारण बिन्दु संख्या: 04 के अनुसार) जोड़ने के उपरान्त, अर्थात् दिनांक 09-03-2022 से ओ.सी. /सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा विधिक कब्जा ऑफर पत्र प्रेषित किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज की धनराशि अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। Se 3... कोविड-49 के कारण फोर्स मैज्योर पीरियड के दृष्टिगत, दिनांक 25-03-2020 से दिनांक 25-09-2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज प्रोमोटर द्वारा शिकायतकर्ता को नहीं दिया जाएगा और न ही शिकायतकर्ता से कोई विलम्ब ब्याज लिया जायेगा। 4. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा-2 («0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 5... विपक्षी को यह भी आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को ओ.सी./ सी. सी. सहित प्रश्ननत यूनिट का भौतिक कब्जा दिये जाते समय सभी चार्जेज़ आवंटन-पत्र / बी.बी.ए. के अनुसार प्राप्त करने के अधिकारी हैं।
6... विपक्षी आदेश अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के अन्दर आदेश का अनुपालन करना सुनिश्चित करें। 7. प्रकरण में पत्रावली पर उपलब्ध आवंटन पत्र / बी.बी.ए. दिनांक 24-06-2049 के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा उक्त आवंटन पत्र /बी.बी.ए. उ.प्र. शासन आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 की अधिसूचना संख्या: 4740 /8-3-48—-65 विविध / १6, दिनांक 7-70-208 के प्रारूप पर निष्पादित, हस्ताक्षरित व पंजीकृत नहीं कराया गया है। अतः विपक्षी (प्रमोटर) द्वारा रेश अधिनियम की धारा-43 का उल्लंघन किया गया है, जिसके लिए रेरा अधिनियम, 206 की IRI-6t के अधीन शास्ति का प्राविधान किया गया है। अतः सचिव, रेरा विपक्षी (प्रमोटर) के विरूद्ध शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही हेतु, प्रश्नगत प्रकरण को प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। 8... इस आदेश की प्रति सचिव, रेरा को अग्रेतर कार्यवाहीं हेतु प्रेषित की जाये। 9. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38, 40(2), 63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 40. शिकायतकर्ता को यह भी निर्देशित किया जाता है कि यदि 45 दिनों के अन्दर विपक्षी द्वारा उपर्युक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता रैरा पोर्टल के माध्यम से आदेश a क्रियान्वयन कराये जाने हेतु अनुरोध Y अपलोड कर, भौतिक प्रति रेरा क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 08.02.2025 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vad आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04 (पूर्व में पीठ-04ए) द्वारा दिनांक 29.06.2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अत: उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 सपठित सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 2. में निहित शक्तियों के अधीन पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 08.02.2025 के प्रस्तर-04 के अनुसार प्रश्नगत यूनिट के भौतिक कब्जे तथा रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई के लिए, दिनांक 40-08-2026 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 08.02.2025 के प्रस्तर-02 के अनुसार दिनांक 33-07-2026 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि की वसूली हेतु, वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित wy | यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी / प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत ott, दिनांक 08.02.2025 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं।
अन्तर्गत धारा-38,40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-0॥ (पूर्व में Hre—oiv) द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.06.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की ag | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया cal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। गा ‘ शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.4.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण