Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Gagan Deep Jaiswal v. MR Proview Realtech Private Limited
Complaint No. NCR145/03/52267/2020
- Decision date
- 2026-08-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /“ 40 ,/63 सपठित नियम-24 8-शिकायत WIMT—NCR I45/03/52267/2020 गगन दीप जयसवाल बनाम एमआर प्रोव्यू रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.08.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री हरप्रीत सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ताशसुश्री चेष्ठा भारद्वाज उपस्थित हुईं। उभयपक्षों को सुना गयाँ७एवं पत्राबली->काःअवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत शिकायत“ प्रस्तुल॒_की «गई; जिस पैर माननीय रेरा पीठ-2 द्वारा दिनांक 22.2.2020 को निम्न आदेश पारित किया गयाः- 4. विपक्षी को आदेशित किया जौत्ा है किंध्वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र,/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 37.03202: तक ओ.सी/सी.सी. अथवा पूर्णता हेतु चारों प्रमाण पत्र सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देव स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 28.04.2047 से (क) ओ.सी. सी.सी. प्राप्त होने (अथवा इलैक्ट्रिकल सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक््चरल सर्टिफिकेट, लिफ्ट इन्स्टॉलेशन सर्टिफिकेट सिड ओसी /सी.सी. के लिए आवेदन दिये जाने के तिथि के 8 दिन बाद की तिथि से) अथवा (ख) कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर MCLRHH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होनी पर शिकायतकर्ता को वापस की जाये। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फौर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक पारियोजना में हुये विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। 3. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (al) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर ae 8 आवंटी के डिफॉल्ट सो प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर भ८,२+ प्रतिशत है। 4... विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र जारी करना सुनिश्चित करें।
5... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 34.03.2024 तक कब्जा देने में अत्तफल रहता है, तो दिनांक 34.03.2024 के पश्चात् 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि धटा॥रका प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता का यह दायित्व होगा कि वह यूनिट के सापेक्ष ली बैंक ऋण की धनराशि बैंक को वापस अदा करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 22.42.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0ए द्वारा दिनांक 04.07. 2022 को धारा-38 /40,/63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों के दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 22.2.2020 @ पृष्ठ संख्या-43 के प्रस्तर-05 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें एवं“विपैक्षी,/ प्रमोटर के विरूद्ध रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गतै*यथोचित्त“अर्थदण्ड ःअधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जायें अन्तर्गत धारा-38 / 40963 कीडनिष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश. का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. अध्यक्ष महोदय के पत्र दिनांक 48.05.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई।
शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध समस्त जमा धनराशि ब्याज सहित वापस दिलाये जाने हेतु, धारा-34 के अन्तर्गत शिकायत WAI-SCNCA/NCR 45/03/52267/2020 प्रस्तुत की गई, जिस पर माननीय रेरा पीठ-2 (पूर्व पीठ-04) द्वारा दिनांक 05.03.2025 को निम्न आदेश पारित किया गयाः- 4. faueft को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर आवंटन पत्र दिनांक 27.07.2043 के प्रस्तर-«(।) के अनुसार कार्यवाही कर एवं दिनांक 23.:4.2022 को जारी वसूली प्रमाण-पत्र की धनराशि को समायोजित करते हुए शिकायतकर्ता की शेष धनराशि वापस अदा करना सुनिश्चित करें। 2 इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत deta होगा। 3. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेगें। शिकायतकर्ता द्वारा माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 05.03.2025 के विरुद्ध माननीय उ.प्र. भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण में अपील योजित की गई है, जिसमें सुनवाई की तिथि 24.08.2026 नियत है। उभयपक्षों को निर्देशित किया जाता है कि वे माननीय उ.प्र. भू-सम्पदा अपीलीय अधिकरण में लम्बित अपील की अद्यतन स्थित आदेश सहित शपथ-पत्र के साथ रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.44.2026 को पेश हो। aegis आर. पी. सिंह 72* (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण