Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arvind Seluadurai Einstein v. Prateek Realtors India Private Limited
Complaint No. NCR145/02/70903/2021
- Decision date
- 2026-03-13
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 24-शिकायत GIM—NCR45/02/70903/202 अरविंद सेलुवादुरई इंस्टीन बनाम प्रतीक Raced इंडिया प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 43.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई | पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | प्रश्नणत शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 04.02.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी परिवादीगण को आवंटित मूल इकाई का कब्जा (physical possession) ओ. सी/ सी.सी के साथ मार्च 2022 तक उपलब्ध करायें। (ख) प्रतिवादी द्वारा विलम्बित अवधि का ब्याज परिवादीगण को दिनांक 04.0.2048 से ओ.सी» सीसी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो भी बाद में हो, तक MCLRH% की दर रो ब्याज देय होगा। ब्याज की इस धनराशि को कब्जा दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित (adjust) किया जायेगा तथा शेष बची धनराशि परिवादीगण को भुगतान की जाएगी। (ग) परिवादीगण द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादीगण प्रतिवादी को भुगतान करें। रेरा अधिनियम की धारा 2(७४)6) के अधीन परिवादीगण द्वारा धनराशि भुगतान करने में किये गये विलम्ब के लिए प्रतिवादी उस विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादीगण द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा।
(घ) परिवादी द्वारा भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण किये जाने में हुये विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरियड दिनांक 25 मार्च, 2020 से दिनांक 25. 09.2020 की अवधि का ब्याज परिवादी व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नहीं किया जायेगा। (ड) दिनांक 49.02.205 से 46.08.2046 तक परियोजना में यथास्थिति का आदेश प्रभावी रहा। अत: यह अवधि फोर्स मैज्योर के अधीन गणना की जायेगी। —= >्र इस आदेश का उल्लंघन उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 07.02.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा 46.44.2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.02.2022 के क्रम संख्या क व ख का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-38,/40,/ 63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 04.02. 2022 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या ख के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए।
TAIRA अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.4.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश By | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया eal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए कब्जा-पत्र की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.06.2026 को पेश हो। eek आर. पी. Rig (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण