Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rohit Goel v. Ghaziabad Development Authority Vikas Path
Complaint No. NCR145/02/49900/2020
- Decision date
- 2026-09-11
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 6-शिकायत PI—NCRI45/02/49900/2020 रोहित गोयल बनाम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण आदेश-पत्र दिनांक: 44.09.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश gel पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं कब्जा-पत्र दिनांकित 24.44.2025 की प्रति एवं रजिस्ट्री दिनांकित 49.44.2025 की प्रति दाखिल की गई है, जिससे स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा प्राप्त हो चुका है और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री भी हो चुकी है। werd शकायत में माननीय पीठ-0।ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 46.42.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त “hoy सुविधाओं को आवंटन पत्र / ब्रोशर के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.04.2024 तक ail. सी.//सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय KT शुल्क प्राप्त कर = Prager रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित we | yf \ 05 _ ० है हि
5.02. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 25.07.20I8 से ओ.सी.,/सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित et) ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। > 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 206 की धारा 2(2०)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की घनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेंगें।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 6.:2.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0०१ए द्वारा दिनांक 32.07. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थिति में यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 3.03.2022 तक कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 6.2.2020 के अनुसार अकाउन्टस् सैटल कर कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 37.03.2022 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में oat के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 76.2.2020 के बिन्दु संख्या-02 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज का वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें और रेरा अधिनियम, 2076 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड .._ अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। ता 24.44.2025 के अनुसार नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की 2) . तदोपरान्त प्रश्नगत पत्रावली श्रीमान सचिव, उ.प्र. रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश ae शिकायतकर्ता का यह कहना है कि विपक्षी द्वारा देरी से यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है, इसलिए उसे प्रतिकर दिलाया जाये। अतः नियम-24 के अन्तर्गत प्रतिकर दिलाये जाने का क्षेत्राधिकार इस पीठ को नहीं है। शिकायतकर्ता प्रतिकर के सम्बन्ध में धारा-3 के अन्तर्गत रेरा की सक्षम पीठ के समक्ष अपना पक्ष नियमानुसार प्रस्तुत कर सकता है। au
कब्जा-पत्र दिनांकित 24.44.2025 एवं रजिस्ट्री दिनांकित 49.44.2025 के अवलोकन से यह विदित है कि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध करा दिया गया है और रजिस्ट्री भी करा दी गई है। प्रश्नगत प्रकरण में अब कोई कार्यवाही शेष नहीं है। वर्णित che, स्थिति में प्रश्नगत पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को कब्जा CN प्राप्त हो जाने एवं रजिस्ट्री निष्पादित हो जाने के आधार पर निस्तारित की जाती है। ie) =e = 3, (3) आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदनुसार पत्रावली दाखिल दफ्तर हो। — <a ot आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण