Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Manju Bala v. Rise Projects Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/02/49586/2020
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Claude Haiku), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddh Nagar Hearing Bench: Adjudicating Officer Proceedings under Sections 38 / 40 / 63 read with Rule 24 and Rule 24 Serial No. 20. Complaint No. HAT—NCRI45/02/49586/2020 Manju Bala vs. Rise Projects Private Limited ORDER SHEET Date: 09.40.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was presented. On being called, the complainant's representative, Shri [?] Yogesh Goyal, appeared. Learned advocate Shri Puneet Jain appeared for the opposite party. Both parties were heard and the file was perused. The complainant has informed that the opposite party has not given possession of the unit, nor has the registry been done. In the complaint in question, after hearing in accordance with the rules, Hon'ble Bench-02 passed the following orders on 24.44.2020:
> 4. The opposite party is directed to complete all facilities of the complainant's unit as per the allotment letter/agreement, ensure handover of possession with [?] OC/CC by 30.06.202 [?], and get the registry done as per rules after receiving the payable stamp duty. > > 2. The opposite party shall pay delay-period interest on the amount deposited by the complainant, at an annual interest rate of MCLRH [?] percent, from 28.0020:9 [?] until the date on which OC/CC is obtained or possession is offered, whichever is later. It is further clarified that this interest amount shall be adjusted against the final payment, and if the interest amount exceeds the amount payable, it shall be refunded to the complainant as per rules. Considering the lockdown and force majeure in the country for the prevention and control of COVID-49 [?], interest shall not be calculated for the delay in the project from 25.03.2020 to 25.09.2020. > > 3. The opposite party shall ensure that the possession offer letter is issued after receipt of OC, as stated above. > > 4. The opposite party is directed that, under Section 2 (ali) [?] of the RERA Act, 2046, interest has been defined as follows: after RERA came into force, if any interest rate is charged by the promoter from the allottee on account of the allottee's default, the same rate of interest shall be payable to the allottee when the promoter defaults. The interest rate notified by the State Government is MCLR+ [?] percent. > > Violation of this order shall be punishable under Section 63 of the Real Estate (Regulation and Development) Act, 206 [?] and other relevant provisions.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 सपठित नियम-24 नियम-24 20-शिकायत HAT—NCRI45/02/49586/2020 मंजू बाला बनाम राइज प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.40.2025 . शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता उनके प्रतिनिधि श्री He योगेश गोयल उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोंकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.44.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.202 तक ail. सी.//सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 28.0020:9 से ओ.सीसी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाए। कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। च्चच्ज् 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें। 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा 2 (ali) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+ प्रतिशत है। ह इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.:4.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-2 द्वारा दिनांक 29.. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः-
उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.47.2020 S क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38,//40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 24. ॥4. 2020 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण माननीय अध्यक्ष महोदय, रेरा द्वारा पारित आदेश दिनांक 30.07.2024 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को ae भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए रजिष्ट्री ' A,
कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 05.04.2026 को पेश हो। आर मी सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण