Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Abhishek Kumar Jain v. Shubhhomes Realcon Private Limited
Complaint No. NCR145/02/105625/2023
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-08-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Counsel
- Puneet Jain (for the complainant)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर पीठ-3 भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2046 की धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश उपस्थित:- डा० दीपक स्वरूप सक्सेना, सदस्य क्रम do शिकायत संख्या hae यूनिट न0 जमा धनराशि रु0 अनुबंध की तिथि अनुबंधानुसार कब्जा दिये जाने की तिथि वांछित अनुतोष ४८7२45/02/05625/2023 अभिषेक कुमार जैन K-028 रु0 2,28,498 / 40.04.205 36 माह + 06 माह अनुग्रह अवधि अर्थात जुल ई 2048 जमा धनराशि वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। बनाम शुभहोम्स रियलकॉन प्रा.लि. ' शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरुद्ध परियोजना विलम्बित होने के कारण जमा धनराशि वापस दिलाये जाने हेतु यह शिकायत संस्थित की गयी है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना URBAN HOMES PHASE 2A में यूनिट संख्या b-i028 बुक करायी गयी थी। आवंटित यूनिट की कुल कीमत wo 24,00,000/थी जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को धनराशि रु0 2,28,498//-का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत पृष्ठ पर यह उल्लिखित किया गया है कि विपक्षी यूनिट का कब्जा निर्धाति अवधि में उपलब्ध कराने में असफल रहा है। विपक्षी की परियोजना 67 माह से अधिक विलम्बित है। विपक्षी द्वारा er अधिनियम की धारा 43 का उल्लंघन किया गया है क्योंकि विपक्षी द्वारा 40 प्रतिशत धनराशि प्राप्त करने के उपरांत अनुबंध पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है।
शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत के समर्थन में आवंटन अनुबंध पत्र व कस्टमर एकाउंट लेजर की छाया प्रतियां दाखिल की गयी हैं। शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को भुगतान की गई धनराशि का विवरण निम्नवत् है:- क्रम विवरण दिनांक संख्या भुगतान की गई धनराशि (रु0) बैंक द्वारा जारी : | कस्टमर एकाउंट लेजर 04.04.2044--34.03.2046 | 0 2,28,498 / व लक
विपक्षी द्वारा दाखिल लिखित जवाब में यह उल्लिखित किया गया है कि विपक्षी द्वारा परियोजना ada होम्स में शिकायतकर्ता को ईओआई के अन्तर्गत दिनांक 04.07.2044 को यूनिट संख्या के /यूएच-4028 आवंटित किया गया था। विपक्षी द्वारा दिनांक 47.07.2044 को वेलकम लेटर जारी किया गया था। विपक्षी द्वारा दिनांक 09.09.204 को ईओआई पेमेंट प्लान के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को बेसिक सेल प्राइज का 40 प्रतिशत किश्त भुगतान किये जाने के लिए पेमेंट नोटिस जारी किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा नोटिस दिनांक 09.09.20i4 का नजरअंदाज किया गया। इसके उपरांत विपक्षी द्वारा पुनः दिनांक 03.44.2044 को एक अन्य पेमेंट नोटिस जारी किया गया जिसमें wo 2,34,889 ,/व एरियर के साथ so 3,94,788 // का भुगतान किये जाने के लिए अनुरोध किया गया था। शिकायतकर्ता द्वारा नोटिस प्राप्त होने के उपरांत धनराशि Go 4,53,480,// का भुगतान किया गया जो शिकायतकर्ता पेमेंट प्लान ऑफ ईओआई का उल्लंघन किया गया है। विपक्षी द्वारा दिनांक 25..2044 को पुनः अवशेष देय धनराशि का भुगतान किये जाने हेतु नोटिस जारी किया गया। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर दिनांक 40.0.20i5 को आवंटन अनुबंध पत्र निष्पादित हुआ। शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट की कुल कीमत oO 22,59,600,/ थी जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि wo 2,28,480,// का भुगतान किया गया है। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को अवशेष देय धनराशि का भुगतान किये जाने हेतु कई अनुस्मरण पत्र प्रेषित किये गये। लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। विपक्षी द्वारा आवंटन पत्र (0.04. 205) के अनुसार यूनिट का कब्जा 36 माह तथा 06 माह aque अवधि के साथ दिनांक 09.07.2048 तक दिया जाना था। विपक्षी की परियोजना पूर्ण है और विपक्षी को दिनांक 26.44.2048 को सम्बन्धित प्राधिकरण से कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुका है। शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि का भुगतान न किये जाने पर विपक्षी द्वारा अंतिम रूप से दिनांक 25.03.20I6 को आवंटित यूनिट निरस्त करके अर्नेस्ट मनी जब्त कर ली गयी है। विपक्षी द्वारा यूनिट निरस्त करने के उपरांत यूनिट अन्य आवंटी सुधीर कुमार व श्वेता कुमारी के पक्ष में सेल डीड की जा चुकी है। इस प्रकार शिकायतकर्ता आवंटी की श्रेणी में नहीं है। sat के सम्बन्ध में विपक्षी द्वारा
रेरा अधिनियम की धारा-2डी का veers किया गया है। अतः विपक्षी द्वारा शिकायत निरस्त किये जाने का अनुरोध किया गया है। उभयपफक्षों के तर्कों को सुना गया। उभयपक्ष के अभिवचनों के आधार पर निम्न प्रश्न विरचित किया जाता हैं :- 4. क्या शिकायतकर्ता जमा धनराशि पाने का अधिकारी है अथवा नही? निस्तारण प्रश्न संख्या i-: प्रश्न संख्या 4 इस आशय का विरचित किया गया है कि क्या शिकायतकर्ता जमा धनराशि पाने का अधिकारी है अथवा नही? शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना विलम्बित होने के कारण जमा धनराशि वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। विपक्षी की ओर से तर्क प्रस्तुत किया गया कि विपक्षी को कम्पलीशन सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुका है तथा शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि का भुगतान न किये जाने पर आवंटित यूनिट निरस्त करके अर्नेस्ट मनी जब्त किया जा चुका है और आवंटित यूनिट किसी अन्य आवंटी के पक्ष में सेल डीड किया जा चुका है।
पत्रावली के अवलोकन से यह विदित है कि शिकायतकर्ता व विपक्षी के मध्य दिनांक 40.04.20i5 को आवंटन पत्र निष्पादित हुआ जिसके अनुसार विपक्षी द्वारा यूनिट का कब्जा 06 माह अनुग्रह अवधि तथा 36 माह में अर्थात जुलाई 20:8 तक दिया जाना था। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को अनुबंध पत्र के साथ संलग्नक चयनित पेमेंट प्लान के अनुसार अवशेष देय धनराशि का भुगतान किये जाने हेतु कई पेमेंट नोटिस दिनांक 09.09.2074, 03.44.2044, 25.44.2044, 45.04.2045, 4. 04.2045, 04.02.2046 व 23.03.2046 को प्रेषित किये गये परन्तु शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि का भुगतान नही किया गया जिस कारण विपक्षी द्वारा दिनांक 25.03.2046 को शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट अंतिम रूप से निरस्त कर दी गयी। विपक्षी द्वारा दिनांक 25.03.2046 को शिकायतकर्ता की यूनिट अंतिम रूप से निरस्त करने के उपरांत शिकायतकर्ता को पत्र दिनांकित 28.04.2046 के माध्यम से सूचित किया गया कि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता का आवंटन निरस्त कर दिया गया है तथा यूनिट के सापेक्ष भुगतान की गयी धनराशि अनुबंध के शर्तों के अनुसार जब्त कर ली गयी है। उपरोक्त के सम्बन्ध में एलॉटमेंट एग्रीमेंट दिनांकित 40.04.2045 के प्रस्तर-45 का उल्लेख किया जाना महत्वपूर्ण है, जो कि निम्नवत् है:-
5 That the Allottee hereby understands and agrees that out ot the amounts paid by him/her/it to the company towards payment of sale price of the said flat, the company shall treat amount equivalent to 0% of the sale price of the said flat, as earnest money (Earnest Money) to ensure fulfillment, by the Allottee, of the terms and conditions as contained in this Agreement. The Allottee hereby authorizes the company to forfeit the Earnest Money, brokerage amount paid to the broker/sales organizer and administrative charges, in case of non payment of installments in time/non fulfillment of the terms and conditions herein contained and the Allottee hereby also simutanceiuly authorize the company to cancel the allotment of the said flat on happening of any of the above mentioned events. After such cancellation, the company would refund the balance due money, if the Allottee after making above such deductions. उपरोक्त क॑ अवलोकन से विदित है कि यदि शिकायतकर्ता द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर धनराशि का भुगतान नहीं किया जाता है या अनुबंध में उल्लिखित नियमों व शर्तों का weeds किया जाता है तो विपक्षी को अधिकार है कि वह शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट के सापेक्ष जमा की गयी अर्नेस्ट मनी जब्त करके शिकायतकर्ता का आवंटन निरस्त कर सकते है तथा यूनिट निरस्तीकरण व ore जब्त करने के उपरांत यदि कोई धनराशि शेष बचती है तो वह धनराशि शिकायतकर्ता को वापस की जाएगी।
यूनिट निरस्तीकरण के सम्बन्ध में भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय / पट्टा के लिए करार) नियमावली, 20:8 की धारा 9.3 में यह प्राविधानित है कि :- धारा 9.3 The Allottee shall be considered under a condition of Default, on the occurrence of the following events: i. In case the Allottee fails to make payments for 2 (two) - consecutive demands made by the Promoter as per the Payment Plan annexed hereto, despite having been issued notice in that regard the Allottee shall be liable to pay interest to the promoter on the unpaid amount at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +% unless provided otherwise under the Rules. The Promoter must not be in default to take this benefit; ii. In case of Default by Allottee under the condition listed above continues for a period beyond 3 (three) consecutive months after 4 ee notice from the Promoter in this regard, the Promoter may cancel the allotment of the [Apartment/Plot] in favour of the Allottee and refund the money paid to him by the Allottee by deducting the booking amount and the interest liabilities and this Agreement shall thereupon stand terminated. The Promoter must not be in default to take this benefit; Provided that the Promoter shall intimate the Allottee about such termination at least thirty days prior to such termination.
पत्रावली पर उपलब्ध प्रपत्रों के अवलोकन से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट की कुल बेसिक सेल प्राइस wo 22,59,600,/ है, जिसके एवज में शिकायतकर्ता द्वारा vo 2,28,498 // का भुगतान किया गया है जो कि यूनिट की कुल कीमत का लगभग io प्रतिशत है। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को अवशेष देय धनराशि का भुगतान किये जाने हेतु पेमेंट नोटिस fie 09.09.2074, 03.44.2044, 25.4.204, 5.0.205, 44.04.2045, 04.02.20i6 व 23.03.2046 को प्रेषित किये गये परन्तु शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि का भुगतान नही किया गया जिस कारण विपक्षी द्वारा दिनांक 25.03.20:6 को शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट अंतिम रूप से निरस्त कर दी गयी। विपक्षी द्वारा दिनांक 25.03.20:6 को शिकायतकर्ता की यूनिट अंतिम रूप से निरस्त करने के उपरांत शिकायतकर्ता को पत्र दिनांकित 28. 04.2046 के माध्यम से सूचित किया गया कि विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता का आवंटन निरस्त कर दिया गया है तथा यूनिट के सापेक्ष भुगतान की गयी धनराशि अनुबंध के शर्तों के अनुसार जब्त कर ली गयी है। इसके अतिरिक्त विपक्षी अपने लिखित जवाब में यह तथ्य अंकित किया गया है कि उनके द्वारा प्रश्नगत यूनिट पर तृतीय पक्ष (सुधीर कुमार व श्वेता कुमार) के अधिकार सृजित किये जा चुके तथा उनके द्वारा उक्त के पक्ष में दिनांक 05.03.2024 को सेल Ste भी निष्पादित करा दी गयी है जिसकी जानकारी गाजियाबाद सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय में qr, aeYH—-7952, पेज नम्बर 269 से 348, कम संख्या 2447 पर अंकित है। विपक्षी को प्रश्नगत परियोजना के सापेक्ष सक्षम प्राधिकरण गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से दिनांक 26.:4.20I8 को आंशिक सम्पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है जिसकी प्रति पत्रावली पर उपलब्ध है। उपरोक्तानुसार शिकायतकर्ता के द्वारा निरंतर मांग पत्र के अनुसार धनराशि अदा न करने पर विपक्षी द्वारा प्रश्नगत यूनिट को निरस्त किया जाना वैधानिक है।
Ss. उक्त के सम्बन्ध में रेश अधिनियम की धारा 32 क्लाज ए का उल्लेख किया जाना महत्वपूर्ण प्रतीत होता है कि :- 32. The Authority shall in order to facilitate the growth and promotion of a healthy, transparent, efficient and competitive real estate sector make recommendations to the appropriate Government of the competent authority, as the case may be, on,— (a) protection of interest of the allottees, promoter and real estate agent; उपरोक्त से स्पष्ट है कि प्राधिकरण की यह जिम्मेदारी है कि वह रियल एस्टेट सेक्टर को स्वस्थ, पारदर्शी, कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाने तथा रिएल एस्टेट सेक्टर के विकास और प्रोन्नति के लिए आवंटियों और प्रमोटर दोनो के हितों की सुरक्षा करें | शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की कुल बेसिक सेल प्राइस रु0 22,59,600,/ है, जिसके एवज में शिकायतकर्ता द्वारा bo 2,28,498 / का भुगतान किया गया है जो कि यूनिट की कुल कीमत का लगभग 0 प्रतिशत है। ऐसी स्थिति में विपक्षी द्वारा सम्पूर्ण धनराशि को जब्त नहीं किया जा सकता है। विपक्षी द्वारा अनुबंधानुसार 40 प्रतिशत अर्नेस्ट मनी जब्त कर शेष धनराशि शिकायतकर्ता को वापस नहीं की गयी और विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता से प्राप्त धनराशि का उक्त अवधि में उपभोग भी किया गया है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ता द्वारा रिफण्ड की याचना की गयी है। उपरोक्त वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यूनिट की कुल कीमत BO 22,59,600 // का 40 प्रतिशत अर्नेस्ट मनी की कटौती करते हुए शिकायतकर्ता को शेष धनराशि मय ब्याज विपक्षी से वापस दिलाया जाना -यायोचित प्रतीत होता है।
जहां तक शिकायकतकर्ता को मय ब्याज धनराशि वापस किये जाने का प्रश्न है, तो इस सम्बंध में उल्लेखनीय है कि बॉम्बे उच्च न्यायालय के “नीलकमल रियलटर्स सबअर्बन प्रालि. आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया” की याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है कि :- "Section 8(I)(b) lays down that if the promoter fails to complete or is unable to give possession of an aprtment due to discontinuance of his business as a developer on account of suspension or revocation of the registration under the Act or for any other reason, he is liable on demand to 6 > the allottees, in case the allottee wishes to withdraw from the project, without prejudice in this behalf including compensation. If the allottee does not intent to withdraw from the project he shall be paid by the promoter interest for every month's delay till handing over of the possession,. The requirement to pay interest is not a penalty as the payment of interest is compensatory in nature in the light of the delay suffered by the allottee who has paid for his apartment but has not received possession of it. The obligation imposed on the promoter to pay interest till such time as the apartment is handed over to him is not unreasonable."
अतः उपरोक्त निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट है कि रेरा के प्राविधानों के अन्तर्गत प्रमोटर व क्रेता के बीच किये गये अनुबंध के अनुरूप विलम्ब तथा मूल धनराशि पर ब्याज देय होगा, क्योंकि प्रमोटर्स द्वारा उक्त धनराशि का उपभोग किया गया है। जहां तक देय ब्याज दर का प्रश्न है, राज्य सरकार द्वारा भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2046 के अधीन दिनांक 47.40.2048 को भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) (विक्रय /पट्टा के लिए करार) नियमावली 20:8 अधिसूचित की गयी हैं। इसमें दिये गये विक्रय ,/पट्टा विलेख के प्रारूप के प्रस्तर 9 में प्रमोटर्स के डिफाल्ट प्रकरण (Events of default) परिभाषित है, जिसमें प्रस्तर 9.20) में प्रमोटर के डिफाल्टर होने की स्थिति में आवंटी हेतु प्राविधानित है कि:- "The Allottee shall have the option of terminating the Agreement in which case the Promoter shall be liable to refund the entire money paid by the Allottee under any head whatsoever towards the purchase of the apartment, along with interest at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +l% unless provided otherwise under the Rules.
within forty-five days of receiving the termination notice:" यही दर आवंटियों के द्वारा डिफॉल्ट की स्थिति में भी प्रस्तर 9.30) में निर्धारित है। अतः उक्त प्राविधानों के आधार पर शिकायतकर्ता जमा धनराशि मय ब्याज MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से धनराशि प्राप्त करने का अधिकारी है। तदानुसार प्रश्न संख्या-4 निस्तारित किया जाता है। उपरोक्त प्रश्न का निस्तारण करते हुए निम्न आदेश पारित किया जाता हैं :- आदेश 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के अन्दर यूनिट की कुल कीमत Go 22,59,600 ,// पर 40 प्रतिशत अर्नेस्ट मनी शिकायतकर्ता द्वारा जमा की गयी धनराशि रु0 2,28,498 / में से कटौती करते gt अवशेष बची धनराशि पर यूनिट निरस्तीकरण पत्र दिनांक 25.03.20I6 से भुगतान किये जाने की तिथि तक मय MCLR+ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से वापस भुगतान करना सुनिश्चित करें। इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा. अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वार यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है तो शिकायतकर्ता रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन करा सकेंगे। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाए। alg Fie Je OQ.2O2L—- (डा०दीपक स्वरूप सक्सेना) सदस्य उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर