Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mrs. Nirupama Pandey v. Ramprastha Urban Development Pvt. Ltd
Complaint No. NCR145/01/88954/2022
- Decision date
- 2026-01-28
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/63 सपठित नियम-24 44—frprad PAT:—NCR45/0/88954/2022 श्रीमती निरुपमा पांडे बनाम रामप्रस्था ada डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 28.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मनीष अरोड़ा उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राहुल जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा माननीय. उच्च न्यायालय a लम्बित याचिका के सम्बन्ध में अद्यतन स्थिति / प्रार्थना-पत्र / शपथ-पत्र / आदेश की प्रति दाखिल नहीं की गई है। प्रश्नणत शिकायत में माननीय पीठ-04 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 23.08.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- “विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के भीतर शिकायतकर्ता की यूनिट को पुनर्स्थापित करते हुए, इस आदेश के अनुरूप माँग पत्र जारी कर, शिकायतकर्ता से अवशेष धनराशि प्राप्त कर, आवंटन पत्र /अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी. /सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।”
विपक्षी द्वार आज तक माननीय रेरा पीठ-04 द्वारा पारित आदेश 23.08.2023 का अनुपालन नहीं किया गया है और न ही शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और विपक्षी आदेश दिनांकित 23. 08.2023 के अनुपालन में कोई रुचि नहीं ले रहा है। अतः इस सम्बन्ध में विपक्षी पर आदेश का अनुपालन न करने के कारण धारा-63 YAU (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / treet अधिरोपित किया जाना आवश्यक होगा। h— माननीय रेरा पीठ-0१ द्वारा पारित आदेश दिनांक 23.08.2023 के क्रम में प्रस्तुत पत्रावली पीठ के आदेश के उल्लंघन की बाबत भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 की धारा-63 के अन्तर्गत अर्थदण्ड अधिरोपित हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश हो। आदेश की एक प्रति श्रीमान सचिव, रेरा को प्रेषित की जाये। विपक्षी को पुनः निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है।
विपक्षी द्वारा यदि आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में argo. सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए शिकायतकर्ता द्वारा दाखिल प्रार्थना-पत्र दिनांकित 2.06.2025 पर कार्यवाही करते हुए स्वयं इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जायेगा और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जायेगी। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 76.04.2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण