Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Gopal Prasad v. Rise Projects Pvt Ltd
Complaint No. NCR145/01/0965/2020
- Decision date
- 2026-04-30
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 24-शिकायत BA—NCR 45/0/0965/2020 गोपाल प्रसाद बनाम राइज प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 30.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आरुषि रोहिला उपस्थित Be | सुना गया एवं पत्रावलीं का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 22.06.2020 को fad आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता.है कि वह -शिकायतकर्तागण की यूनिट्स की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2024 तक ओ.सी. / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 40.09.2049 से ओ.सी/सी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+H प्रतिशत की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाए। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जाएगी। aifas—i9 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 24.03. 2020 से दिनांक 30.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। 3, विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी. मिलने के उपरान्त जारी करना सुनिश्चित करें। 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20:6 के धारा 2 (४०00) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज MCLR+ प्रतिशत है। 5. विपक्षी द्वारा शिकायतकर्तागण को दिनांक 30.06.2024 तक परियोजना पूर्ण कर कब्जा नहीं दिया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि वह दिनांक 30.06.2024 के पश्चात् जमा धनराशि ब्याज सहित वापस पाने के सम्बन्ध में अपनी शिकायत पुनः रेरा पोर्टल पर दर्ज करा सकेंगे।
6. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लघंन Goro भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 22.06.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0॥ द्वारा दिनांक 22.05. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में धारा-3 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 22.06.2020 के क्रम संख्या-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 22.06.2020 का अनुपालन न किये जाने के कारण Sw प्रकरण को विपक्षी / प्रमोटर के विरुद्ध रेरा अधिनियम, 20I6 की धारा-63 के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित करने हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई।
विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित 3 (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.07.2026 को पेश हो। —=jhe___. आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण