Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Abhishek Gera v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144030376/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-07-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 5—Rrpradt PAT—NCR44030376/209 अभिषेक गेरा बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.06.20:9 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि यदि कोई देय धनराशि अनुबन्ध के अधीन अवशेष है, तो उसे प्राप्त कर शिकायतकर्तागण के फ्लैट की समस्त सुविधाओं को पूर्ण करके 3 दिसम्बर 20I9 8 ot सम्बन्धित प्राधिकरण से ओ.सी/सी.सी प्राप्त कर, देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराये तथा कब्जा देना सुनिश्चित करे। 2. विपक्षी दिनांक 02.44.2044 से दिनांक 30.4.206 तक 5/- रूपये प्रति ate प्रतिमाह की दर से व दिनांक 0:.0520I6 से ओ.सी.//सी.सी. तक की अवधि के लिए शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर निमयानुसार वापस की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के मामलों में अनुबन्ध के अनुरूप गणना की जायेगी।
3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20I6 के धारा 2 (zai) के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर ae द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। 4... विपक्षी दिसम्बर 209 तक शिकायतकर्तागण को कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिसम्बर 2049 के पश्चात् 45 दिन के अन्दर शिकायतकर्तागण द्वारा जमा धनराशि sec प्रतिशत ब्याज सहित अदा करना सुनिश्चित wt) यदि शिकायतकर्तागण की इकाई पर बैंक ऋण लिया गया हो, तो पहले बैंक का भुगतान किया जाये और शेष धनराशि शिकायतकर्तागण को नियमानुसार वापस की जाये। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 6. इस आदेश का उल्लघंन Goro भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 25.07.2049 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0१ए द्वारा दिनांक 44.09. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि-- सचिव को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 25.07.20I9 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज, यदि कोई हो, तो उसका वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें।
अन्तर्गत धारा-38,240,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.0.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण