Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Mohammad Jalis Khan v. Sunworld Residency Private Limited
Complaint No. NCR144/12/67164/2020
- Decision date
- 2026-02-03
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 /63 सपठित नियम-24 46-शिकायत WA:—NCR44/2/6764/2020 मोहम्मद जलीस खान बनाम सनवर्ल्ड रेजिडेंसी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 03.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री वासिक खान उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। रेरा अधिकृत सी.ए की आख्या के विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा अपनी आपत्ति दाखिल की गई है, जिसमें शिकायतकर्ता द्वारा यह कहा गया कि विपक्षी द्वारा होल्डिंग चार्ज एवं विलम्ब ब्याज की धनराशि की मांग की जा रही है। इस सम्बन्ध में माननीय रेरा पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 46.2.2024 का अवलोकन किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ओ.सी./सी.सी. प्राप्त होने की तिथि तक या कब्जा प्रस्ताव-पत्र भेजे जाने की तिथि तक, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता विपक्षी से विलम्ब ब्याज की धनराशि पाने का हकदार होगा तथा यदि शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देय का भुगतान करने में विलम्ब किया जाता है, तो उक्त अवधि का भी शिकायतकर्ता, विपक्षी को waivers प्रतिशत की दर से विलम्ब ब्याज देने के लिए उत्तरदायी होगा।
जहाँ तक होल्डिंग चार्ज का प्रश्न है, तो ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा विनियमन एवं विकास (विक्रय,/ पट्टा के लिए करार) नियमावली, 2048 के प्रस्तर-7.3 के प्राविधानों के अनुसार विपक्षी वैध कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि से, शिकायतकर्ता से 2 रुपये gat फुट प्रतिमाह कारपेट एरिया की दर से होल्डिंग चार्ज प्राप्त करने का अधिकारी होगा, उससे अधिक नहीं और विपक्षी धारा-34 के अन्तर्गत माननीय रेरा पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 6.2.2024 के अनुसार यदि शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि अदा करने न में विलम्ब किया गया है, तो विपक्षी विलम्ब ब्याज शिकायतकर्ता से प्राप्त करने का अधिकारी होगा। अतः विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह उपरोकतानुसार पुनः नया मांग-पत्र बनाकर शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करते हुए रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह विपक्षी को भुगतान की गई धनराशि का विवरण साक्ष्यों / प्रमाण सहित प्रस्तुत करना सुनिश्चित He | पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.05.2026 को पेश हो। == आर. पी. Rie (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण