Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Neha Verma v. Panchsheel Buildtech Pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/12/66948/2020
- Decision date
- 2026-06-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 //63 सपठित नियम-24 22-शिकायत PN—NCR44/2/66948/2020 नेहा वर्मा बनाम पंचशील बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से उनके प्रतिनिधि श्री रवि सेठ उपस्थित हुए। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गय। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 07.02.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी परिवादी को आवंटित इकाई का अधिपत्य ओ.सी/सी. सी के साथ अप्रैल 2022 तक उपलब्ध करायें। (ख) प्रतिवादी विलम्बित अवधि के सम्बंध में ब्याज परिवादी को दिनांक 07.08.2048 से ओ.सी /सी.सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLRH% वार्षिक की दर से प्रतिवादी द्वारा परिवादी को ब्याज भुगतान किया जायेगा। यह धनराशि अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में धनराशि प्रतिवादी द्वारा समायोजित करते हुये अवशेष बची परिवादी को भुगतान की जाएगी। (ग) परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। रेरा अधिनियम की धारा 2 Gay) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा।
(a) परिवादी द्वारा धनराशि भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण किये जाने में हुये विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरियड दिनांक 25 मार्च, 2020 से दिनांक 25.09.2020 की अवधि का ब्याज परिवादी व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नही किया जायेगा। —~__ इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा--63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 07.02.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 (पूर्व पीठ-02) द्वारा दिनांक 45.03.2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 07.02.2022 के क्रम संख्या “क व ख का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 07.02. 2022 को ERI-3t, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “ख“ के अनुसार विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें| विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए।
अन्तर्गत धारा-38,/40,/763 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को इकाई का अधिपत्य उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्याला आदेश दिनांक 08.4.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित् की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को इकाई का अधिपत्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 07.09.2026 को पेश हो। आर. पी सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण