Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Maj Vinod Kumar Dixit Retd v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/12/66838/2020
- Decision date
- 2026-03-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 // 63 सपठित नियम-24 6-शिकायत संख्या:-"0८7]44/]2/66838/2020 मेजर विनोद कुमार दीक्षित सेवानिवृत्त बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 40.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो amit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री तुषार बहादुर उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। genre शिकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 30.42.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के फ्लैट्स की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 28.02.2022 तक ओ.सी oie. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय wera शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 26.03.20I6 से दिनांक 30.04.20॥7 तक 5/-रूपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 02.05.20:7 से ओ.सी./सी. सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब व्याज के रूप में MCLRH प्रतिशत व्याज अदा करना सुनिश्चित at) ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य aad शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार विलम्ब ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः fread भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने क॑ बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 5. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दडनीय होगा। 6. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का क्रियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 30.42.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. te—ore emer दिनांक 24.02. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 30.04.2023 तक फ्लैट का कब्जा दिये जाने की सूचना, आदेश दिनांक 30.42. 2024 के अनुसार अंतिम अकाउन्टस् सैटेल कर रेरा पोर्टल पर अपलोड नहीं की जाती है, तो दिनांक 30.04.2023 के बाद सचिव, रेरा प्रकरण में आदेश दिनांक 30.42.2024 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करायें, जिसके उपरान्त पत्रावली भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत फ्लैट के कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष संदर्भित की जाये।
न्यायनिर्णायक अधिकारी के द्वारा कार्रवाई सम्पन्न करने के उपरान्त पत्रावली रेरा अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत विपक्षी के विरूद्द यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष पेश की जायेगी। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. dis—ory द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.02.2023 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। आदेश दिनांकित 26.09.2023 के अनुसार प्रश्नगत प्रकरण को abeyance में रखा गया था। शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना-पत्र दिनांकित 08.2.2025 दाखिल कर प्रकरण को पुनः सुनवाई किये जाने का अनुरोध किया गया। आदेश दिनांक 49.42.2025 के अनुसार पत्रावली में सुनवाई हेतु आज दिनांक 0.03.2026 नियत की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को is दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 22.04.2026 को पेश हो। आर. पी. ies (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण