Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Dipak Mitra v. Vocational Education Foundation PLOT NO
Complaint No. NCR144/12/66649/2020
- Decision date
- 2026-06-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 20-शिकायत WAM:—NCR I44/2/66649/2020 दीपक मित्रा बनाम वॉकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन आदेश-पत्र दिनांक: 02.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉनन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मनीष अरोड़ा उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित। सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक उसके पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित नहीं कराई गई है। प्रश्नमत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24. 04.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4) oa: प्रतिवादी को निर्देषित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा- 47() के अन्तर्गत परिवादीगण की इकाई का विकय-विलेख निष्पादित करना सुनिष्चित करे। (2) प्रतिवादी / प्रमोटर द्वारा उक्त आदेष का अनुपालन आदेश अपलोड होने की तिथि से 90 दिनों में किया जायेगा और यदि प्रतिवादी द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन 90 दिनों में नहीं किया जाता है तो परिवादीगण को यह अधिकार होगा कि वह उठप्र० भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से उक्त आदेश का कियान्वयन करा सके।
() प्रतिवादी विलम्बित अवधि के सम्बंध में ब्याज दिनांक 08.04.2046 से दिनांक 30.04. 20I7 तक हतस्ताक्षरित अनुबंध / आवंटन पत्र में अंकित कमसंल चमदंसजल की दर से ब्याज दर देय होगा। उसके उपरांत दिनांक 04.05.2047 से 25,/08 /20i9 तक MCLR+ I% की दर से दण्ड ब्याज/फएुशा4॥। interest प्रतिवादी द्वारा को भुगतान किया जायेगा जाय॑ंगा। a (५) इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.04.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 03.02. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 2.04.2022 के क्रम संख्या 4 व 3 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों क॑ अन्तर्गत आदेश दिनांक 24.04.2022 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के विक्रय विलेख की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र.रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 0.04.2026 के लिए संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा, को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 24.04.2022 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 3 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 04.04.2026 से पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 के कार्यवाही के दौरान यूनिट के विक्रय विलेख न कराये. जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.02.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह 2 माह के अन्दर माननीय रेरा पीठ के आदेश के यूनिट का विक्रय विलेख कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 03.09.2026 को पेश हो। =e आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण