Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Akhilesh Kumar Sharma v. Vocational Education Foundation PLOT NO
Complaint No. NCR144/12/66118/2020
- Decision date
- 2026-06-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 24-शिकायत PeA—NCR44/2/668/2020 अखिलेश कुमार शर्मा बनाम वॉकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन आदेश-पत्र दिनांक: 02.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉनन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मनीष अरोड़ा उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 49.04.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रतिवादी परिवादी को आवंटित मूल इकाई का अधिपत्य ओ.सी / सी.सी के साथ मई 2022 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी द्वारा विलम्बित अवधि का ब्याज दिनांक 03.04.2046 से 30.04.20i6 तक आवंटन के अनुसार विलम्बित अवधि का ब्याज देय होगा उसके उपरांत दिनांक 04.05. 20i6 से at. सी /सी.सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLRH% वार्षिक की दर से प्रतिवादी द्वारा परिवादी को ब्याज भुगतान किया जायेगा। यह धनराशि अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित करते हुये अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान की जाएगी।
(ग) परिवादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है परिवादी तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम की धारा 2 (&४)6) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं होगा। (ड) परिवादी द्वारा भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण किये जाने में हुये विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरिएड (लॉकडाउन पीरिएड) दिनांक 25.03. —_ 2020 से दिनांक 25.09.2020 की अवधि का ब्याज परिवादी व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नही किया जायेगा। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 9.04.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 03.02. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 49.04.2022 के क्रम संख्या क व ख का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 206 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 49.04.2022 के क्रम संख्या ख के अनुसार यूनिट के विक्रय विलेख की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र.रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनॉंक 04.04.2026 के लिए संदर्भित की जाती है।
सचिव, उ.प्र. रेरा, को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 49.04.2022 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 3 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 0.042026 8 पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान इकाई का अधिपत्य उपलब्ध न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.02.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह 2 माह के अन्दर माननीय रेरा पीठ के आदेश के शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 03.09.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण