Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Kushal Bhatia v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/12/103566/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Gemini 3.8 Flash, Antigravity), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddha Nagar. Hearing Bench - Adjudicating Officer, Proceedings under Section-88 /40/63 read with Rule-24 43--Complaint UEAM:—NCRI44/2/03566/2022 4 Kushal Bhatia versus ATS Realty Private Limited Order-Sheet Date: 47.44.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was presented. Upon call, learned advocate Mr. Utkarsh appeared on behalf of the complainant. Learned advocate Mr. Puneet Jain appeared on behalf of the respondent. Both parties were heard and the file was perused. It was apprised by the complainant that possession of the unit has not yet been delivered by the respondent, nor has the transfer deed been executed and registered. In the present complaint, following hearing as per rules, the Hon'ble Bench-03 (former Bench-2) passed the following orders on date 29.02.2024:- 4. The respondent is ordered to ensure receiving remaining payable amount against the unit from the complainants, completing all amenities as per the allotment of the unit allotted to the complainants, and handing over possession along with O.C. / C.C. by 30 April, 2024, and obtaining payable stamp duty and executing registration as per rules.
2. The respondent shall ensure paying interest at MCLRH percent on the amount deposited by the complainant of Rs. 44,77,338 / from date 04.04.209 until O.C./C.C. or the date of offer of possession, whichever is later, to the lead complainant. This amount of interest shall be adjusted against the amount to be paid in final payment. In case the interest amount exceeds the payable amount, it shall be refunded to the complainant as per rules. Taking into consideration the force majeure period, interest shall not be calculated for delay in the project from date 25.03.2020 to date 25. 09.2020. Along with this, if there are any Over Dues of the complainant, interest for this period shall not be payable on that as well. In the cases of complainants described at serial numbers 2 and 4 in the said table, interest shall be calculated as stated above on the amount mentioned against each complainant after the date of delivery of possession mentioned in the table in accordance with the allotment letter / agreement.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक wilt क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-88 /40/63 सपठित नियम-24 43--शिकायत UEAM:—NCRI44/2/03566/2022 4 कुशल भाटिया बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 47.44.2025 ह शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री उत्कर्ष उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान ज्धिवकता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना .गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया war) शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही earns विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। yeaa शिकायत में माननीय पीठ-03 (पूर्व पीठ-2) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 29.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. faveft को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण से यूनिट के सापेक्ष अवशेष देय धनराशि प्राप्त करके, शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट आवंटन के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 अप्रैल, 2024 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय vera शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक 04.04.209 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि at. बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा . धनराशि रु. 44,77,338 / पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह घंनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। उक्त तालिका में अंकित क्रम संख्या 2 एवं 4 वर्णित शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुरूप तालिका में अंकित कब्जा दिये जाने की तिथि Sy के उपरांत से प्रत्येक शिकायतकर्ता के सम्मुख अंकित धनराशि पर उपरोक्तानुसार ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(29)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। , 4. आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावालियों पर रखी जाए।
5 इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। नि नहीं 4 6. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 29.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के . अन्तर्गत var आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 28.08. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 29.02.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। ' | उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 29.02.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, ca के समक्ष सुन॒वाई हेतु दिनांक 47.44.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। 4 सचिव, उ.प्र. रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 29.02.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 47.44.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांकित 29.02.2024 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40 ,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ--03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 28.08.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की 7 कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.// सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 He के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बक़ाया देयों के अदा करने पर fuel शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 09.02.2026 को पेश हो। — आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) ¥ उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण