Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Manoj Kumar Sharma v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/12/103529/2022
- Decision date
- 2026-02-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 / 63 सपठित नियम-24 40-शिकायत संख्या:-]000२]44/]2/]03529/2022 मनोज कुमार शर्मा बनाम ग्रेनाइट हिल प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 0.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अतुल कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री मुस्कान शर्मा उपस्थित हुई। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल किया गया है, जिसमें यह कहा गया कि शिकायतकर्ता द्वारा पहली शिकायत संख्या-एन.सी.आर44 / 06 / 0893 / 2049 में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार : सुनवाई के उपरान्त दिनांक 78.03.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता को 4 मार्च 2020 से कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि तक प्री-ई.एम.आई. की धनराशि प्रतिमाह के प्रथम सप्ताह में अदा करना सुनिश्चित करें। 2. विपक्षी द्वारा feel 5 लागातार प्री-ई.एम.आई. की किश्त शिकायतकर्ता को दिये जाने में चूक की जाती है तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि वह अपनी जमा धनराशि वापस पाने के लिए रेरा पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकेगा। शिकायतकर्ता द्वारा अपनी दूसरी शिकायत संख्या-एन.सी. आर444 / 42 / 403529 / 2022 योजित की गई, जिसमें दिनांक 42.0.2023 को माननीय पीठ-04 द्वारा निम्न आदेश पारित किया गया:--
4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.44.2023 तक ओ.सी./ सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री निष्पादित कराना सुनिश्चित करें। =. रे bo 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 44.09.2022 से ओ.सी/सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वाराजमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+ प्रतिशत ब्याज की धनराशि अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। कोविड-49 के कारण फोर्स मैज्योर पीरियड को दृ ष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही इस अवधि में शिकायतकर्ता द्वारा यदि अनुबन्धानुसार अथवा कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है. तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
4. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है. तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा प्राधिकरण के माध्यम से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेंगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 42.40.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत संख्या-एन.सी.आर444 /42 / 403529 / 2022 में धारा-63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-2 (पूर्व पीठ-4) द्वारा दिनांक 03.03.2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों एवं समस्त परिस्थितियों के दृष्टिगत पत्रावली नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु, दिनांक 40.06.2025 को संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 42.40.2023 के प्रस्तर-02 के अनुसार सुनवाई की तिथि दिनांक 30.05.2025 से पूर्व विपक्षी द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली Qe को सुनवाई की तिथि से पूर्व मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें|
यदि मा. न््यायनिर्णायक अधिकारी नियम-24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते हैं कि विपक्षी £ प्रोमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत ost, दिनांक 42.40.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है, तो ऐसी दशा में मा. न्यायनिर्णायक अधिकारी प्रकरण को रेरा अधिनियम की धारा-63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पीठ को वापस सन्दर्भित कर सकते हैं। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान मा. पीठ-2 Gd पीठ-4) द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.03.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ--04 के आदेश दिनांक 42.0.2023 के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./सी.सी. सहित बकाया cal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता बकाया देयों का भुगतान करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 04.05.2026 को पेश हो। अधिक पी. सिं (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण