Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nandan Singh Rawat v. Hebe Infrastructure Private Limited
Complaint No. NCR144/12/0580/2019
- Decision date
- 2026-03-10
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 4-शिकायत संख्या:-]007२44/]2/0580/209 नंदन सिंह रावत बनाम हेबे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (महागुन-ग्रुप) आदेश-पत्र दिनांक: 40.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉम्रैंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता wa उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री संजना उपस्थित हुई | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन्न किया गया। विपक्षी द्वारा इस पीठ के आदेश दिनांक 03.40.2024 का अनुपालन नहीं किया गया है और न ही विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया गया है और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। विपक्षी द्वारा आज तक माननीय Kr पीठ-0॥ए द्वारा पारित आदेश 47.08.2020 का अनुपालन नहीं किया गया है, जिससे प्रतीत होता है कि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना की जा रही है और विपक्षी आदेश दिनांकित 47.08.2020 के अनुपालन में कोई रुचि नहीं ले रहा है। अतः इस सम्बन्ध में विपक्षी पर आदेश का अनुपालन न करने के कारण धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 के अन्तर्गत अर्थदण्ड / पेनल्टी अधिरोपित करने का आदेश दिनांक 02.07.2025 को पारित किया जा चुका है।
क्योंकि विपक्षी द्वारा माननीय रेरा पीठ-0१ए द्वारा पारित आदेश दिनांक 7.08.2020 नहीं किया जा रहा है। अतः ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध कराये जाने एवं रजिस्ट्री कराये जाने हेतु एवं आदेश दिनांकित 47.08.2020 का अनुपालन कराये जाने og aree-2i feta wa संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए दिनांक 02.07.2025 को यूनिट ar ad कर, रिसीवर नियुक्त करने का आदेश पारित किया गया, जिसके अनुसार रेरा अधिकृत रिसीवर द्वारा अपनी कुर्की आख्या दिनांकित 06.08.2025 दाखिल की गई, जिसके अनुसार यह स्पष्ट नहीं था कि शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट किस टावर में स्थिति है, इसलिए शिकायतकर्ता की यूनिट कुर्क नहीं की जा चुकी | हल शिकायतकर्ता को निर्देशित किया गया था कि वह प्रार्थना-पत्र व शपथ-पत्र इस आशय का प्रस्तुत करें कि उसकी आवंटित यूनिट किस टावर (आवंटित यूनिट का पूर्ण विवरण) में स्थित है और साथ में आवंटन-पत्र /बी.बी.ए की प्रति भी दाखिल करना सुनिश्चित करें, ताकि प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही की जा सके। शिकायतकर्ता द्वारा इस सम्बन्ध में प्रार्थना-पत्र एवं शपथ-पत्र दिनांकित 29.0.2025 दाखिल किया गया है। Sat प्रार्थना-पत्र॒ पर उभयपक्षों को सुना गया। शपथ-पत्र दिनांकित 29.0.2025 में शिकायतकर्ता की आवंटित यूनिट का विवरण है।
अतः नियम-24 में दी गई व्यवस्था के अनुसार और नियम-24 की कार्यवाही के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध कराये जाने हेतु आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए तथा कार्यालय आदेश संख्या-3839/ यू पी.रेरा / प्रशा. / 2025-26 दिनांक 28.08.2025 के अनुसार परियोजना-]५ब्वाबढ्ठप Mantra-I] में टावर-गंगा में फ्लौर-20 में यूनिट संख्या-2003 को इस न्यायालय द्वारा कुर्क किया जाता है। अतः श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को पुनः निर्देशित किया जाता है कि वह आदेश दिनांक 02.07.2025 के अनुपालन में परियोजना-शत्राब्र्टणा Mantra-ll 4 टावर-गंगा में फ्लोर-20 में यूनिट संख्या-2003 को कुर्क कर न्यायालय के कब्जे में लेकर अपनी आख्या एक माह के अन्दर इस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत wy, aif seat सिविल ume संहिता के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए स्वयं इस न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराया जा सके और आदेश दिनांक 47.08. 2020 का अनुपालन कराया जा सके। इस आदेश के साथ आदेश दिनांक 02.07.2025 की प्रति श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को प्रेषित की जाये। श्री रजत शर्मा, अवर अभियंता को यह भी निर्देशित किया जाता है कि वह जहाँ तक संभव हो यूनिट की कुर्की शिकायतकर्ता एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधि /अधिवक्ता तथा विपक्षी के प्रतिनिधि / अधिवक्ता की उपस्थिति में पूर्ण करेंगे और उभयपक्ष एवं उनके प्रतिनिधि को पहले से ही इस सम्बन्ध में अवर अभियंता द्वारा सूचित किया जाये। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 25.05.2026 को पेश हो। जे आर. ay (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण