Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Prem Kumar v. Aims Golf Town Developers Private Limited
Complaint No. NCR144/12/0295/2019
- Decision date
- 2026-03-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 4-शिकायत BAT:—NCR44/2/0295/209 प्रेम कुमार बनाम एम्स गोल्फ टाउन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 05.03.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री राज सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री यशोदा उपस्थित gE | उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। उभयपक्षों द्वारा दाखिल जवाब एवं गणना शीट का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा मुख्य रूप से होल्डिंग चार्ज, विलम्ब ब्याज एवं FRAT शुल्क की मांग की गई है। विपक्षी द्वारा आज तक शिकायतकर्ता को कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया है। विपक्षी द्वारा समय से कब्जा न देने के कारण शिकायतकर्ता ने माननीय रेरा पीठ-02 में धारा-34 के अन्तर्गत अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा दिनांक 5.06.2020 को आदेश पारित किया गया कि ओ.सी./सी.सी. सहित शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिसके अनुपालन में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। ऐसी स्थिति में उ.प्र. भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) (विक्रय पट्टा के लिए करार) नियमावली-2048 के नियम-9.2 के अनुसार विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है।
क्योंकि शिकायतकर्ता को अभी तक यूनिट का कब्जा प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए शिकायतकर्ता पिछला कोई मेन््टेनेन्स विपक्षी को अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। जहाँ तक विलम्ब ब्याज का प्रश्न है, तो माननीय रेरा पीठ-02 द्वारा पारित आदेश दिनांक 75.06.2020 के अनुसार यदि शिकायतकर्ता द्वारा धनराशि अदा करने में विलम्ब है किया गया है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता, विपक्षी को विलम्ब ब्याज अदा करने के लिए उत्तरदायी होगा। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह उपरोकतानुसार नया मांग-पत्र बनाकर शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। तद्पश्चात शिकायतकर्ता एक माह के अन्दर बकाया धनराशि विपक्षी को अदा करना सुनिश्चित करें। तदनुसार विपक्षी, शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 20.04.2026 को पेश हो। (न््यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण