Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Nalinee Ranjan v. PATEL ADVANCE JV Registered Office
Complaint No. NCR144/11/85699/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-01-16
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,/ 63 सपठित नियम-24 44-शिकायत संख्या : NCRI44/I/85699/202 नलिनी रंजन बनाम पटेल एडवांस जेवी आदेश-पत्र दिनांक: 46.04.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित एवं विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनित जैन उपस्थित हुए। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-2, द्वारा नियमानुसार सुनवाई उपरान्त दिनांक 08.05.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की यूनिट को अनुबन्ध पत्र के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.07.2023 तक ओ.सी. /सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक i6.47.209 से ओ.सी /सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा स्वयं जमा धनराशि पर MCLR+H प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फौर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (over dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा।
3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 की धारा 2 ७०)() के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जानेपर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा AMcLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर गणना की जायेगी qT उसी दर से गणना की जायेगी। 3 4. इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3, द्वारा दिनांक 05.44.2024 को धारा-38 /40 /63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 08.05.2023 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी उ.प्र. रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 46.04.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र.रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 08.05.2023 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “2” के अनुसार “जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र” जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 46.04.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांकित 08.05.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। आज दिनांक १6.04.2025 को प्रथम सुनवाई हेतु पत्रावली इस पीठ के समक्ष प्रस्तुत की गयी। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश का अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव पत्र वैध ओ.सी.,//सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित यदि कोई हो तो शिकायतकर्ता को 2 सप्ताह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट का कब्जा देते हुए रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु नियत तिथि 27.03.2025 को पेश हो। —{— - आर. पी. fae (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण