Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Prem Chand v. Habitech Infrastructure Ltd
Complaint No. NCR144/11/84940/2021
- Decision date
- 2026-02-20
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी, 45-शिकायत WI—NCRI44//84940/202 प्रेम चंद बनाम हैबिटेक इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 20.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो omit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता अनुपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री मानेन्द्र कुमार उपस्थित हुए। yer शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 5.06.2022 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- (क) प्रस्तुत परिवादों में परिवादीगण द्वारा जमा धनराशि मय ब्याज वापस दिलाये जाने का अनुतोष निरस्त किया जाता है। (ख) प्रतिवादी, परिवादीगण को आवंटित इकाई का अधिपत्य ओ. सी/सी.सी सहित अगस्त 2022 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ग) प्रतिवादी, परिवादी को दिनांक 04.04.2049 से ओ.सी/सी.सी प्राप्त होने अथवा अधिपत्य ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, तक की अवधि पर शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+I% की दर से दण्ड ब्याज, penal interest प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान किया जाएगा। यह धनराशि अधिपत्य दिये जाने के समय अंतिम देय धनराशि में समायोजित किया जाएगा तथा अवशेष बची धनराशि प्रतिवादी द्वारा परिवादी को भुगतान की जाएगी। अन्य परिवादीगण के प्रकरण में विलम्बित अवधि की गणना अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी।
(ग) परिवादीगण द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो परिवादीगण बकाया अवशेष धनराशि का प्रतिवादी को भुगतान करें। परिवादीगण द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है, तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम की धारा 2(७४)6) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी है परन्तु परिवादी द्वारा ब्याज MCLR+H% की दर से अधिक देय नहीं होगा। ne (घ) प्रतिवादी द्वारा मूलभूत सुविधाओं के सम्बंध में शुल्क दोनों पक्ष के मध्य हस्ताक्षारित आवंटन पत्र/अनुबंध पत्र में निहित शर्तों के अनुसार ही प्राप्त करेगा तथा परिवादीगण द्वारा जो धनराशि इस मद में भुगतान कर दी गयी है वह समायोजित किया जाएगा। (ड) परिवादीगण द्वारा भुगतान में किये गये विलम्ब व प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण किये जाने में हुये विलम्ब के लिए फोर्स मैज्योर पीरियड दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 30.09.2020 तथा वर्ष 2024 में 03 माह की अवधि का ब्याज परिवादीगणों व प्रतिवादी द्वारा भुगतान नहीं किया जायेगा। परिवादीगण आवंटित इकाई के सापेक्ष जमा की गयी धनराशि के सम्बंध में समस्त अभिलेखीय साक्ष्य लेखा विभाग के समक्ष धनराशि गणना हेतु प्रस्तुत करेंगे। आदेश की एक-एक प्रति उक्त सम्बन्धित पत्रावली पर रखी जाए। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20:6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 45.06.2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-02 द्वारा दिनांक 27.0. 2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:-
उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 5.06.2022 के क्रम संख्या ख व ग का अनुपालन नहीं किया है। अतः सचिव रेरा को निर्देशित किया जाता है कि भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-38,40,/63 के अन्तर्गत पीठ द्वारा दिनांक 45.06. 2022 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या ग क॑ अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 206 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 / 40, 63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 48.0.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु आज प्रथम बार इस पीठ के समक्ष पेश Be | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा हे,
करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का अधिपत्य उपलब्ध कराते हुए अपनी अनुपालन आख्या रेरा पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 20. 05.2026 को पेश हो.। — आर. पी. Rig 27७ (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण