Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vijay Narayan Shukla and Archana Shukla v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/11/65782/2020
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-03-19
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 43-शिकायत UA—NCR44//65782/2020 विजय नारायण शुक्ला एवं अर्चना शुक्ला बनाम ग्रेनाइट हिल प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 49.03.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो rain के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित gu) विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत अपनी शिकायत योजित की Ay प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-2, द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.40.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के यूनिट्स की समस्त सुविधाओं को आवंटन पत्र,/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 30.06.2022 तक ओ.सी. / सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 27.03.2020 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाए। अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। कोविड--49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन एवं फोर्स मैज्योर को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। \- 3. विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र ओ.सी./ सी.सी. सहित जारी करना सुनिश्चित करें। 4 विपक्षी का निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2006 के धारा 2७४)0) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLRH प्रतिशत है। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्तों के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत deta होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये।
विपक्षी द्वारा उक्त आदेश का अनुपालन न करने के कारण शिकायतकर्ता द्वारा उक्त आदेश के निष्पादन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। तदोपरान्त शिकायत में मा. पीठ-+ द्वारा दिनांक 06.07.2023 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- अतः समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा धारा-3 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 26.40.202 के क्रम संख्या-2 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित He पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 26.40.2024 का विपक्षी द्वारा अनुपालन न किये जाने के कारण रक्त प्रकरण को विपक्षी / प्रमोटर के विरुद्ध रेरा अधिनियम, 2006 की धारा-63 के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित करने हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराने व यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित न कराये जाने के कारण श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 28.42.2024 के अनुसार पत्रावलीं नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को भेजी गयी। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. JOR, सहित बकाया eat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 45 दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट का कब्जा देते हुए रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई Yv
आपत्ति et, तो वह अपनी आपत्ति /लिखित जवाब दाखिल कर सकता है। उभयपक्षों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी-अपनी गणना शीट रेरा पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना सुनिश्चित करें। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु नियत तिथि 02.06.2025 को पेश हो | आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण