Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Indrajeet Singh v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/11/65372/2020
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- Not recorded
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
———— ae Soyo भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | पीठ-2 उपस्थिति :- श्री बलविन्दर कुमार, सदस्य क्रम सं0 शिकायत संख्या शिकायतकर्तागण् यूनिट wo | धनराशि रु. /- t. | NCR44/I/65372/2020 इंद्रजीत सिंह कण 32,79,776/- 2... | NCRI44/4/65375/2020 अंजली मित्तल.|. 284 ॥ 33,40,777/- बनाम ए.टी.एस रियलटी प्रा० लि० शिकायतकर्ता इंद्रजीत सिंह के सांथ अंजली मित्तल द्वारा विपक्षी के विरूद्ध वाद योजित किया गया है। इन दोनों शिकायतों के तथ्य समान हैं और एक समान साक्ष्य हैं। यह दोनों शिकायतें परियोजना से सम्बन्धित हैं। अतः एक ही निर्णय से इनका निस्तारण किया जा रहा है। शिकायत do NCRI44//65372/2020 इंद्रजीत सिंह अग्रणी वाद रहेगा। प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्द कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना “ATS ALLURE" में यूनिट संख्या- 707i बुक किया गया था, जिसके लिए उनके द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 32,79,776/- ' रुपये का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि विपक्षी द्वारा iia 4 पूर्ण कर कब्जा दिया जाना था, परन्तु अभी तक कब्जा § | ए86व & एवं विपक्षी द्वारा कब्जा दिये जाने में 36 माह का विलम्ब किया गया है। aa: शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्दर कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से अपने कथन के समर्थन में डिमांड लैटर, बुकिंग फॉर्म, आवंटन पत्र दिनांक 42.02.2044, जमा धनराशि की रसीदें आदि की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं।
प्राधिकरण की ओर से विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए सूचित किया गया था कि निर्धारित तिथि पर 04.03.202 को उपस्थित होकर आवश्यक साक्ष्यों सहित अपना लिखित अभिकथन /जवाब प्रस्तुत करें। विपक्षी विभिन्न तिथियों पर उपस्थित रहा है, जिसके कम में उन्हें निर्देशित किया गया था कि वह अपना जवाब दाखिल / अपलोड करें, जिसकी एक प्रति शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध करायें। अंतिम सुनवाई दिनांक 44.08.2024 को नियत की गयी थी, जिसमें विपक्षी पुनः उपस्थित रहे। विपक्षी को पर्याप्त अवसर दिये जाने पर भी उनके द्वारा कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया, परन्तु अंतिम सुनवाई दिनांक 44.08.2024 को विपक्षी द्वारा पीठ के समक्ष कहा गया है कि वह परियोजना पूर्ण कर शिकायतकर्ता को दिसम्बर 2024 तक कब्जा दे देंगे। शिकायतकर्ता को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया। पक्षकारों के अभिवचनों के आधार पर निम्नलिखित वाद बिन्दु विचारणीय किये गये :- 4... कया शिकायतकर्ता कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज पाने का अधिकारी है? Qv Page 2 Se ा-आ नरम न निस्तारण बिन्दु सं० 4 शिकायतकर्ता का कहना है कि विपक्षी द्वारा अभी तक परियोजना पूर्ण कर कब्जा नहीं दिया गया है, जिस कारण विलम्बित अवधि के ब्याज सहित कब्जा दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। सुनवाई दिनांक 4.08.202 को विपक्षी द्वारा पीठ के समक्ष कहा गया है कि वह परियोजना पूर्ण कर शिकायतकर्ता को दिसम्बर 202 तक कब्जा दे | देंगे।
शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में आवंटन-पत्र दिनांक 42.022044की छायाप्रति दाखिल की गयी है, जिसके पृष्ठ सं0-7 के प्रस्तर-7.2 के अवलोकन से विदित है कि विपक्षी द्वारा आवंटन पत्र निष्पादित होने की तिथि से 42 माह एवं 3 माह की अनुग्रह अवधि के साथ कब्जा दिया जाना or) ऐसे में आवंटन-पत्र / अनुबंध पत्र निष्पादित होने की तिथि से उक्त अवधि की गणना किया जाना उचित होगा। उक्त आवंटन-पत्र दिनांक 42.02. 2044 को उभयपक्षों द्वारा हस्ताक्षरित करते हुए निष्पादित किया गया था। ऐसे में उपरोक्तानुसार कब्जे की तिथि 30.24.2007 होती है। यह स्पष्ट है कि परियोजना विलम्बित है और ऐसे में शिकायतकर्ता दिनांक 30.44.2047 से ओ.सी /सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि पर विलंबित अवधि का ब्याज पाने का अधिकारी है। इस सम्बंध में उल्लेखनीय है कि माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय के "लीलकमल रियलटर्स सबअर्बन प्रालि. आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया " की याचिका में माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है fr "Section 8(l)(b) lays down that if the promoter fails to complete or is unable to give possession of an aprtment due to discontinuance of his business qv Page 3
& a developer on account of suspension or revocation of the registration under the Act or for any other reason, he is liable on demand to the allottees, in case the allottee wishes to withdraw from the project, without prejudice in this behalf including compensation. If the allottee does not intent to withdraw from the project he shall be paid by the promoter interest for every month's delay till handing over of the possession,. The requirement to pay interest is not a penalty as the payment of interest is compensatory in nature in the light of the delay suffered by the allottee who has paid for his apartment but has not received possession of it. The obligation imposed on the promoter to pay interest till such time as the apartment is handed over to him is not unreasonable." अतः उपरोक्त निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट है कि रेरा के प्राविधानों के अन्तर्गत प्रमोटर व So के बीच किये गये अनुबंध के अनुरूप विलम्ब तथा मूल धनराशि पर ब्याज देय होगा, क्योंकि प्रमोटर्स द्वारा vad धनराशि का उपभोग किया गया है। जहां तक देय ब्याज दर का प्रश्न है, राज्य सरकार द्वारा भू-सम्पदा _(विनियमन एवं विकास) अधिनियम 2046 के अधीन दिनांक 7.0.20i8 को भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) (विकय,पटटा के लिए करार) नियमावली 2048 अधिसूचित की गयी हैं। इसमें संलग्नक के रूप में दिये गये विकय /पटटा विलेख के प्रारूप के प्रस्तर 9 में प्रमोटर्स के डिफाल्ट प्रकरण (Events of default) परिभाषित है, जिसमें प्रस्तर 9.2 (ii) F प्रमोटर के डिफाल्टर होने की स्थिति में आवंटी हेतु प्राविधानित है किः-
"The Allottee shall have the option of terminating the Agreement in which case the Promoter shall be liable to refund the entire eee 5 १ 284 whatsoever towards the purchase of the apartment, along with interest at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +I% unless provided otherwise under the | money paid by the Allottee under any head | | Rules. within forty-five days of receiving the | termination notice: " यही दर आवंटियों के द्वारा डिफॉल्ट की स्थिति में भी प्रस्तर 9.30) में | निर्धारित है। उक्त प्राविधान को दृष्टिगत रखते हुए आवंटी को लाए प्रतिशत की ब्याज दर पर विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। | जहां तक किस अवधि तक का ब्याज दिलाये जाने का प्रश्न है। इस सम्बंध में सिविल अपील do 6649-50,/2048 "सुपरटेक लिमिटेड बनाम रजनी गोयल" में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है कि :- " The period of Interest should close on April 206 when the Full Occupancy Certificate was obtained as per the admission of the Respondent — Purchaser herself in Para 4(j) of the Consumer Complaint, wherein she has admitted that the Appellant —Builder had obtained the Completion Certificate as late as April 206. The Respondent — Purchaser could not have any further grievance after April 206 with respect to delay in handing iS over possession. The Respondent — Purchaser ought not to be allowed to reap the benefits of her | own delay in taking possession."
| उपरोक्त विधि व्यवस्था के अनुसार ओ.सी. / सी.सी. मिलने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो की तिथि तक शिकायतकर्ता विलम्ब ——=— eee Page 5 a a का अधिकारी होगा। ऐसी दशा में शिकायतकर्ता ओ.सी.,सी.सी. मिलने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो तक की अवधि तक विलम्ब के लिए पाने के अधिकारी होगें। इसके अतिरिक्त दिनांक 47.40.2048 को उ0प्र0 शासन आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 की अधिसूचना Weat—-7740 / 8-3--8-65 विविध ,/ 46 के द्वारा मॉडल wiktre के प्रस्तर-7 में फोर्स मैज्योर के सम्बन्ध में निम्न उल्लेख किया गया है :- 7. POSSESSION OF THE APARTMENT/PLOT: "7. Schedule for possession of the said [Apartment/Plot] - The Promoter agrees and understands that timely delivery of possession of the {Apartment/Plot] to the Allottee and the Common Areas to the association of Allottees or the competent authority, as the case may be, is the essence of the Agreement. The Promoter assures to hand over possession of the [Apartment/Plot] along with ready and complete Common Areas with all specifications, amenities and facilities of the Project in place on , unless there is delay or failure due to war, flood, drought, fire, cyclone, earthquake or any other calamity caused by nature affecting the regular development of the real estate project ("Force Majeure"). If, however, the completion of the Project is delayed due to the Force Majeure conditions then the Allottee agrees that the Promoter shall be entitled to the extension of time for delivery of possession of the [Apartment/Plot]:"
Page 6 इसी कम में समस्त सुसंगत तथ्यों के बाद Toro रेरा अथॉरिटी द्वारा दिनांक 20.05.2020 को aifas—t9 (Corona Virus Disease) के प्रभाव के कारण सभी परियोजनाओं को पूर्ण करने हेतु दिनाक 25.03.2020 से 6 माह की अवधि अर्थात् दिनांक 25.09.2020 तक की अवधि दे दी गयी है और यह अवधि फोर्स मैज्योर की अवधि मानी जायेगी। इसको दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25. 03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलग्ब हेतु कोई ब्याज प्रोमोटर द्वारा आवंटियों को नहीं दिया जाएगा और न ही शिकायतकर्ता से कोई विलम्ब ब्याज लिया जायेगा। तद्नुसार बिन्दु Wee निस्तारित किया जाता | है। उपरोक्त बिन्दुओं का निरतारण करते हुए निम्न आदेश पारित किये जाते | ee आदेश 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र / अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.42.2024 तक पूर्णता हेतु चारों प्रमाण-पत्र अथवा BANA. / सी. सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। ee 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 30.44.207 से ओ.सी /सी.सी प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो, की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत की वार्षिक | ब्याज दर रो विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। | साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। afas—t9 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में १४ a se Page 7
= एवं फोर्स मैज्योरको दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। 3. विपक्षी का निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के धारा Aza) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर MCLR+I प्रतिशत है। 4. विपक्षी उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर पत्र जारी करना सुनिश्चित करे। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस ओदश में प्रतिपादित Remit के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक :-- 40/ 09 / 2024 -0],2८-८-- (बलविन्दर कुमार) (सदस्य) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण eS Page 8