Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Atul Kumar Singh v. Gaursons Realtech Private Limited
Complaint No. NCR144/11/64332/2020
- Decision date
- 2026-07-02
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 /63 सपठित नियम-24 34-शिकायत BM—NCR I44/I/64332/2020 अतुल कुमार सिंह बनाम गौरसंस रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 29.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो amit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आरूषी उपस्थित हुईं। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता<श्री आरिफ खान उपस्थित By | vend शिकायत में Ae पीढ४04ए द्वारा न्रियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 79.07.2022 को निम्नवत्नब्आदेशं-पारित्न०किये>गये हैं:- 4. facelt को आदेशित fear snare fe - (क) यदि शिकायतकर्ता के ce wR sigs द्वारा किसी तृतीय पक्ष के अधिकार सृजित नहीं हुए हों, तो वह शिकायतकर्ता के प्रश्नगत प्लॉट को पुर्नस्थापित करते हुए, इस आदेश के अनुरूप संशोधित माँग पत्र जारी कराकर, शिकायतकर्ता से अनुबन्ध के अनुसार अवशेष धनराशि प्राप्त कर आगामी 2 माह में कब्जा देना सुनिश्चित करें। (ख) शिकायतकर्ता को भी आदेशित किया जाता है कि वह संशोधित माँग पत्र मिलने के तीस दिन के भीतर, विपक्षी को अवशेष धनराशि का भुगतान करना सुनिश्चित करें।
(ग) विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 04.05.206 से ओ.सी.,/सी.सी. प्राप्त किये जाने की तिथि (07.05.2049) तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में fs भटा,।२+प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी we Co किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की ‘ore ak यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार <शिकायतकर्ता को वापस की जाये। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। साथ ही पुनः कब्जा ऑफर करने की तिथि तक कोई होल्डिंग चार्जेज या अनुरक्षण व्यय शिकायतकर्ता द्वारा देय न होगा। = ZN tro éi dar (a) विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेश अधिनियम 2076 की धारा Aa अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर adel के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अत दिलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRiafaet की ब्याज दर से व्याज देव होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेस लागू होने के बाद आवटी से विलम्ब हेतु ली गयी है. तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी।
2 यदि प्रश्नगत प्लॉट किसी तृतीय पक्ष को आवंटित हो चुका है तथा अनुबन्ध मी हस्ताक्षरित हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिनों के अन्दर शिकायतकर्ता द्वारा जमा सम्पूर्ण धनराशि (बैंक को दिये गये प्री-ई.एम.आई. सहित) जमा करने की तिथि से धनराशि लौटाने की तिथि तक, भ८टा॥२+प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें, क्योंकि प्लॉट पुन बेचा जा चुका है, निश्चय ही बैंक ऋण को बिल्डर द्वारा सैटेल किया जा चुका होगा। 3. इस आदेश का उल्लधन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा 63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दडनीय होगा। 4. यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन"नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि रेरा“प्राधिकरणकेँ माध्यम -से अपने आदेश का कियान्वयन करा सकेंगे। ै विपक्षी द्वारा आदेश दिनाक 79.07/2022 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38 /40%63 के«अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उक्त निष्पादन की कार्यवाही के दौरान सम्बन्धित पीठ द्वारा यूनिट का कब्जा नहीं दिलाया गया और न ही रजिस्ट्री कराई जा सकी। आदेश दिनांक 40.04.2025 माननीय पीठ संख्या-04 (पूर्व में पीठ-0ए) द्वारापत्रावली नियम-24 के | पत्रावली के अवलोकन से यह भी स्पष्ट है कि धारा-38 /40,/63 की कार्यवाही के oe कार्यवाही करने हेतु इस पीठ को weft की गई। "We a 00. 222 पीठ संख्या-0 (पूर्व A Ae—-o7y) द्वारा पारित आदेश दिनांकित 40.0.2025 के * \s 27 पृष्ठ संख्या-8 पर निम्न आदेश पारित किये गये हैः-
“प्रश्गगत आवंटित प्लॉट अथवा अनुबन्ध के अनुरूप समान दरों पर विपक्षी कम्पनी की किसी अन्य विकसित परियोजना में समकक्ष इकाई के वैकल्पिक प्लॉट के भौतिक कब्जे की कार्यवाही हेतु माननीय न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष पेश हो” विपक्षी की ओर से प्रार्थना पत्र इस आर्य का दाखिल किया गया है कि माननीय अपीलीय अधिकरण द्वारा धारा-38 /40/63 की अपील निरस्त कर दी गयी है, इसलिए नियम-24 कार्यवाही रोक दी जायें। [कली माननीय अपीलीय अधिकरण द्वारा पारित निर्णय दिनांकित 08.04.2026 में माननीय रेरा पीठ संख्या-4ए द्वारा धारा-63 के अन्तर्गत आदेश दिनांकित 40.04.2025 को निरस्त कर दिया गया है। जिसकी प्रति विपक्षी द्वारा रेरा पोर्टल पर अपलोड की गयी है। vat आदेश दिनाकित 40.04.2025 के द्वारा ही पीठ को नियम-24 के अन्तर्गत पत्रावली संदर्भित की गयी ef) ऐसी स्थिति में इस पीठ के समक्ष नियम-24 के अन्तर्गत कार्यवाही का कोई औचित्य नहीं रह जाता है। पत्रावली सम्बन्धित पीठ को वापस भेजी जाये। माननीय अपीलीय अधिकरण द्वारा पारित निर्णय दिनांकित 08.04.2026 के अनुक्रम में !पलाब्त्क अग्रिम कार्यवाही हेतु सम्बन्धित पीठ को वापस भेजी जाये। पत्रावली सम्बन्धित पीठ को तत्काल वापस भेजी जाये। आदेश रेरा पोर्टल पर अपलोड किया जाये। ae fe Set A LEN Kix ots As 9 आर. पी. सिंह 89९७० 8 tga) य (न्यायनिर्णायक अधिकारी) Corey <a $7 उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण Pa 9