Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sunil Mittal v. Sikka Infrastructure Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/11/1259/2019
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-10-09
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 सपठित नियम-24 24-शिकायत PeA—NCR I 44//7259/209 सुनील मित्तल बनाम सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 09.40.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री साक्षी मित्तल उपस्थित हुई। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही रजिस्ट्री कराई गई है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 40.08.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकाग्रतकर्ता के यूनिट की समस्त सुविधाओं को आवंटन-पत्र/अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 37.03.2024 तक ओ. सी.//सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 05.04.2045 से दिनांक 30.04.20I6 तक 5/— रुपये प्रतिवर्ग फूट प्रतिमाह की दर से व दिनांक 04.05.2046 से ओ.सी./ सी.सी. प्राप्त होने अथवा कब्जा ऑफर किये जाने, जो भी बाद में हो की तिथि तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि पर MCLRH प्रतिशत की दर से विलम्बित अवधि का ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जाएगी और यदि ब्याज की धनेराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाए। कोविड 49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुए लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जाएगी। — 3, विपक्षी, उपरोक्तानुसार कब्जा ऑफर TA ओ.सी.// सी.सी. सहित जारी करना सुनिश्चित करें। 4... विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम 2046 के' धारा 2 (४०)(0) के अन्तर्गत ब्याज को परिभाषित किया गया है कि रेरा लागू होने के बाद यदि कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित ब्याज दर 'टा॥२+ प्रतिशत है। इस आदेश का Vets उठप्र०भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 40.08.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थन-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-2 द्वारा दिनांक 05.40. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- यह स्पष्ट है कि विपक्षी द्वारा आदेश का उल्लंघन किया गया है। ऐसे में इस पत्रावली को धारा-63 के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38/40/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध जानें एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण माननीय अध्यक्ष महोदय, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 42.02.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को सँदर्भित की गई। पत्रावली आज नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष प्रथम बार पेश हुई | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को एक माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बक्ताया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 42.42.2025 को पेश atl — 5 5 मम आर. पी. सिंह (arate अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण