Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arun Kumar v. S.p.sai.it.pvt. Ltd
Complaint No. NCR144/11/102855/2022
- Decision date
- 2026-01-08
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | पीठ-3 रेक्टिफिकेशन आदेश अन्तर्गत धारा-39 शिकायत संख्या :--8०८-३9//९८ा२44//02855/2022 एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. बनाम अरूण कुमार पत्रावली रेरा अधिनियम की धारा 39 के अन्तर्गत उभयपक्षों की बहस सुनकर आदेशरर्थ सुरक्षित की गयी थी। पत्रावली के अवलोकन से विदित है कि वर्तमान प्रकरण में शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा धारा-39 के अन्तर्गत संशोधन प्रार्थना पत्र पीठ द्वारा दिनांक 04.42.2024 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश में सशोधन किये जाने के उद्देश्य से दिनांक 24.07.2025 को दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा संसोधन प्रार्थना पत्र मे उललेखित किया गया है कि पीठ द्वारा Wr अधिनियम की धारा 39 के अन्तर्गत पारित आदेश मे आवंटी द्वारा विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि गलत अंकित कर दी गयी है क्योकि आवंटी द्वारा यूनिट की बेसिक कीमत रू 8,77,225/- के सापेक्ष रू 47,08,485/— का भुगतान किया गया है इसके अतिरिक्त पीठ द्वारा पारित आदेश में यह तथ्य अंकित नही किया गया है कि विपक्षी द्वारा दिनांक 48.04.2024 को अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया है। अतः शिकायतकर्ता vat. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा पीठ द्वारा पारित आदेश मे उपरोक्त संसोधन किये जाने का अनुरोध किया गया है।
विपक्षी अरूण कुमार द्वारा शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा दाखिल संशोधन प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल की गयी है कि शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा संशोधन प्रार्थना पत्र मे यह तथ्य अंकित किया गया है कि पीठ द्वारा रेरा अधिनियम की धारा 34 के अन्तर्गत पारित आदेश मे आवंटी द्वारा विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि गलत अंकित कर दी गयी है जोकि संधार्णीय नही है क्योकि शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा दाखिल एपलिकेन्ट लेजर दिनांकित 26.07.2025 4 आवंटी द्वारा विपक्षी को भुगतान की गयी धनराशि w 755,363 /— अंकित की गयी है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा यह तर्क किया है कि पीठ द्वारा पारित आदेश में यह तथ्य अंकित नही किया गया है कि विपक्षी को दिनांक 08.04.2024 को अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया है इस सम्बन्ध में विपक्षी अरूण कुमार द्वारा यह तथ्य अंकित किया गया है कि शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. द्वारा आदेश होने की तिथि तक अधिभोग प्रमाण पत्र की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड नही की गयी तथा अधिभोग प्रमाण पत्र दिनांकित 48.04.2024 विपक्षी अरूण कुमार के टावर 02 से सम्बन्धित नही है। विपक्षी अरूण कुमार द्वारा उल््लेखित किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा चाहे गये उपरोक्त संशोधन रेरा अधिनियम की धारा 39 की परिधि मे नही है क्योकि उपरोक्त संशोधन से प्रकरण मे पारित मूल आदेश के सारवान भाग में परिवर्तन हो जाएगा।
शिकायतकर्ता की ओर से संशोधन प्रार्थना पत्र रेरा अधिनियम की धारा-39 के अन्तर्गत दिनांक 24. 07.2025 को योजित किया गया है। जबकि पीठ द्वारा धारा-3 के अन्तर्गत मूल आदेश दिनांक 04.42.2024 को पारित किया गया है। इस प्रकार शिकायतकर्ता की ओर से age संशोधन प्रार्थना पत्र रेरा अधिनियम की धारा-39 में प्राविधानित 2 वर्ष की अवधि के भीतर है। न्यायालय द्वारा पारित अंतिम आदेश में त्रुटि परिशोधन /संशोधन हेतु भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 206 की धारा-39 में निम्नवत् प्रावधान किया गया है :- प्राधिकरण, अभिलेखों से प्रकट किसी गलती को सुधारने की दृष्टि से, इस अधिनियम की अधीन किये गये आदेश की तारीख से दो वर्ष की अवधि के भीतर किसी समय, उसके द्वारा पारित किसी आदेश को संशोधित कर सकेगा और यदि पक्षकारों द्वारा उसके ध्यान में गलती लायी जाती है तो ऐसा संशोधन करेगा। परन्तु ऐसा कोई संशोधन किसी आदेश के सम्बंध में, जिसके विरुद्द इस अधिनियम के अधीन अपील प्रस्तुत की गयी है, नहीं किया जायेगा। यह कि प्राधिकरण अभिलेख से प्रकट किसी गलती का सुधार करते समय, इस अधिनियम के उपबन्ध के अधीन पारित उसके आदेश के सारवान् भाग का संशोधन नहीं करेगा। उपरोक्त से यह निष्कर्ष निकलता है कि शिकायतकर्ता एस.पी. साई आईटी. प्रा. लि. द्वारा संशोधन प्रार्थना पत्र दिनांक 24.07.2025 के माध्यम से जो वांछित संशोधन चाहा गया है वह रेरा अधिनियम की धारा-39 की परिधि में नहीं आता है क्योंकि शिकायतकर्ता द्वारा चाहे गये वांछित संशोधन से गुण-दोष के आधार पर धारा-34 के अन्तर्गत पारित मूल आदेश दिनांक 04.42.2024 के सारवान भाग में परिवर्तन हो जाएगा।
उक्त तथ्यों एवं रेर अधिनियम की धारा 39 को दृष्टिगत रखते हुए शिकायतकर्ता एस.पी. साई आई.टी. प्रा. लि. की ओर से प्रस्तुत संशोधन प्रार्थना पत्र दिनांक 24.07.2025 निरस्त किया जाता है। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। पत्रावली दाखिल दफ्तर हो। : (= Se a. oes डा० दीपक स्वरूप सक्सेना (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण