Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ashu Kumar Aggarwal and Monika Aggarwal v. Solitaire Realinfra Private Limited
Complaint No. NCR144/11/102805/2022
- Decision date
- 2026-02-25
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 ,//63 सपठित नियम-24 24-शिकायत GAT—NCR44//02805/2022 आशु कुमार अग्रवाल एवं मोनिका अग्रवाल बनाम सॉलिटेयर रियलइन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 25.02.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री यश प्रताप सिंह उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री शशांक उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 05.07.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह आदेश पोर्टल पर अपलोड होने की तिथि से 45 दिन के भीतर शिकायतकर्तागण से यूनिट के सापेक्ष अवशेष धनराशि प्राप्त कर, शिकायतकर्ता की यूनिट आवंटन पत्र,/अनुबंध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर ओ.सी / सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प Yow प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री कराएं।
2. विपक्षी, अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक 07.04.20I9 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि wo 49,83,044/- (रु. stra लाख तिरासी हजार ग्यारह) पर धटा॥सा प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्ता के प्रकरण में बिल्डर बायर एणग्रीमेंट =H के अनुरूप उक्त तालिका में अंकित कब्जा दिये जाने की तिथि के उपरांत से शिकायतकर्ता के सम्मुख अंकित धनराशि पर उपरोक्तानुसार ब्याज की गणना की जायेगी। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को fear जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+H प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये।
5... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2006 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 05.07.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 27.44. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त विश्लेषण व तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 05.07.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 05.07.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 25.02.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र.रेरा, को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 05.07.2024 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि &.32,00,000/ पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 25.02.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा 63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,40,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं यूनिट की रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 27.44.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 की सुनवाई हेतु इस पीठ के समक्ष पेश हुई | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो, ~ शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 22.05.2026 को पेश हो। SS -sepeiek आर. पी. सिंह 28 [०५ (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण