Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ami Bansal and Sachin Bansal v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/11/102356/2022
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-17
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक weet क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40,/63 सपठित नियम-24 44-शिकायत संख्या:--0८0२44/]/]02356/2022 अमी बंसल एवं सचिन बंसल बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र . दिनांक: 47.44.2025 ' शिकायतकर्ता का वाद वीडियो amit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री उत्कर्ष उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गंया। शिकायतकर्ता द्वारा अवग॒त 'कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। प्रश्नगत शिकायत में माननीय पीठ-03 (पूर्व पीठ-2) द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 29.02.2024 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4... विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि as शिकायतकर्तागण से यूनिट के सापेक्ष अवशेष देय धनराशि प्राप्त करके, शिकायतकर्तागण को आवंटित afte आवंटन के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 अप्रैल, 2024 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक o7.04.20I9 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा घनराशि wo 45,50,748 / पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करनी सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। उक्त तालिका में अंकित क्रम. संख्या 2 शिकायतकर्ता के प्रकरण में आवंटन पत्र/अनुबन्ध के अनुरूप तालिका में अंकित कब्जा दिये जाने की तिथि के उपरांत से शिकायतकर्ता के सम्मुख अंकित धनराशि पर उपरोक्तानुसार ब्याज की गणना की जायेगी | 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2(2४)0) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया. जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान ue शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावालियों पर रखी जाए।
5... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6. विपक्षी द्वारा यदि इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा सकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 29.02.2024 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 26.08. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेंश दिनांक 29.02.2024 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 206 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 29.02.2024 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न्यायनिर्णायक sey, SAR के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 47.:4.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र. रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 29.02.2024 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 47.:4.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि =a निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही के दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत धारा-34, दिनांकित 29.02.2024 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेशा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 के कार्यवाही. के दौरान शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये GI के कारण मा. पीठ--03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.08.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की ~s कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। पत्रावली नियम-24 ,की कार्यवाही हेतु इस पीठ के समक्ष आज प्रथम बार पेश हुई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/ सी.सी. सहित बकाया cal की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 2 माह के अन्दर प्रेषिंत करना खुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल ux भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया eal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का भौतिक कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में आवंटित यूनिट की रजिस्ट्री निष्पादित करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल क़र सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 09.02.2026 को पेश हो | (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण By