Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Kamal Dureja v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/11/0511/2019
- Decision date
- 2026-07-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40/63 सपठित नियम-24 42-शिकायत PEIM—NCR44/7/05/20I9 कमल दुरेजा बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 45.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो emit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | आज सुनवाई के दौरान उभयपक्ष अनुपस्थित हैं। wera शकायत में माननीय पीठ-04ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 26.02.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के फ्लैट की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34. 03.2020 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 43.44.2042 से दिनांक 30.4.20I6 तक 5/- रूपये प्रति वर्गफुट प्रतिमाह की दर से व दिनांक o7.0520I6 से ओ.सी./ सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी। 3. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि रेरा अधिनियम 20I6 के धारा 2 (ay) के अन्तर्गत परिभाषित किया गया है कि यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी
के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट — ¥. किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। ब्याज की दर MCLRH प्रतिशत होनी चाहिए। 4. यदि विपक्षी, शिकायतकर्तागण को दिनांक 34.03.2020 तक कब्जा देने में असफल रहता है, तो दिनांक 34.03.2020 के पश्चात् 30 दिनों के अन्दर शिकायतकर्तागण द्वारा जमा धनराशि MCLRH प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर सहित वापस अदा करना सुनिश्चित करें। 5. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की जायेगी | 6. इस आदेश का उल्लघंन उठप्र०भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 20i6 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 26.02.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-04ए द्वारा दिनांक 44.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- समस्त तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव को निर्देशित किया जाता है कि यदि विपक्षी द्वारा दिनांक 34.03.2022 तक विलम्बित अवधि के ब्याज को समायोजित,भुगतान करते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा देकर, सूचना कम्पलेन्ट पेज पर अपलोड नहीं की जाती है, तो ऐसी स्थिति में पीठ द्वारा पूर्व 4 ast के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांक 26.02.2020 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज का वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें।
अन्तर्गत धारा-38,/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी./ सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया eal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.0.2026 को पेश हो। SK =" >> 9० आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण